देहरादून | 22 अक्टूबर 2026

उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में जनकल्याण, शिक्षा, महिला सशक्तीकरण, दिव्यांगजनों की सहायता और पर्यटन सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर फैसले लिए गए। कैबिनेट से जुड़े उपलब्ध समाचारों के अनुसार, बैठक में निराश्रित महिलाओं के लिए आर्थिक सहायता योजना, दिव्यांग विद्यार्थियों को परीक्षा में राहत और हरिद्वार में दो नए निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना जैसे प्रस्ताव प्रमुख रहे।

सरकार के इन फैसलों का उद्देश्य सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने, उच्च शिक्षा के अवसर बढ़ाने और राज्य के विकास को गति देना है। हालांकि, उपलब्ध रिपोर्टों में प्रस्तावों की कुल संख्या को लेकर अंतर है—एक रिपोर्ट में लगभग 26 प्रस्तावों पर मुहर लगने की बात कही गई है, इसलिए 22 प्रस्तावों की संख्या की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।

 

1. निराश्रित और एकल महिलाओं के लिए मुख्यमंत्री एकल नारी सम्मान योजना

कैबिनेट के प्रमुख फैसलों में निराश्रित और एकल महिलाओं को आर्थिक सहायता देने के लिए मुख्यमंत्री एकल नारी सम्मान योजना को मंजूरी देना शामिल है। इस योजना का उद्देश्य ऐसी महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है, जिन्हें जीवनयापन और परिवार की जिम्मेदारियों को पूरा करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

योजना के माध्यम से जरूरतमंद महिलाओं को सहायता उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया है। हालांकि, उपलब्ध रिपोर्ट में सहायता की निश्चित राशि, पात्रता की विस्तृत शर्तें और भुगतान की समय-सीमा का उल्लेख नहीं है।

2. दिव्यांग विद्यार्थियों को बोर्ड परीक्षा में पांच अंकों की राहत

दिव्यांगजनों और विद्यार्थियों के हित में कैबिनेट ने उत्तराखंड बोर्ड की परीक्षाओं में दिव्यांग छात्र-छात्राओं को पांच अंकों की विशेष छूट यानी ग्रेस मार्क्स देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।

इस निर्णय से पात्र दिव्यांग विद्यार्थियों को परीक्षा परिणाम में राहत मिल सकती है। इसका उद्देश्य उनकी शैक्षणिक प्रगति को प्रोत्साहित करना और शिक्षा के क्षेत्र में अवसरों को अधिक समावेशी बनाना है।

हालांकि, यह स्पष्ट होना बाकी है कि यह छूट किन परीक्षाओं और किन श्रेणियों के विद्यार्थियों पर लागू होगी तथा इसे लागू करने के लिए क्या विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे।

3. हरिद्वार में खुलेंगे दो नए निजी विश्वविद्यालय

उच्च शिक्षा के क्षेत्र में विस्तार के लिए हरिद्वार में दो नए निजी विश्वविद्यालय स्थापित करने के प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है। उपलब्ध समाचार रिपोर्ट में इन विश्वविद्यालयों के नाम आरोग्यम विश्वविद्यालय और बीएमएस विश्वविद्यालय बताए गए हैं।

इन संस्थानों की स्थापना से राज्य में उच्च शिक्षा के अवसर बढ़ने और विद्यार्थियों को नए शैक्षणिक विकल्प मिलने की संभावना है। इससे हरिद्वार और आसपास के क्षेत्रों में शिक्षा से संबंधित गतिविधियों को भी बढ़ावा मिल सकता है।

हालांकि, विश्वविद्यालयों में पाठ्यक्रमों की उपलब्धता, प्रवेश प्रक्रिया, संचालन शुरू होने की तारीख और सीटों की संख्या की विस्तृत जानकारी संबंधित आधिकारिक अधिसूचनाओं से ही स्पष्ट होगी।

4. अनुसूचित जाति और जनजाति के विद्यार्थियों को मुफ्त कोचिंग का लाभ

आर्थिक रूप से कमजोर अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के विद्यार्थियों के लिए निशुल्क कोचिंग योजना का लाभ बढ़ाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है।

रिपोर्ट के अनुसार, इस योजना का लाभ लेने के लिए परिवार की वार्षिक आय सीमा को दो लाख रुपये से बढ़ाकर आठ लाख रुपये करने को मंजूरी दी गई है।

इस बदलाव से पहले की तुलना में अधिक विद्यार्थी पात्र हो सकेंगे। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए आर्थिक संसाधनों की कमी का सामना कर रहे युवाओं को इससे मदद मिलने की उम्मीद है।

5. खिलाड़ियों को रोडवेज बसों में मुफ्त यात्रा

खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर पदक या पुरस्कार जीतने वाले उत्तराखंड के खिलाड़ियों को उत्तराखंड रोडवेज की बसों में निःशुल्क यात्रा की सुविधा देने का निर्णय भी रिपोर्ट में शामिल है।

इसके अलावा, प्रत्येक जिले में खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देने के लिए मुख्य खेल प्रशिक्षकों की नियुक्ति से संबंधित फैसला भी बताया गया है।

इन कदमों का उद्देश्य खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराना और खेल गतिविधियों में उनकी भागीदारी को बढ़ावा देना है। मुफ्त यात्रा की सुविधा के लिए पात्रता और लागू होने वाली शर्तों का विवरण आधिकारिक आदेश में स्पष्ट होगा।

6. 7,412 करोड़ रुपये के अनुपूरक बजट को मंजूरी

बैठक से जुड़ी रिपोर्ट के अनुसार, सरकार ने आगामी विधानसभा सत्र में पेश किए जाने वाले लगभग 7,412 करोड़ रुपये के अनुपूरक बजट को भी मंजूरी दी है।

अनुपूरक बजट का उपयोग उन अतिरिक्त व्यय आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए किया जाता है, जिनके लिए मूल बजट में पर्याप्त प्रावधान नहीं होता या जिनकी आवश्यकता बाद में सामने आती है।

इस बजट का विभागवार आवंटन, विभिन्न योजनाओं के लिए प्रस्तावित राशि और खर्च की प्राथमिकताएं आधिकारिक बजट दस्तावेजों से स्पष्ट होंगी।

7. पर्यटन और राज्य के विकास पर सरकार का फोकस

उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था में पर्यटन की महत्वपूर्ण भूमिका है। धार्मिक पर्यटन, प्राकृतिक स्थलों, साहसिक पर्यटन और स्थानीय रोजगार को बढ़ावा देना राज्य के लिए अहम विषय हैं।

कैबिनेट बैठक से पहले जारी समाचार में पर्यटन विभाग से जुड़े प्रस्तावों पर चर्चा की संभावना जताई गई थी। हालांकि, बैठक के बाद उपलब्ध विस्तृत रिपोर्ट में पर्यटन से संबंधित प्रत्येक स्वीकृत प्रस्ताव, उसकी वित्तीय लागत और क्रियान्वयन की समय-सीमा की पूरी जानकारी नहीं दी गई है। इसलिए किसी विशेष पर्यटन परियोजना को मंजूरी मिलने का दावा आधिकारिक पुष्टि के बिना नहीं किया जा सकता।

8. अन्य महत्वपूर्ण फैसले

उपलब्ध रिपोर्ट में कुछ अन्य प्रशासनिक और जनहित से जुड़े निर्णयों का भी उल्लेख किया गया है:

  • पंतनगर और आधारभूत ढांचा: इस बैठक की पुष्टि उपलब्ध रिपोर्ट में नहीं है, लेकिन अक्टूबर में हुई पिछली कैबिनेट बैठक में पंतनगर ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के विस्तार के लिए 66.29 करोड़ रुपये जारी करने का निर्णय लिया गया था।

  • ऊधमसिंह नगर: राजकीय आश्रम पद्धति बालिका आवासीय विद्यालय को हाईस्कूल स्तर तक उन्नत करने के प्रस्ताव को मंजूरी दिए जाने की जानकारी है।

  • स्टांप विवाद: स्टांप से जुड़े मामलों के निस्तारण के लिए वन टाइम सेटलमेंट योजना को मंजूरी देने का भी उल्लेख है।

  • सड़क और पुल निर्माण: संबंधित रिपोर्ट में सड़क और पुल निर्माण की स्वीकृति प्रक्रिया को सरल बनाने के फैसले का उल्लेख किया गया है।

आम जनता पर क्या पड़ेगा असर?

कैबिनेट के इन निर्णयों का प्रभाव अलग-अलग वर्गों पर पड़ सकता है। निराश्रित महिलाओं के लिए प्रस्तावित योजना सामाजिक सुरक्षा को मजबूती दे सकती है। दिव्यांग विद्यार्थियों को परीक्षा में राहत से शैक्षणिक अवसर बढ़ सकते हैं। वहीं, नए विश्वविद्यालयों और मुफ्त कोचिंग की पात्रता में विस्तार से उच्च शिक्षा तथा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों को लाभ मिलने की संभावना है।

खिलाड़ियों के लिए मुफ्त बस यात्रा और प्रशिक्षण सुविधाओं से खेल क्षेत्र को प्रोत्साहन मिल सकता है। दूसरी ओर, अनुपूरक बजट से जुड़ी योजनाओं का वास्तविक प्रभाव इस बात पर निर्भर करेगा कि धनराशि किन विभागों को दी जाती है और योजनाओं को जमीन पर कितनी तेजी से लागू किया जाता है।

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By admin

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