काफी वक्त से रुपए की कीमत में गिरावट देखी जा रही है। अब भारतीय रुपया में जबरदस्त गिरावट देखी गई। जिससे ये डॉलर के मुकाबले अपने ऑल टाइम लो पर चला गया है। डॉलर की घरेलू फॉरेक्स मार्केट में बढ़ी मांग, ग्लोबली और घरेलू बाजारों में भारी बिकवाली और व्यापार की अनिश्चितताओं के चलते रुपए में भारी गिरावट देखी गई। ये 89.66 पर पहुंच गया है।भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले अब तक के सबसे निचले स्तर पर चला गया है। फॉरेक्स विशेषज्ञों मानते है कि AI यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टेक्नोलॉजी स्टॉक्स में संभावित बबल की आशंका के चलते निवेशक को थोड़ा कमजोर किया। साथ ही विदेशी फंडों की लगातार गिरावट के चलते भी रुपए पर काफी दबाव पड़ रहा है।एक्सपर्ट्स की माने तो रुपए में आई कमजोरी किसी वैश्विक झटके के कारण नहीं बल्कि घरेलू स्तर पर अचानक से डॉलर की बढ़ती मांग से आई है। उनके अनुसार डॉलर इंडेक्स, कच्चे तेल के दाम, सोना, उभरती अर्थव्यवस्थाओं की करेंसी आदि में कुछ खासा बदलाव नजर नहीं आया। जिससे ये बात साफ हो गई कि रुपया की कीमतों में गिरावट पूरी तरह घरेलू फॉरेक्स डिमांड के हुई है।विश्लेषकों की माने तो क्रिप्टोकरेंसी में भारी गिरावट, AI से जुड़े टेक स्टॉक्स का टूटना और ग्लोबल मार्केट में बढ़ता रिस्क ऑफ मोड ने उभरती अर्थव्यवस्थाओं की मुद्राओं में असर डाला है। इसी के चलते रुपया भी कमजोर हुआ है। इसके साथ ही भारत और अमेरिका व्यापार समझौते में भी अनिश्चितता को लेकर भी बाजार की चिंता बढ़ी है।

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