काठमांडू/झापा: नेपाल के संसदीय चुनाव 2026 के नतीजों ने पूरे देश को चौंका दिया है। रैपर से राजनेता बने और काठमांडू के पूर्व मेयर बालेन्द्र शाह (बालेन शाह) ने नेपाल की पारंपरिक राजनीति की जड़ें हिला दी हैं। बालेन शाह की राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) न केवल काठमांडू घाटी में क्लीन स्वीप कर चुकी है, बल्कि देशव्यापी स्तर पर प्रचंड बहुमत की ओर बढ़ रही है।
सबसे बड़ा उलटफेर: झापा-5 में केपी ओली की ऐतिहासिक हार
इस चुनाव का सबसे चर्चित मुकाबला झापा निर्वाचन क्षेत्र संख्या-5 में था, जहाँ बालेन शाह ने चार बार के पूर्व प्रधानमंत्री और दिग्गज नेता 

 को भारी अंतर से हरा दिया है:

यह हार इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि झापा-5 को केपी ओली का अभेद्य किला माना जाता था। बालेन शाह ने नेपाल के संसदीय इतिहास में किसी भी उम्मीदवार द्वारा प्राप्त अब तक के सर्वाधिक वोट (68,348) पाकर नया रिकॉर्ड बनाया है।
राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) का प्रदर्शन
प्रारंभिक रुझानों और अब तक के परिणामों के अनुसार, रवि लामिछाने के नेतृत्व वाली और बालेन शाह समर्थित RSP एक बड़ी राजनीतिक ताकत बनकर उभरी है:
  • सीटों पर बढ़त: पार्टी 165 प्रत्यक्ष निर्वाचित सीटों में से 100 से अधिक सीटों पर बढ़त बनाए हुए है या जीत चुकी है।
  • काठमांडू घाटी: काठमांडू की सभी 10 सीटों पर RSP ने जीत दर्ज की है, जिससे नेपाली कांग्रेस और CPN-UML जैसे पुराने दल हाशिए पर चले गए हैं।
  • युवा शक्ति का उदय: इस जीत को नेपाल के ‘Gen-Z’ (नई पीढ़ी) के आंदोलन और भ्रष्टाचार के खिलाफ युवाओं के विद्रोह के रूप में देखा जा रहा है।
अगले प्रधानमंत्री की दौड़ में सबसे आगे
35 वर्षीय बालेन शाह अब नेपाल के अगले प्रधानमंत्री बनने के सबसे प्रबल दावेदार माने जा रहे हैं। यदि वह प्रधानमंत्री बनते हैं, तो वह नेपाल के इतिहास के सबसे कम उम्र के पीएम होंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि बालेन की जीत नेपाल की पुरानी और पारंपरिक राजनीतिक व्यवस्था के अंत का संकेत है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *