गैरसैंण: उत्तराखंड सरकार राज्य में बढ़ते कैंसर के मामलों को लेकर गंभीर है। विधानसभा सत्र के चौथे दिन प्रश्नकाल के दौरान स्वास्थ्य मंत्री

डॉ. धन सिंह रावत ने घोषणा की कि खाद्य पदार्थों में मिलावट और कैंसर का कारण बनने वाले रसायनों को चिह्नित करने के लिए सरकार एक विशिष्ट नियमावली (Rulebook) तैयार करेगी।
मुख्य बिंदु:
  • विधायक का सवाल: भाजपा विधायक 
    बृजभूषण गैरोला

     ने सदन में मिलावटी खाद्य पदार्थों और उनसे होने वाली गंभीर बीमारियों का मुद्दा उठाया था।

  • सख्त निगरानी: मंत्री ने बताया कि सरकार अब बाजार में बिकने वाले पैकेज्ड फूड और अन्य खाद्य सामग्रियों में इस्तेमाल होने वाले रसायनों की गहन जांच करेगी। कैंसर का कारण बनने वाले तत्वों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे।
  • नियमित अभियान: मिलावटखोरी रोकने के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FDA) विभाग हर महीने एक सप्ताह का विशेष अभियान चलाएगा। इसमें शहरों के साथ-साथ हाट-बाजारों को भी जांच के दायरे में लाया जाएगा।
  • जांच के आंकड़े: सदन में दी गई जानकारी के अनुसार, वर्ष 2023-24 और 2024-25 के दौरान कुल 3,311 नमूने लिए गए, जिनमें से 330 नमूने असुरक्षित या मिलावटी पाए गए। इन सभी मामलों में कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
  • नई प्रयोगशाला: राज्य में खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला (Food Testing Lab) 31 मार्च 2026 से पूरी तरह कार्य करना शुरू कर देगी, जिससे नमूनों की जांच में तेजी आएगी।
  • रिक्त पदों पर भर्ती: खाद्य सुरक्षा विभाग में अधिकारियों की कमी को दूर करने के लिए उत्तराखंड लोक सेवा आयोग को 28 पदों पर भर्ती का अधियाचन भेजा गया है।
स्वास्थ्य मंत्री ने आश्वासन दिया कि विधायकों द्वारा उठाई गई चिंताएं जायज हैं और सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि बाजार में केवल गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री ही उपलब्ध हो। इस दिशा में कैंसर को एक ‘अधिसूचित बीमारी’ (Notifiable Disease) के रूप में वर्गीकृत करने पर भी विचार किया जा रहा है ताकि इसके प्रसार को बेहतर तरीके से ट्रैक किया जा सके।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *