देहरादून में आईटी पार्क स्थित एक कंपनी में कार्यरत सॉफ्टवेयर इंजीनियर के साथ लूटपाट और हत्या के प्रयास की एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। बदमाशों ने न केवल इंजीनियर को लूटा, बल्कि उन्हें जामुनवाला स्थित एक पुल से नीचे नदी में फेंक दिया।
देहरादून:
राजधानी देहरादून के वसंत विहार थाना क्षेत्र के जामुनवाला में सुरक्षा व्यवस्था को धता बताते हुए बदमाशों ने एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर को अपना निशाना बनाया। रिपोर्ट के अनुसार, 23 वर्षीय आकाश कुमार, जो आईटी पार्क की एक कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं, के साथ यह वारदात गुरुवार (8 मई 2026) की देर रात हुई।
राजधानी देहरादून के वसंत विहार थाना क्षेत्र के जामुनवाला में सुरक्षा व्यवस्था को धता बताते हुए बदमाशों ने एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर को अपना निशाना बनाया। रिपोर्ट के अनुसार, 23 वर्षीय आकाश कुमार, जो आईटी पार्क की एक कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं, के साथ यह वारदात गुरुवार (8 मई 2026) की देर रात हुई।
मदद के बहाने किया अगवा
आकाश अपनी नाइट शिफ्ट खत्म कर रात करीब 2 बजे सहस्रधारा क्रॉसिंग पर घर जाने के लिए कैब का इंतजार कर रहे थे। इसी दौरान स्कूटी पर सवार दो युवक उनके पास आए और अपना मोबाइल खो जाने का बहाना बनाकर आकाश से मदद मांगी। बदमाशों ने उन्हें अपनी बातों में उलझाया और स्कूटी पर बैठाकर जामुनवाला के सुनसान इलाके में ले गए।
आकाश अपनी नाइट शिफ्ट खत्म कर रात करीब 2 बजे सहस्रधारा क्रॉसिंग पर घर जाने के लिए कैब का इंतजार कर रहे थे। इसी दौरान स्कूटी पर सवार दो युवक उनके पास आए और अपना मोबाइल खो जाने का बहाना बनाकर आकाश से मदद मांगी। बदमाशों ने उन्हें अपनी बातों में उलझाया और स्कूटी पर बैठाकर जामुनवाला के सुनसान इलाके में ले गए।
लूटपाट और जानलेवा हमला
सुनसान जगह पर ले जाकर बदमाशों ने आकाश के साथ मारपीट शुरू कर दी। रिपोर्टों के अनुसार, लुटेरों ने उनसे उनके मोबाइल फोन, बैग और नकद रुपये लूट लिए। इसके बाद, साक्ष्य मिटाने और उन्हें गंभीर हानि पहुँचाने की नीयत से बदमाशों ने आकाश को जामुनवाला पुल से नीचे नदी में फेंक दिया। बताया जा रहा है कि बदमाशों ने ऊपर से उन पर पत्थर भी फेंके ताकि वे वहां से निकल न सकें।
सुनसान जगह पर ले जाकर बदमाशों ने आकाश के साथ मारपीट शुरू कर दी। रिपोर्टों के अनुसार, लुटेरों ने उनसे उनके मोबाइल फोन, बैग और नकद रुपये लूट लिए। इसके बाद, साक्ष्य मिटाने और उन्हें गंभीर हानि पहुँचाने की नीयत से बदमाशों ने आकाश को जामुनवाला पुल से नीचे नदी में फेंक दिया। बताया जा रहा है कि बदमाशों ने ऊपर से उन पर पत्थर भी फेंके ताकि वे वहां से निकल न सकें।
पिलर के सहारे बचाई जान
पुल से गिरने के कारण आकाश को गंभीर चोटें आईं और उनके शरीर में फ्रैक्चर हो गया। असहनीय दर्द के बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और पुल के पिलर के पास रहकर अपनी जान बचाई। वे रातभर नदी के किनारे पत्थरों के बीच सहायता का इंतज़ार करते रहे। सुबह जब वहां से कुछ स्थानीय लोग गुजरे, तो उन्होंने घायल युवक को देखा और तुरंत पुलिस को इस बात की सूचना दी।
पुल से गिरने के कारण आकाश को गंभीर चोटें आईं और उनके शरीर में फ्रैक्चर हो गया। असहनीय दर्द के बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और पुल के पिलर के पास रहकर अपनी जान बचाई। वे रातभर नदी के किनारे पत्थरों के बीच सहायता का इंतज़ार करते रहे। सुबह जब वहां से कुछ स्थानीय लोग गुजरे, तो उन्होंने घायल युवक को देखा और तुरंत पुलिस को इस बात की सूचना दी।
पुलिस की कार्रवाई और उपचार
सूचना मिलने पर पुलिस और बचाव दल ने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया और आकाश को सुरक्षित बाहर निकाला। वर्तमान में उनका उपचार दून अस्पताल में चल रहा है, जहाँ डॉक्टर उनकी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अज्ञात बदमाशों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है और इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगालना शुरू कर दिया है ताकि आरोपियों की पहचान की जा सके।
सूचना मिलने पर पुलिस और बचाव दल ने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया और आकाश को सुरक्षित बाहर निकाला। वर्तमान में उनका उपचार दून अस्पताल में चल रहा है, जहाँ डॉक्टर उनकी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अज्ञात बदमाशों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है और इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगालना शुरू कर दिया है ताकि आरोपियों की पहचान की जा सके।
पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि घटनाक्रम किस प्रकार शुरू हुआ, क्योंकि प्रारंभिक जांच में युवक स्कूटी पर बैठकर जाता हुआ दिखाई दिया था। पुलिस की कई टीमें आरोपियों की तलाश में जुटी हैं और जल्द ही उनकी गिरफ्तारी की उम्मीद जताई जा रही है। स्थानीय निवासियों ने इस घटना के बाद क्षेत्र में रात्रि गश्त बढ़ाने की मांग की है।