देहरादून: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे के विकास, जन-सुविधाओं के विस्तार और आपदा न्यूनीकरण (Mitigation) के कार्यों को गति देने के लिए 44.64 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है। इस धनराशि का उपयोग मुख्य रूप से सड़कों के सुदृढ़ीकरण, औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITI) के आधुनिकीकरण और आपदा संभावित क्षेत्रों में सुरक्षा कार्यों के लिए किया जाएगा।

प्रमुख घोषणाएं और बजट आवंटन:
  • औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITI) का विकास: मुख्यमंत्री ने प्रदेश के राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में आधुनिक तकनीक और बेहतर प्रशिक्षण सुविधाओं के विकास के लिए 9.49 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की है। इसका उद्देश्य युवाओं को रोजगारपरक कौशल प्रदान करना है।
  • सड़क और बुनियादी ढांचा: विभिन्न जिलों में क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत और नए निर्माण कार्यों के लिए बजट का एक बड़ा हिस्सा आवंटित किया गया है। इसमें लोहाघाटपिथौरागढ़ और बागेश्वर जैसे पर्वतीय क्षेत्रों में सड़क संपर्क सुधारने पर विशेष ध्यान दिया गया है।
  • आपदा न्यूनीकरण के प्रयास: मानसून और प्राकृतिक आपदाओं के दृष्टिगत, संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा दीवार के निर्माण और नदी तटबंधों को मजबूत करने के लिए धन जारी किया गया है। विशेष रूप से चमोली और उत्तरकाशी जिलों में आपदा राहत कार्यों को प्राथमिकता दी गई है।
  • जन-सुविधाएं: स्थानीय निकायों और ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल योजनाओं और सामुदायिक भवनों के निर्माण के लिए भी प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है।
विधानसभा वार मुख्य कार्य:
  1. चम्पावत विधानसभा: लोहाघाट-देवीधुरा मार्ग के सुदृढ़ीकरण हेतु बजट आवंटित।
  2. सहसपुर विधानसभा: सहसपुर में जल निकासी और बाढ़ सुरक्षा कार्यों के लिए राशि मंजूर।
  3. धारचूला और मुनस्यारी: आपदा प्रभावित क्षेत्रों में पुनर्निर्माण कार्यों के लिए विशेष प्रावधान।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि स्वीकृत कार्यों को समयबद्ध सीमा के भीतर पूरा किया जाए और काम की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार का समझौता न हो। उन्होंने कहा कि सरकार का मुख्य ध्येय ‘अंत्योदय’ है, यानी विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचना चाहिए।
स्रोत: यह जानकारी मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO Uttarakhand) के आधिकारिक बयानों और राज्य सूचना विभाग (DIPR Uttarakhand) द्वारा जारी हालिया रिपोर्टों पर आधारित है।

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