देहरादून: राजधानी में एलपीजी गैस वितरण को लेकर बढ़ती अफरातफरी और शिकायतों के बीच मुख्यमंत्री

पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। जिलाधिकारी सविन बंसल ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि एलपीजी गैस के अवैध भंडारण, कालाबाजारी, अवैध रिफिलिंग या इसमें बिचौलियों की संलिप्तता पाए जाने पर सीधे जेल भेजने की कार्रवाई की जाएगी। रिपोर्ट केके अनुसार, यह कार्रवाई आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 और भारतीय न्याय संहिता (BNS) के प्रावधानों के अंतर्गत की जाएगी।
प्रशासनिक सख्ती और प्रमुख दिशा-निर्देश:
  • एजेंसियों पर सख्त नजर: यदि किसी गैस एजेंसी पर अवैध संग्रहण या बिचौलियों की मिलीभगत पाई जाती है, तो उस एजेंसी को तत्काल सील कर दिया जाएगा। Live SKG News
  • कंट्रोल रूम की स्थापना: आम जनता की समस्याओं के त्वरित निस्तारण के लिए जिलाधिकारी ने कंट्रोल रूम स्थापित किया है। नागरिक निम्नलिखित नंबरों पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं:
    • हेल्पलाइन नंबर: 1077, 0135-2626066, 0135-2726066
    • व्हाट्सएप नंबर: 7534826066 Uttarakhand DIPR – Facebook
  • बुकिंग का नया नियम: पैनिक बुकिंग को रोकने के लिए एक रिफिल के बाद दूसरी बुकिंग के लिए 25 दिन का लॉक-इन पीरियड अनिवार्य कर दिया गया है। 
  • छापेमारी अभियान: उप जिलाधिकारियों (SDM) को निर्देश दिए गए हैं कि वे सीओ (CO) और पूर्ति निरीक्षकों के साथ मिलकर अपने क्षेत्रों की गैस एजेंसियों और गोदामों पर सरप्राइज रेड करें। वर्तमान में सभी 72 गैस एजेंसियों के गोदाम प्रशासन की रडार पर हैं। 
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में एलपीजी की कोई कमी नहीं है और लोग अफवाहों पर ध्यान न दें। Business Standard के अनुसार, सरकार स्थिति की बारीकी से निगरानी कर रही है ताकि उपभोक्ताओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।

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