नई दिल्ली: मई महीने की पहली तारीख से ही आम जनता और व्यापारियों को महंगाई का जबरदस्त करंट लगा है। देश की प्रमुख तेल विपणन कंपनियों (OMCs) ने 19 किलो वाले कमर्शियल एलपीजी (LPG) सिलेंडर की कीमतों में एक झटके में ₹993 की भारी बढ़ोतरी कर दी है। यह अब तक की सबसे बड़ी एकदिवसीय वृद्धि बताई जा रही है, जिससे व्यावसायिक क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।
बाजार और आम आदमी पर प्रभाव:
- होटल और रेस्टोरेंट: कमर्शियल गैस की कीमतों में इतनी बड़ी उछाल का सीधा असर बाहर खाने-पीने की चीजों पर पड़ेगा। होटल, ढाबा और रेस्टोरेंट संचालक अब खाने की कीमतों में बढ़ोतरी कर सकते हैं।
- कैटरिंग व्यवसायी: शादियों के सीजन के बीच आई इस बढ़ोतरी ने कैटरिंग और रिजॉर्ट मालिकों का गणित बिगाड़ दिया है, क्योंकि उन्होंने पुरानी दरों पर बुकिंग की थी।
- छोटू सिलेंडर (5kg FTL): छोटे परिवारों और मजदूरों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले 5 किलो वाले फ्री ट्रेड एलपीजी सिलेंडर के दाम भी ₹261 बढ़ा दिए गए हैं।
- घरेलू रसोई गैस (14.2kg): राहत की बात यह है कि घर में इस्तेमाल होने वाले 14.2 किलो के सिलेंडर और पेट्रोल-डीजल की कीमतों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है।
कीमतों में वृद्धि का मुख्य कारण:
विशेषज्ञों और सरकारी सूत्रों के अनुसार, पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में जारी युद्ध और तनाव के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित हुई है। इसके चलते कच्चे तेल और अंतरराष्ट्रीय एलपीजी की कीमतों में भारी उछाल आया है। केंद्र सरकार ने इसे वैश्विक संकट बताते हुए अन्य देशों की तुलना में भारत में कीमतों को संतुलित रखने का दावा किया है।
विशेषज्ञों और सरकारी सूत्रों के अनुसार, पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में जारी युद्ध और तनाव के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित हुई है। इसके चलते कच्चे तेल और अंतरराष्ट्रीय एलपीजी की कीमतों में भारी उछाल आया है। केंद्र सरकार ने इसे वैश्विक संकट बताते हुए अन्य देशों की तुलना में भारत में कीमतों को संतुलित रखने का दावा किया है।
मेट्रो शहरों में नई दरें (19kg कमर्शियल):
- दिल्ली: ₹3,071.50 (₹993 की वृद्धि)
- कोलकाता: ₹3,355 (₹1,147 की वृद्धि)
- मुंबई: ₹3,046.50 (₹1,015.50 की वृद्धि)
- चेन्नई: ₹3,259.50 (₹1,013 की वृद्धि)
कीमतों में इस वृद्धि के साथ-साथ सरकार ने LPG बुकिंग के नियमों में भी बदलाव किया है, जिसके तहत अब शहरी क्षेत्रों में बुकिंग के बीच का अंतराल 21 दिन से बढ़ाकर 25 दिन कर दिया गया है। [