हरिद्वार: बुद्ध पूर्णिमा के पावन अवसर पर आज धर्मनगरी हरिद्वार में श्रद्धालुओं का भारी सैलाब उमड़ पड़ा। वैशाख पूर्णिमा के इस विशेष दिन पर लाखों भक्तों ने गंगा के विभिन्न घाटों पर आस्था की डुबकी लगाई। सुबह ब्रह्ममुहूर्त से ही हर की पैड़ी, मालवीय द्वीप और सुभाष घाट जैसे प्रमुख स्थानों पर जय मां गंगे के उद्घोष गूंजने लगे थे।
प्रशासनिक व्यवस्था और सुरक्षा:
भीड़ के अत्यधिक दबाव को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस ने व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए हैं:
भीड़ के अत्यधिक दबाव को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस ने व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए हैं:
- क्षेत्र का विभाजन: पूरे मेला क्षेत्र को 8 जोन और 21 सेक्टरों में बांटा गया है ताकि व्यवस्था सुचारू रहे।
- पुलिस बल की तैनाती: वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) नवनीत सिंह भुल्लर के निर्देशन में पैरामिलिट्री (SSB) की तीन कंपनियां और भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
- निगरानी: सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरों, डॉग स्क्वायड और बीडीएस (BDS) टीमों द्वारा लगातार निगरानी की जा रही है।
यातायात योजना (Traffic Plan):
श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रशासन ने एक सख्त यातायात प्लान लागू किया है:
श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रशासन ने एक सख्त यातायात प्लान लागू किया है:
- भारी वाहनों का शहर में प्रवेश रात 12 बजे से ही प्रतिबंधित कर दिया गया है।
- दिल्ली, मेरठ और मुजफ्फरनगर से आने वाले वाहनों के लिए अलकनंदा, दीनदयाल और चमकादड़ टापू जैसे निर्धारित पार्किंग स्थल बनाए गए हैं।
धार्मिक महत्व:
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, बुद्ध पूर्णिमा के दिन गंगा स्नान करने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है। ज्योतिषाचार्यों का कहना है कि आज के दिन स्नान करने का फल पूरे वैशाख माह के स्नान के बराबर होता है। श्रद्धालु न केवल स्नान कर रहे हैं, बल्कि घाटों पर भगवान विष्णु और लक्ष्मी माता का पूजन तथा दान-पुण्य भी कर रहे हैं।
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, बुद्ध पूर्णिमा के दिन गंगा स्नान करने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है। ज्योतिषाचार्यों का कहना है कि आज के दिन स्नान करने का फल पूरे वैशाख माह के स्नान के बराबर होता है। श्रद्धालु न केवल स्नान कर रहे हैं, बल्कि घाटों पर भगवान विष्णु और लक्ष्मी माता का पूजन तथा दान-पुण्य भी कर रहे हैं।
शाम तक लगभग 12 लाख लोगों द्वारा गंगा स्नान किए जाने का अनुमान है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे सुरक्षा निर्देशों का पालन करें और घाटों पर स्वच्छता बनाए रखें।