उत्तराखंड सरकार और पुलिस प्रशासन ने राज्य को अपराधियों से मुक्त करने के लिए ‘ऑपरेशन प्रहार’ (Operation Prahaar) के तहत एक व्यापक अभियान छेड़ रखा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि देवभूमि की शांति भंग करने वाले किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा।

मुख्य समाचार और पुलिसिया कार्रवाई का विवरण:
    • ऑपरेशन प्रहार (Operation Prahaar): मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने “अपराध मुक्त उत्तराखंड” के संकल्प के साथ इस अभियान की शुरुआत की है। इसके तहत पेशेवर अपराधियों, गैंगस्टरों और संगठित अपराध में शामिल तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है।
    • 17 साल बाद एनकाउंटर में अपराधी ढेर: राजधानी देहरादून में पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ में 17 साल का रिकॉर्ड टूट गया है। हाल ही में एक कुख्यात बदमाश पुलिस मुठभेड़ में मारा गया, जिसे अपराधियों के लिए एक कड़ा संदेश माना जा रहा है।
    • जीरो टॉलरेंस की नीति: मुख्यमंत्री धामी ने अन्य मीडिया माध्यमों से स्पष्ट किया है कि कानून व्यवस्था के साथ कोई समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने पुलिस महानिदेशक (DGP) को निर्देश दिए हैं कि हर अपराध का तत्काल मुकदमा दर्ज हो और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
    • गैंगस्टर एक्ट और इनामी अपराधियों पर कार्रवाई:
        • हरिद्वार पुलिस ने साल 2026 के पहले ही दिन 62 अपराधियों पर गैंगस्टर एक्ट लगाकर उनके खिलाफ अभियान की शुरुआत की थी।
        • देहरादून पुलिस ने भी हाल ही में पश्चिमी यूपी के शातिर बदमाशों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया है।
        • एसटीएफ (STF) ने सुनील राठी गैंग के दो शार्पशूटरों को गिरफ्तार कर रंगदारी (extortion) रैकेट का भंडाफोड़ किया है।

    • लैंड माफिया और नशा तस्करों पर शिकंजा: पुलिस विभाग ने पिछले ढाई वर्षों में 814 इनामी अपराधियों और हजारों नशा तस्करों को जेल भेजा है। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से लैंड माफिया (भू-माफिया) और अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
    • सत्यापन अभियान और सुरक्षा: प्रदेश में बाहरी राज्यों से आने वाले संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान के लिए राज्यव्यापी सत्यापन अभियान (verification drive) चलाया जा रहा है। साथ ही, चारधाम यात्रा के दौरान तीर्थयात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जेबकतरों और अफवाह फैलाने वालों पर भी FIR दर्ज की जा रही है। 

निष्कर्ष:
उत्तराखंड पुलिस अब केवल पारंपरिक तरीकों तक सीमित नहीं है, बल्कि आधुनिक निगरानी और नाइट पेट्रोलिंग को नियमित कर अपराधियों के मनोबल को तोड़ने का काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट किया है कि परिणाम धरातल पर दिखने चाहिए ताकि जनता स्वयं को सुरक्षित महसूस कर सके। 

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