उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के प्रयासों और केंद्र सरकार की सड़क बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के तहत, देहरादून (दून) से पाबो (पौड़ी गढ़वाल) के बीच के सफर को सुगम बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण बाईपास और टनल प्रोजेक्ट्स पर तेजी से काम चल रहा है।

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उत्तराखंड के स्वास्थ्य एवं शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, जो स्वयं पौड़ी जिले के पाबो क्षेत्र से आते हैं, इस मार्ग की कनेक्टिविटी सुधारने के लिए लगातार सक्रिय रहे हैं। हालिया विकास कार्यों और नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) की रिपोर्टों के अनुसार, दून से पहाड़ के इस सफर को कम करने के लिए निम्नलिखित मुख्य कदम उठाए गए हैं: 
  • देहरादून बाईपास प्रोजेक्ट (12 किमी): NHAI द्वारा ₹716 करोड़ की लागत से 12 किलोमीटर लंबा ‘ग्रीनफील्ड फोर-लेन एक्सेस-कंट्रोल्ड बाईपास’ बनाया जा रहा है। यह बाईपास झाझरा को अशरोरी चेक पोस्ट के पास दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर से जोड़ेगा। 24 अप्रैल 2026 तक इस प्रोजेक्ट का लगभग 44% भौतिक कार्य पूरा हो चुका है। यह बाईपास दून शहर के जाम को खत्म कर पाबो और श्रीनगर की ओर जाने वाले यात्रियों को सीधा मार्ग प्रदान करेगा।
  • सफर के समय में कमी: दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के खुलने और देहरादून के नए बाईपास के निर्माण के बाद, मैदानी इलाकों से पाबो की दूरी तय करने में लगने वाला समय काफी घट जाएगा। डॉ. धन सिंह रावत ने अक्सर बैठकों में इस बात पर जोर दिया है कि पाबो और थलीसैंण जैसे दूरस्थ क्षेत्रों को राजधानी दून से तेज गति वाले सड़क मार्ग और सुरंगों के माध्यम से जोड़ा जाए।
  • ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल और रोड टनल: इस मार्ग पर कनेक्टिविटी सुधारने के लिए ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लिंक के तहत बनी 14.57 किमी लंबी सुरंग (देवप्रयाग-जनासु) ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है, जिसे The Hindu के अनुसार दुनिया की दूसरी सबसे तेज गति से निर्मित सुरंग माना गया है। हालांकि यह रेल प्रोजेक्ट है, लेकिन इसके साथ बनने वाली एप्रोच रोड्स और प्रस्तावित बाईपास पाबो जाने वाले यात्रियों के लिए भी मददगार साबित होंगे।
  • आपातकालीन सेवाओं में सुधार: डॉ. धन सिंह रावत ने स्वास्थ्य मंत्री के रूप में यह सुनिश्चित किया है कि सड़कों के सुदृढ़ीकरण से पाबो अस्पताल और दून के अस्पतालों के बीच एम्बुलेंस का आवागमन सुगम हो सके। मंत्री जी का विजन पहाड़ों में डॉक्टरों की उपलब्धता के साथ-साथ बेहतर सड़क मार्ग से ‘गोल्डन ऑवर’ में इलाज पहुंचाना है।
  • स्थानीय विकास: पाबो क्षेत्र के स्थानीय निवासियों के लिए यह बाईपास और टनल प्रोजेक्ट्स केवल यात्रा का साधन नहीं, बल्कि व्यापार और पर्यटन के नए रास्ते खोलने वाले साबित होंगे। सरकार का लक्ष्य 2027 तक इन सभी प्रमुख लिंक रोड्स और बाईपास का निर्माण पूरा करना है। 
इन परियोजनाओं के पूरा होने से न केवल दून और पाबो की दूरी सिमटेगी, बल्कि यह उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में पलायन रोकने और बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाने की दिशा में डॉ. धन सिंह रावत का एक ड्रीम प्रोजेक्ट माना जा रहा है।

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