गूलरभोज/उधम सिंह नगर:
उत्तराखंड की सियासत में शनिवार को एक बेहद दिलचस्प और महत्वपूर्ण नजारा देखने को मिला, जब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उधम सिंह नगर के गूलरभोज स्थित बौर जलाशय में खुद मोटर बोट का स्टीयरिंग संभाला और उनके ठीक बगल में गदरपुर के नाराज चल रहे भाजपा विधायक अरविंद पांडेय बैठे नजर आए। विधानसभा चुनाव 2027 के मद्देनजर इस मुलाकात और बोट राइड को सियासी हलकों में बेहद अहम माना जा रहा है। मुख्यमंत्री धामी अचानक गूलरभोज पहुंचे, जहां उन्होंने न केवल विधायक पांडेय से उनके आवास पर बंद कमरे में करीब 45 मिनट तक गुपचुप मंत्रणा की, बल्कि जलाशय का संयुक्त भ्रमण कर विरोधियों और राजनीतिक विश्लेषकों को भी चौंका दिया। 
बोट का स्टीयरिंग संभाल कर सुरक्षाकर्मियों को चौंकाया
  • सीएम ने संभाली कमान: बौर जलाशय के निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अचानक खुद मोटर बोट की कमान संभाल ली। [1]
  • हैरान रह गई सिक्योरिटी: मुख्यमंत्री को इस तरह बोट का स्टीयरिंग व्हील थामे देख वहां तैनात सुरक्षा अमला और जिला प्रशासन के अधिकारी भी पूरी तरह हैरान रह गए। 
  • एक ही नाव पर सवार: हालिया समय में सरकार और विधायक के बीच उभरी कथित तनातनी के बाद दोनों नेताओं का एक ही नाव पर इस तरह मुस्कुराते हुए बैठना राज्य की राजनीति के लिए एक बड़ा संदेश है। 
अंतरराष्ट्रीय कयाकिंग एवं कैनोइंग प्रतियोगिता की तैयारियों का जायजा
मुख्यमंत्री ने गूलरभोज जलाशय को साहसिक पर्यटन का एक बड़ा हब बनाने की प्रतिबद्धता जताई। भ्रमण के दौरान निम्नलिखित अहम बिंदुओं पर चर्चा हुई:
  1. इंटरनेशनल इवेंट: बौर जलाशय में आगामी अंतरराष्ट्रीय कयाकिंग एवं कैनोइंग प्रतियोगिता (International Kayaking & Canoeing Championship) का आयोजन होने जा रहा है। 
  2. समयबद्ध तैयारियां: सीएम ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि देश-विदेश से आने वाले खिलाड़ियों, कोचों और निर्णायकों को कोई असुविधा न हो और सभी बुनियादी इंफ्रास्ट्रक्चर समय पर पूरे किए जाएं। 
  3. रोजगार को बढ़ावा: मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तरह के बड़े आयोजनों से स्थानीय व्यवसायों, रोजगार और उत्तराखंड के आर्थिक ढांचे को नई रफ्तार मिलेगी। 
नाराज विधायक को मनाने पहुंचे थे सीएम धामी?
 रिपोर्ट के अनुसार, विधायक अरविंद पांडेय और सरकार के बीच बीते कई महीनों से अनबन की खबरें आ रही थीं। पूर्व में कुछ कथित पत्र भी वायरल हुए थे जिनमें उपेक्षा के आरोप लगाए गए थे। हालांकि, शनिवार दोपहर करीब सवा तीन बजे जब सीएम धामी का हेलीकॉप्टर बौर जलाशय पर उतरा, तो खुद अरविंद पांडेय ने गुलदस्ता भेंट कर उनका आत्मीय स्वागत किया। 
दोनों नेता इसके बाद एक ही वाहन में सवार होकर विधायक के आवास पर पहुंचे। बंद कमरे की बैठक के बाद मीडिया से रूबरू हुए विधायक अरविंद पांडेय के सुर पूरी तरह बदले नजर आए। उन्होंने इस मुलाकात को पूरी तरह निजी कार्यक्रम बताया और कहा कि मुख्यमंत्री उनके घर पर उनके जुड़वां पोतों (पोते-पोती) को आशीर्वाद देने पहुंचे थे। 
विधायक पांडेय बोले- “हम सब संगठन की धरोहर”
मुलाकात के बाद पत्रकारों से बातचीत में अरविंद पांडेय ने साफ किया कि, “मनाया उसे जाता है जो गुस्सा हो, हमारी कोई नाराजगी नहीं है। हम सब लोग राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और भाजपा संगठन की धरोहर हैं। हमारा एकमात्र लक्ष्य मिल-जुलकर काम करना और साल 2027 के विधानसभा चुनाव में दोबारा प्रचंड बहुमत के साथ डबल इंजन की सरकार बनाना है।” इस बयान के बाद देहरादून से लेकर दिल्ली तक भाजपा खेमे में चल रही अंदरूनी राजनीतिक हलचल पर फिलहाल पूरी तरह विराम लगता दिखाई दे रहा है।

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