देहरादून/विकासनगर:
उत्तराखंड के देहरादून जिले के विकासनगर क्षेत्र अंतर्गत सहसपुर थाना क्षेत्र के बैरागीवाला गांव में शनिवार शाम खेत में सिंचाई के पानी के बंटवारे को लेकर दो पक्षों के बीच भीषण खूनी संघर्ष हो गया इस दिल दहला देने वाली वारदात में दूसरे पक्ष के करीब 10 लोगों ने घर में घुसकर हथौड़े और बेलचे से जानलेवा हमला कर दिया। हमले में भाजपा कार्यकर्ता विनोद कश्यप (उम्र लगभग 32 वर्ष) के सिर पर हथौड़े से ताबड़तोड़ वार किए गए, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई वहीं, बीच-बचाव करने आए उनके दो भाई और भाभी गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में सांप्रदायिक तनाव फैल गया है, जिसे देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है
कुलावे से पानी लेने को लेकर शुरू हुआ था विवाद
  • शनिवार शाम की घटना: स्थानीय पुलिस और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह पूरी घटना शनिवार शाम को बैरागीवाला गांव में घटित हुई। 
  • कहासुनी से बढ़ा विवाद: गांव के रहने वाले भगवत कश्यप के परिवार और वसीम के परिवार के बीच खेत के कुलावे से पानी लेने को लेकर पहले मामूली कहासुनी हुई थी 
  • घर में घुसकर हमला: देखते ही देखते यह विवाद इतना बढ़ गया कि वसीम पक्ष के करीब 10 लोग हाथों में लोहे के हथौड़े, बेलचे और धारदार हथियार लेकर सीधे भगवत कश्यप के घर में घुस गए। 
  • सिर पर किए हथौड़े से वार: हमलावरों ने घर के भीतर मौजूद लोगों पर बेरहमी से वार करना शुरू कर दिया। इसी बीच विनोद कश्यप के सिर पर हथौड़े से कई जानलेवा प्रहार किए गए, जिससे उनका सिर फट गया और वे लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़े 
परिवार के तीन अन्य सदस्य गंभीर रूप से घायल
हमलावरों के इस अचानक और हिंसक हमले में विनोद को बचाने आए उनके परिवार के अन्य सदस्यों को भी गंभीर चोटें आई हैं। घायलों में शामिल हैं: 
  1. अशोक कुमार (विनोद के भाई)
  2. राजेश कुमार (विनोद के दूसरे भाई)
  3. सुषमा देवी (विनोद की भाभी) 
सभी घायलों को तुरंत स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से विकासनगर के लेहमन अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद विनोद कश्यप को मृत घोषित कर दिया, जबकि बाकी तीनों घायलों की गंभीर स्थिति को देखते हुए उनका आपातकालीन वार्ड में उपचार चल रहा है। 
पुरानी राजनीतिक और आपसी रंजिश भी आई सामने
  रिपोर्ट के अनुसार, इस खूनी संघर्ष के पीछे सिर्फ पानी का ताजा विवाद नहीं, बल्कि पुरानी रंजिश भी एक बड़ी वजह रही है। मृतक विनोद कश्यप भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सक्रिय कार्यकर्ता थे और पूर्व में बीडीसी (BDC) का चुनाव भी लड़ चुके थे। विनोद और उनके भाइयों ने आरोपी पक्ष के इस्तिफाक के प्रधान रहने के दौरान गांव में हुए विकास कार्यों को लेकर आरटीआई (RTI) के तहत कई बार जानकारियां मांगी थीं। आरटीआई दाखिल करने के बाद से ही दोनों परिवारों के बीच लंबे समय से तनातनी चल रही थी, जो शनिवार को इस खौफनाक हत्याकांड में बदल गई। 
गांव में भारी पुलिस बल और पीएसी तैनात
हत्या की खबर फैलते ही बैरागीवाला और आसपास के क्षेत्रों में सांप्रदायिक माहौल बेहद गरमा गया। हिंदू संगठनों के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने लेहमन अस्पताल और सहसपुर थाने पहुंचकर भारी हंगामा किया और आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए: 
  • देहरादून के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) प्रमेंद्र डोबाल और एसपी देहात पंकज गैरोला भारी पुलिस बल के साथ खुद मौके पर पहुंचे।
  • सहसपुर, विकासनगर, प्रेमनगर और सेलाकुई समेत आधे दर्जन से अधिक थानों की पुलिस और पीएसी (PAC) की टुकड़ियों को बैरागीवाला गांव में तैनात कर दिया गया है। 
  • स्थानीय विधायक मुन्ना सिंह चौहान ने भी तुरंत अस्पताल और घटनास्थल का दौरा किया। उन्होंने पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाया और पुलिस महानिदेशक व स्थानीय प्रशासन को हमलावरों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। 
आरोपियों की धरपकड़ के लिए पुलिस की दबिश जारी
देहरादून पुलिस ने इस मामले में हत्या, जानलेवा हमला, बलवा और घर में जबरन घुसने की विभिन्न संगीन धाराओं के तहत वसीम और उसके अन्य साथियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने मीडिया को बताया कि आरोपियों की सही पहचान कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की पांच अलग-अलग टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों से शांति बनाए रखने की अपील की है और कहा है कि कानून हाथ में लेने वाले किसी भी उपद्रवी को बख्शा नहीं जाएगा। विनोद कश्यप के शव का पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंपने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।

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