ऋषिकेश/पौड़ी गढ़वाल:
उत्तराखंड के ऋषिकेश क्षेत्र में गंगा नदी का रौद्र रूप एक बार फिर पर्यटकों के लिए काल बन गया है। शनिवार दोपहर को पौड़ी गढ़वाल जिले के लक्ष्मणझूला थाना क्षेत्र के अंतर्गत बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित सिंगटाली झूला पुल के पास गंगा नदी में नहा रहे दिल्ली के दो युवक अचानक पानी के तेज बहाव में बह गए। घटना के समय दोनों युवक अपने दोस्तों के साथ वीकेंड (शनिवार-रविवार की छुट्टी) मनाने ऋषिकेश आए थे। हादसे के तुरंत बाद स्थानीय प्रशासन और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमों ने मौके पर पहुंचकर युद्धस्तर पर सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया है, लेकिन नदी का जलस्तर बढ़ने और पानी मटमैला होने के कारण तलाशी अभियान में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। 
सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे थे दोनों युवक
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, दिल्ली से छह दोस्तों का एक समूह सप्ताहांत पर उत्तराखंड घूमने आया हुआ था। गंगा में बहे युवकों की पहचान 26 वर्षीय प्रेम सिंह पुत्र राजपाल सिंह, निवासी जड़ौदा बुराड़ी, दिल्ली और 24 वर्षीय राजन कुमार पुत्र मदन कुमार, निवासी संगम विहार, नई दिल्ली के रूप में हुई है। पुलिस जांच में सामने आया है कि दोनों युवक देश की राजधानी दिल्ली में रहकर सरकारी नौकरी (Government Jobs) के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे थे। पढ़ाई के तनाव को कम करने और वीकेंड का आनंद लेने के लिए वे अपने अन्य चार दोस्तों के साथ ऋषिकेश की वादियों में आए थे, लेकिन उन्हें क्या पता था कि यह सफर उनके जीवन का आखिरी सफर बन जाएगा। 
एक-दूसरे को बचाने के चक्कर में डूबे
यह दर्दनाक हादसा शनिवार दोपहर करीब 3:30 बजे घटित हुआ। कौड़ियाला क्षेत्र से होते हुए सभी छह दोस्त सिंगटाली झूला पुल के पास गंगा किनारे पहुंचे। उमस और गर्मी से राहत पाने के लिए युवक नदी के पानी में उतरकर नहाने लगे। इसी दौरान राजन कुमार अचानक पैर फिसलने या गहराई का अंदाजा न होने के कारण मुख्य धारा की ओर खिंचा चला गया और डूबने लगा।
राजन को पानी में डूबता और मदद के लिए चिल्लाता देख उसका दोस्त प्रेम सिंह बिना सोचे-समझे उसे बचाने के लिए आगे बढ़ा। प्रेम ने राजन का हाथ पकड़ने की कोशिश की, लेकिन गंगा की लहरों का वेग इतना तेज था कि वह खुद को संभाल नहीं पाया। देखते ही देखते दोनों युवक तेज धारा की चपेट में आ गए और गहरी नदी में लापता हो गए। किनारे पर मौजूद अन्य दोस्तों ने भी उन्हें बचाने का प्रयास किया, लेकिन पानी का बहाव बेहद डरावना था। दोस्तों ने तुरंत चीख-पुकार मचाई, जिसके बाद स्थानीय ग्रामीणों की मदद से पुलिस कंट्रोल रूम पौड़ी को हादसे की सूचना दी गई।
एसडीआरएफ (SDRF) की डीप डाइविंग टीम ने संभाला मोर्चा
लापता युवकों की सूचना मिलते ही लक्ष्मणझूला कोतवाली पुलिस और आपदा राहत बल की टीमें अलर्ट हो गईं। एसडीआरएफ ढालवाला और ब्यासी चौकियों से प्रभारी निरीक्षक कवींद्र सजवाण के नेतृत्व में विशेषज्ञ गोताखोर (Deep Divers), मोटर बोट, राफ्ट और अत्याधुनिक रेस्क्यू उपकरणों के साथ तुरंत सिंगटाली घाट पहुंचे।
एसडीआरएफ के जवानों ने बिना समय गंवाए नदी में छलांग लगा दी और डाउनस्ट्रीम (बहाव की दिशा में) कई किलोमीटर तक सर्च ऑपरेशन चलाया। गोताखोरों ने पानी के भीतर भी दोनों युवकों को तलाशने की पूरी कोशिश की, लेकिन देर शाम तक उनका कोई सुराग नहीं मिल सका।
मटमैला पानी और बढ़ता जलस्तर बनी बड़ी बाधा
एसडीआरएफ ढालवाला के टीम प्रभारी कवींद्र सजवाण ने बताया कि पहाड़ों में लगातार हो रही प्री-मानसून बारिश के कारण इन दिनों गंगा नदी का जलस्तर काफी बढ़ा हुआ है। इसके साथ ही पहाड़ी मलबे के कारण नदी का पानी बेहद मटमैला (Muddy) हो चुका है, जिससे पानी के भीतर दृश्यता (Visibility) शून्य के बराबर है। तेज लहरों और मटमैले पानी के कारण गोताखोरों को नदी के तल तक जाकर सर्चिंग करने में भारी जोखिम का सामना करना पड़ रहा है। शनिवार शाम को अंधेरा होने और खतरा बढ़ने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन को अस्थायी रूप से रोकना पड़ा, जिसे रविवार (28 जून) सुबह दोबारा शुरू किया गया है।
परिजनों में कोहराम, प्रशासन की चेतावनी
लक्ष्मणझूला पुलिस ने हादसे की जानकारी दिल्ली में रह रहे पीड़ित युवकों के परिजनों को दे दी है। इस मनहूस खबर को सुनते ही दोनों परिवारों में कोहराम मच गया है और रोते-बिलखते परिजन ऋषिकेश के लिए रवाना हो चुके हैं।
इस हादसे के बाद पुलिस और एसडीआरएफ ने ऋषिकेश आने वाले सभी पर्यटकों और श्रद्धालुओं के लिए सख्त एडवाइजरी जारी की है। प्रशासन ने अपील की है कि मानसून की आहट के चलते नदियों का वेग बहुत अनियंत्रित है। इसलिए किसी भी अनजान या प्रतिबंधित घाट पर पानी में उतरने का दुस्साहस न करें। विशेषकर युवा साथी जोश में आकर गहरे पानी या सेल्फी लेने के चक्कर में अपनी जान जोखिम में न डालें।

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