पौड़ी/थलीसैंण।
उत्तराखंड के पौड़ी जनपद के अंतर्गत थलीसैंण थाना क्षेत्र के रौली गांव में आपसी विवाद ने बेहद खौफनाक और जानलेवा रूप ले लिया। शनिवार, 16 मई 2026 की शाम को एक व्यक्ति को पेट्रोल डालकर जिंदा जलाने की कोशिश की गई। इस हमले में पीड़ित तो गंभीर रूप से झुलस गया, लेकिन वारदात के बाद फरार चल रहे आरोपी ने भी लोक-लाज और पुलिसिया कार्रवाई के खौफ में आकर खतरनाक कीटनाशक गटक लिया, जिससे उसकी मौत हो गई। पुलिस ने सोमवार को सर्च ऑपरेशन के दौरान आरोपी का शव गांव के पास एक गदेरे (बरसाती नाला) से बरामद किया है। [1, 2, 3, 4, 5, 6]
उत्तराखंड के पौड़ी जनपद के अंतर्गत थलीसैंण थाना क्षेत्र के रौली गांव में आपसी विवाद ने बेहद खौफनाक और जानलेवा रूप ले लिया। शनिवार, 16 मई 2026 की शाम को एक व्यक्ति को पेट्रोल डालकर जिंदा जलाने की कोशिश की गई। इस हमले में पीड़ित तो गंभीर रूप से झुलस गया, लेकिन वारदात के बाद फरार चल रहे आरोपी ने भी लोक-लाज और पुलिसिया कार्रवाई के खौफ में आकर खतरनाक कीटनाशक गटक लिया, जिससे उसकी मौत हो गई। पुलिस ने सोमवार को सर्च ऑपरेशन के दौरान आरोपी का शव गांव के पास एक गदेरे (बरसाती नाला) से बरामद किया है। [1, 2, 3, 4, 5, 6]
पहली घटना: चाय पीने बैठे ग्रामीण पर पेट्रोल डालकर लगाई आग
पुलिस और प्रत्यक्षदर्शियों से मिली जानकारी के अनुसार, रौली गांव का पूरा घटनाक्रम इस प्रकार रहा:
- घर में बैठे थे पीड़ित: शनिवार की शाम को रौली गांव निवासी 40 वर्षीय वीरेंद्र सिंह अपने घर के ऊपरी कमरे में कुछ अन्य लोगों के साथ बैठकर सामान्य रूप से चाय पी रहे थे।
- आरोपी की अचानक एंट्री: इसी दौरान उनका पड़ोसी आनंद सिंह अचानक वहां पहुंचा। दोनों के बीच पहले से ही किसी बात को लेकर पुराना आपसी विवाद और रंजिश चल रही थी।
- पेट्रोल छिड़ककर लगाई आग: आनंद सिंह अपने साथ पहले से ही एक बोतल में पेट्रोल छिपाकर लाया था। वहां मौजूद लोग कुछ समझ पाते, इससे पहले ही आनंद ने वीरेंद्र पर पेट्रोल उड़ेल दिया और माचिस जलाकर उन्हें आग के हवाले कर दिया।
- आग की लपटों से मची चीख-पुकार: कमरे में अचानक आग भड़कने से अफरा-तफरी मच गई और वीरेंद्र दर्द से चिल्लाने लगे। आसपास मौजूद ग्रामीणों ने सूखी घास और पानी डालकर किसी तरह आग को बुझाया।
- पीड़ित 45% झुलसा: गंभीर रूप से झुलसे वीरेंद्र सिंह को तुरंत 108 एंबुलेंस की मदद से जिला अस्पताल पौड़ी ले जाया गया। डॉक्टरों के मुताबिक, पीड़ित का शरीर करीब 45 प्रतिशत तक झुलस चुका है और उनका इलाज जारी है।
दूसरी घटना: हत्या के प्रयास का मुकदमा और आरोपी की खुदकुशी
वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी आनंद सिंह मौके से फरार हो गया था, लेकिन वह खुद भी आग की चपेट में आ गया था।
- मुकदमा दर्ज और पुलिस की दबिश: घायल वीरेंद्र सिंह की पत्नी शांति देवी की लिखित तहरीर के आधार पर थलीसैंण पुलिस ने आरोपी आनंद सिंह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं (पूर्व में धारा 307 – हत्या का प्रयास) के तहत मुकदमा दर्ज कर उसकी तलाश के लिए टीमें रवाना की थीं।
- झाड़ियों में मिला शव: सोमवार (18 मई) सुबह करीब 9 बजे पुलिस टीम को तलाशी के दौरान रौली गांव की सरहद पर घराट के पास गदेरे की झाड़ियों में आनंद सिंह का शव पड़ा मिला।
- पास में मिलीं कीटनाशक की शीशियां: थलीसैंण थाना प्रभारी (SHO) रविंद्र नेगी ने बताया कि शव के पास ही पुलिस को प्लास्टिक की दो शीशियां बरामद हुई हैं। इनमें से एक खुली हुई शीशी थी जिससे तीव्र दुर्गंध आ रही थी, जबकि दूसरी 100 एमएल की कीटनाशक शीशी बंद थी। पुलिस का अनुमान है कि आरोपी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए ‘नुवान’ नामक कीटनाशक या फिनाइल गटक लिया।
- आरोपी भी था झुलसा: प्रारंभिक शारीरिक निरीक्षण में पाया गया कि शनिवार की घटना में आनंद सिंह का बायां हाथ और बायां पैर भी आग की लपटों की चपेट में आकर झुलस गए थे।
पुलिस की अग्रिम कार्रवाई
घटना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) पौड़ी के निर्देश पर पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू कर दी है। एसआई तनवीर अहमद को इस पूरे मामले की जांच सौंपी गई है। पुलिस ने ग्रामीणों और आरोपी के परिजनों की मौजूदगी में पंचनामा भरने की औपचारिकताएं पूरी कीं और शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल पौड़ी भेज दिया है। पुलिस अब इस बात का पता लगा रही है कि दोनों पड़ोसियों के बीच ऐसा क्या विवाद था, जिसने इतना भयानक रूप ले लिया।
