उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुश्कर सिंह धामी ने राज्य की आंतरिक सुरक्षा (Internal Security) को मजबूत करने और अंतर-राज्यीय अपराधियों पर नकेल कसने के लिए पड़ोसी राज्यों (उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और हरियाणा) के साथ मजबूत समन्वय और खुफिया जानकारी साझा करने की आवश्यकता पर विशेष बल दिया है। देहरादून में आयोजित एक उच्चस्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक के दौरान, सीएम धामी ने स्पष्ट किया कि उत्तराखंड एक संवेदनशील सीमावर्ती राज्य है, जिसकी सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद रखने के लिए पड़ोसी राज्यों की पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों से रियल-टाइम सहयोग मिलना बेहद जरूरी है।

सुरक्षा रणनीति का पूरा खाका (Security Strategy Overview)

मुख्य बिंदु उठाए जाने वाले कड़े कदम व रणनीतियां
मुख्य फोकस पड़ोसी राज्यों के साथ खुफिया जानकारी साझा करना और बॉर्डर चेकिंग
लक्षित क्षेत्र अंतर-राज्यीय सीमाएं, चारधाम यात्रा मार्ग, और सामरिक महत्व के स्थल
सत्यापन अभियान बाहरी और संदिग्ध तत्वों की पहचान के लिए ‘वेरिफिकेशन ड्राइव’
तकनीकी निगरानी सोशल मीडिया की रीयल-टाइम मॉनिटरिंग और फेक न्यूज पर रोक


पड़ोसी राज्यों के साथ खुफिया नेटवर्क बनाना क्यों है जरूरी?
  • मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड की सीमाएं उत्तर प्रदेश और हिमाचल प्रदेश जैसे राज्यों से सटी हुई हैं।
  • अपराधी अक्सर अपराध करने के बाद एक राज्य से दूसरे राज्य की भौगोलिक सीमाओं का फायदा उठाकर फरार हो जाते हैं।
  • ऐसी चुनौतियों से निपटने के लिए सीमावर्ती जिलों की पुलिस को पड़ोसी राज्यों की पुलिस के साथ रोजाना संपर्क में रहना होगा।
  • संगठित अपराध, मादक पदार्थों (ड्रग्स) की तस्करी, और हथियारों की अवैध आवाजाही को रोकने के लिए जॉइंट ऑपरेशन्स चलाने के निर्देश दिए गए हैं।
  • सीमावर्ती थानों के स्तर पर एक साझा वाट्सएप ग्रुप या डिजिटल नेटवर्क स्थापित करने पर जोर दिया गया है, ताकि त्वरित कार्रवाई हो सके।
बॉर्डर एरिया पर सघन चेकिंग और वेरिफिकेशन ड्राइव
  • सीएम धामी ने उत्तराखंड में प्रवेश करने वाले बाहरी लोगों के लिए कड़े सत्यापन नियम (Verification Drive) लागू करने को कहा है।
  • पड़ोसी राज्यों से आने वाले वाहनों और संदिग्ध व्यक्तियों की सीमाओं पर ही गहनता से तलाशी ली जाएगी।
  • राज्य की आंतरिक जनसांख्यिकी और सुरक्षा को प्रभावित करने वाले अवैध प्रवासियों या असामाजिक तत्वों की पहचान प्राथमिकता पर होगी।
  • एडिशनल डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (ADG) को निर्देश दिया गया है कि किराएदारों और राज्य में नए बसने वाले लोगों का शत-प्रतिशत सत्यापन हो।
सामरिक महत्व के स्थलों और चारधाम यात्रा की सुरक्षा
  • एएनआई के मुताबिक, वर्तमान में राज्य में चल रही प्रसिद्ध चारधाम यात्रा और हेमकुंड साहिब यात्रा के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
  • यात्रा मार्गों पर लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए खुफिया तंत्र को पूरी तरह सक्रिय किया गया है।
  • राज्य के भीतर मौजूद बांधों, सैन्य छावनियों, और इसरो (ISRO) जैसे राष्ट्रीय महत्व के संस्थानों के चारों ओर अतिरिक्त बल तैनात किया गया है।
  • इसके साथ ही, चीन और नेपाल से सटी अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर सशस्त्र सीमा बल (SSB) और आईटीबीपी (ITBP) के साथ तालमेल बढ़ाया गया है।
सोशल मीडिया और फेक न्यूज की निगरानी
  • आंतरिक सुरक्षा को प्रभावित करने वाली संवेदनशील खबरों और इंटरनेट पर फैलने वाली फेक न्यूज (Fake News) के खिलाफ साइबर सेल को सतर्क किया गया है।
  • यदि पड़ोसी राज्यों के किसी मामले का असर उत्तराखंड के सांप्रदायिक सौहार्द पर पड़ता है, तो तुरंत अलर्ट जारी किया जाएगा।
  • अफवाह फैलाने वाले सोशल मीडिया हैंडल्स को ब्लॉक करने और उनके संचालकों के खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई करने के आदेश दिए गए हैं।
कानून-व्यवस्था पर मुख्यमंत्री का सख्त संदेश
  • मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दो टूक लहजे में कहा कि राज्य में शांति व्यवस्था बिगाड़ने वाले किसी भी तत्व को बख्शा नहीं जाएगा।
  • ‘जस्टिस ऑन टाइम’ और अपराधियों में कानून का खौफ पैदा करने के लिए आंतरिक सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है।
  • राजस्व पुलिस व्यवस्था को भी चरणबद्ध तरीके से हटाकर नियमित पुलिस को कमान सौंपी जा रही है ताकि कानून व्यवस्था और अधिक पेशेवर बने।

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