9 मई 2026 को उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में स्थायी नीति और सरकारी नौकरियों की मांग को लेकर मेडिकल लैब टेक्नोलॉजिस्ट संघ के प्रशिक्षित बेरोजगारों ने सचिवालय कूच (Secretariat March) किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस प्रशासन के बीच भारी नोकझोंक और हंगामा देखने को मिला। जब आक्रोशित युवा सचिवालय का घेराव करने के लिए आगे बढ़े, तो पुलिस ने सुभाष रोड पर मजबूत बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें रोक दिया। प्रदर्शनकारी वहीं सड़क पर धरने पर बैठ गए, जिसके बाद पुलिस ने कड़ा रुख अपनाते हुए कई आंदोलनकारियों को जबरन वाहनों में भरकर (Caught/Detained) एकता विहार धरना स्थल भेज दिया। 

आंदोलन और पुलिस कार्रवाई का पूरा लेखा-जोखा 

मुख्य विवरण आंदोलन से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य
प्रदर्शनकारी संगठन मेडिकल लैब टेक्नोलॉजिस्ट संघ, उत्तराखंड
मुख्य मांग स्थायी रोजगार, वर्षवार भर्ती, और स्पष्ट सेवा नियमावली का गठन
प्रदर्शन का स्थान परेड ग्राउंड से शुरू होकर सुभाष रोड (सचिवालय बैरिकेडिंग) तक
पुलिस की कार्रवाई बैरिकेडिंग लगाकर रोकना, तीखी झड़प, और जबरन हिरासत में लेकर हटाना
परेड ग्राउंड से गूंजी हुंकार, सचिवालय पर भारी हंगामा
  • ईटीवी भारत के अनुसार, मंगलवार सुबह प्रदेशभर से आए सैकड़ों प्रशिक्षित बेरोजगार मेडिकल लैब टेक्नीशियन परेड ग्राउंड में इकट्ठा हुए।
  • यहां से युवाओं ने अपनी मांगों के समर्थन में राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए एक विशाल रैली निकाली।
  • जैसे ही यह रैली सचिवालय की ओर बढ़ी, पहले से मुस्तैद भारी पुलिस बल ने सुभाष रोड पर प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए बैरिकेड्स लगा दिए।
  • युवाओं ने बैरिकेड्स को पार करने की कोशिश की, जिससे पुलिसकर्मियों और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी झड़प और धक्का-मुक्की हुई।
  • आगे बढ़ने का रास्ता न मिलने पर आक्रोशित लैब टेक्नीशियनों ने वहीं सड़क पर बैठकर सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन शुरू कर दिया।
पुलिस ने जबरन वाहनों में भरा, एकता विहार भेजा
  • काफी देर तक सुभाष रोड पर चक्काजाम और हंगामा जारी रहने के कारण वीआईपी रूट की यातायात व्यवस्था चरमराने लगी।
  • प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाने और रास्ता खाली करने का अनुरोध किया, लेकिन युवा अपनी मांग पर अड़े रहे।
  • हंगामा बढ़ता देख पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को जबरन पकड़ना (Caught/Detained) शुरू किया और उन्हें घसीटकर सरकारी वाहनों और बसों में भर दिया।
  • पुलिस द्वारा हटाए जाने के बाद इन सभी आंदोलनकारियों को एकता विहार स्थित आधिकारिक धरना स्थल पर ले जाकर छोड़ दिया गया।
  • इस दमनकारी कार्रवाई से नाराज होकर संघ के पदाधिकारियों ने अब एकता विहार में ही अनिश्चितकालीन धरने का बिगुल फूंक दिया है।
“राज्य जवान हो गया, हम बूढ़े हो गए”— युवाओं का दर्द
  • उत्तराखंड राज्य को बने 26 साल बीत चुके हैं, लेकिन आज तक लैब टेक्निशियनों के लिए कोई स्थायी भर्ती नीति नहीं बनी।
  • संघ के प्रदेश महासचिव मयंक राणा ने आरोप लगाया कि राज्य के कॉलेजों से हर साल बीएससी (B.Sc MLT) और डिप्लोमा पास सैकड़ों छात्र निकल रहे हैं।
  • वर्तमान में प्रदेश में 3500 से अधिक डिग्री और डिप्लोमा धारक युवा पूरी तरह से बेरोजगार हैं और कई युवाओं की सरकारी नौकरी की उम्र सीमा समाप्त हो रही है।
  • संगठन का कहना है कि सरकार नियमित नियुक्तियां करने के बजाय पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों के सरकारी अस्पतालों की लैब्स को पीपीपी (PPP) मोड पर निजी कंपनियों को सौंप रही है। 
संघ की प्रमुख मांगें और भावी रणनीति
  • स्थायी रोजगार और वर्षवार भर्ती: नर्सिंग संवर्ग की तर्ज पर ही लैब टेक्नीशियनों के पदों पर भी वर्षवार (Batch-wise) सीधी भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाए।
  • आईपीसी मानक लागू हों: आईपीएचएस 2012 (IPHS Standards) के मानदंडों के अनुसार प्रदेश के सभी चिकित्सालयों में तत्काल प्रभाव से नए पदों का सृजन किया जाए।
  • स्पष्ट सेवा नियमावली: सरकारी तंत्र में लैब टेक्नोलॉजिस्टों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए एक पारदर्शी और मजबूत नियमावली बनाई जाए।
  • पूर्व सीएम को श्रद्धांजलि: आंदोलन के बीच ही संगठन के सदस्यों ने उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय भुवन चंद्र खंडूड़ी के निधन पर दो मिनट का मौन रखकर उन्हें अपनी श्रद्धांजलि भी अर्पित की।

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