उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश में विकास कार्यों की प्रगति, कानून-व्यवस्था और जनसुविधाओं की स्थिति को लेकर मुख्यमंत्री आवास पर जिलाधिकारियों (डीएम) और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों (एसएसपी) के साथ लगभग चार घंटे तक उच्चस्तरीय बैठक की। बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनता से जुड़े कार्यों में लापरवाही, अनावश्यक देरी और जिम्मेदारी से बचने की प्रवृत्ति बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि शासन की प्राथमिकताओं को धरातल पर उतारना अधिकारियों की जिम्मेदारी है और लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
सड़कों की खराब स्थिति पर सीएम धामी सख्त
मुख्यमंत्री ने प्रदेश की सड़कों को गड्ढामुक्त बनाने के अभियान में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों से अपने-अपने जिलों में सड़कों का स्थलीय निरीक्षण करने और लंबित मरम्मत कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराने को कहा।
सीएम धामी ने सड़क निर्माण और मरम्मत कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष जोर देते हुए कहा कि केवल कागजों पर प्रगति दिखाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि काम जमीन पर दिखाई देना चाहिए। उन्होंने संकेत दिया कि वह स्वयं भी सड़क मार्ग से प्रदेश का दौरा करेंगे। इस दौरान यदि कहीं सड़क क्षतिग्रस्त मिली या मरम्मत कार्यों में लापरवाही सामने आई तो संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
एक नवंबर तक पूरे करने होंगे अधूरे सीवर और पेयजल कार्य
बैठक में मुख्यमंत्री ने सीवर और पेयजल पाइपलाइन बिछाने के लिए खोदी गई सड़कों की स्थिति पर भी चिंता जताई। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि अधूरे कार्यों को एक नवंबर तक पूरा किया जाए और खोदी गई सड़कों की मरम्मत तत्काल सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों के कारण आम लोगों को आवागमन में परेशानी नहीं होनी चाहिए। विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाकर काम पूरा किया जाए, ताकि जनता को समय पर राहत मिल सके।
जिला योजना के कार्यों की होगी नियमित निगरानी
मुख्यमंत्री ने जिला योजना के अंतर्गत स्वीकृत विकास कार्यों की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी योजनाएं निर्धारित समयसीमा में पूरी की जाएं और स्वीकृत धनराशि का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
सीएम धामी ने कहा कि विकास योजनाओं का उद्देश्य केवल बजट खर्च करना नहीं, बल्कि आम जनता तक उनका लाभ पहुंचाना होना चाहिए। जिलाधिकारियों को विकास कार्यों की वास्तविक प्रगति का आकलन करने, गुणवत्ता की जांच करने और देरी होने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने राजस्व से जुड़े मामलों का भी समयबद्ध निस्तारण करने को कहा, ताकि लोगों को छोटे-छोटे कामों के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर न काटने पड़ें।
कानून-व्यवस्था पर भी मुख्यमंत्री ने दिए सख्त निर्देश
बैठक में प्रदेश की कानून-व्यवस्था की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक शिकायतकर्ता की बात गंभीरता से सुनी जाए। संज्ञेय अपराधों के मामलों में नियमानुसार तत्काल प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज कर प्रभावी कार्रवाई की जाए।
उन्होंने अपराध नियंत्रण, रात्रि गश्त, संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी और जनशिकायतों के निस्तारण में तेजी लाने पर जोर दिया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि पुलिस व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए, जिसमें आम नागरिकों को शिकायत दर्ज कराने या न्याय पाने के लिए अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
उन्होंने अधिकारियों को कानून-व्यवस्था से संबंधित मामलों में सतर्क रहने और किसी भी अप्रिय घटना की सूचना मिलने पर तत्काल आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए।
त्योहारों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश
आगामी नवरात्र और दीपावली को देखते हुए मुख्यमंत्री ने सभी जिलों में सुरक्षा और यातायात व्यवस्था पुख्ता करने को कहा। बाजारों, मंदिरों, धार्मिक स्थलों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने तथा पार्किंग और यातायात डायवर्जन की व्यवस्था पहले से तैयार रखने के निर्देश दिए गए।
मुख्यमंत्री ने महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि त्योहारों के दौरान लोगों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन और पुलिस की जिम्मेदारी है। इसके लिए सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ काम करें।
कुंभ-2027 की तैयारियों में देरी बर्दाश्त नहीं
हरिद्वार में प्रस्तावित कुंभ-2027 की तैयारियां भी बैठक के प्रमुख विषयों में शामिल रहीं। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को कुंभ से जुड़े विकास कार्यों और जनसुविधाओं की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए।
उन्होंने तैयार हो चुके घाटों, सड़कों, पार्किंग स्थलों, अस्पतालों और अन्य सुविधाओं का संयुक्त स्थलीय निरीक्षण करने पर जोर दिया। निरीक्षण के दौरान सामने आने वाली कमियों को समय रहते दूर करने और श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा तथा सुगम आवागमन सुनिश्चित करने को कहा गया।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कुंभ से संबंधित कार्यों में किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी न हो। परियोजनाओं की प्रगति की नियमित निगरानी की जाए और जहां बाधाएं सामने आएं, वहां संबंधित विभाग मिलकर समाधान निकालें।
आपदा प्रबंधन और जनसुविधाओं पर भी फोकस
बैठक के दौरान आपदा प्रबंधन से जुड़े विषयों पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आपदा प्रभावित परिवारों को समय पर राहत उपलब्ध कराई जाए और जरूरतमंद लोगों तक भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहायता तथा सुरक्षित आवास जैसी सुविधाएं पहुंचाई जाएं।
उन्होंने दुर्गम क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने और मानव-वन्यजीव संघर्ष से प्रभावित लोगों को आवश्यक सहायता देने पर भी जोर दिया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि जनसमस्याओं का समाधान केवल कार्यालयों में बैठकर न किया जाए, बल्कि नियमित रूप से क्षेत्र में जाकर वास्तविक स्थिति का निरीक्षण किया जाए।
लापरवाही करने वाले अधिकारियों की तय होगी जवाबदेही
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बैठक में साफ संदेश दिया कि शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप काम करना प्रत्येक अधिकारी की जिम्मेदारी है। विकास कार्यों की गुणवत्ता, कानून-व्यवस्था, जनसुविधाओं और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि जनता को समय पर सुविधाएं उपलब्ध कराना और उनकी समस्याओं का समाधान करना प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए। अधिकारियों को अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी प्रतिबद्धता, संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ करना होगा।
बैठक में गृह सचिव, गढ़वाल और कुमाऊं मंडल के आयुक्त, सभी जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, पुलिस महानिरीक्षक और संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।