देहरादून | 22 अक्टूबर 2026 | उत्तराखंड समाचार

उत्तराखंड के टिहरी जिले में आयोजित मां कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेले में पंजाबी गायक दलेर मेहंदी की प्रस्तुति को लेकर शुरू हुआ विवाद अब राजनीतिक और मनोरंजन जगत में चर्चा का विषय बन गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मामले में हस्तक्षेप करते हुए कहा है कि वह दलेर मेहंदी और उनके भाई, गायक मीका सिंह से बात करेंगे, ताकि विवाद को बातचीत के जरिए समाप्त किया जा सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड कलाकारों, साहित्यकारों और विद्वानों का सम्मान करने वाली धरती है। उन्होंने यह भी कहा कि कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल अपनी ओर से स्थिति स्पष्ट कर चुके हैं और अब इस मामले को आगे बढ़ाने के बजाय आपसी संवाद से गलतफहमियां दूर की जानी चाहिए।

क्या है दलेर मेहंदी और मंत्री सुबोध उनियाल के बीच विवाद?

यह पूरा मामला 18 अक्टूबर 2026 की रात टिहरी जिले के नरेंद्रनगर क्षेत्र में आयोजित सिद्धपीठ मां कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेले का है। कार्यक्रम में दलेर मेहंदी अपनी प्रस्तुति दे रहे थे। इसी दौरान उत्तराखंड सरकार में कैबिनेट मंत्री और नरेंद्रनगर के विधायक सुबोध उनियाल मंच पर पहुंचे और गायक की प्रस्तुति पर नाराजगी जताई।

मंत्री ने सवाल उठाया कि गायक ठीक से बोल और गा क्यों नहीं पा रहे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रस्तुति अपेक्षा के अनुरूप नहीं थी। मंच पर हुई इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके बाद विवाद बढ़ गया।

मुख्यमंत्री धामी ने क्या कहा?

22 अक्टूबर को देहरादून में पत्रकारों से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस विवाद पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम के समय जनता का दबाव रहा होगा और मंत्री को उस वक्त दलेर मेहंदी की खराब तबीयत की जानकारी नहीं थी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जब मंत्री स्वयं स्पष्ट कर चुके हैं कि उनका किसी कलाकार का अपमान करने का इरादा नहीं था, तो मामले को यहीं समाप्त करने की कोशिश की जानी चाहिए।

मीका सिंह द्वारा मंत्री के खिलाफ कार्रवाई की मांग किए जाने के सवाल पर धामी ने कहा कि वह पहले मीका सिंह से और फिर दलेर मेहंदी से बात करेंगे। उन्होंने दोनों गायकों से अपने मित्रतापूर्ण संबंधों का भी उल्लेख किया।

ध्यान देने वाली बात: उपलब्ध समाचार रिपोर्टों के अनुसार, मुख्यमंत्री ने दोनों गायकों से बात करने का आश्वासन दिया था। यह पुष्टि नहीं हुई है कि 22 अक्टूबर तक उनकी मीका सिंह से फोन पर बातचीत वास्तव में हो चुकी थी।

मीका सिंह ने मुख्यमंत्री से क्या अपील की?

दलेर मेहंदी के समर्थन में सामने आए मीका सिंह ने कहा कि उनके बड़े भाई के साथ मंच पर जिस तरह का व्यवहार किया गया, वह उचित नहीं था। उन्होंने मुख्यमंत्री धामी से मामले को समझने और कलाकारों के सम्मान की रक्षा करने की अपील की।

मीका ने कहा कि कलाकार भी इंसान होते हैं और यदि किसी की प्रस्तुति को लेकर शिकायत हो, तो उसे सार्वजनिक रूप से अपमानित करने के बजाय सम्मानपूर्वक सामने रखा जा सकता है।

उन्होंने यह भी कहा कि दलेर मेहंदी कार्यक्रम में अपनी प्रतिबद्धता निभाने पहुंचे थे और उनके अनुसार उन्होंने करीब डेढ़ घंटे तक प्रस्तुति दी। मीका ने उत्तराखंड के प्रति अपने प्रेम और सम्मान को दोहराते हुए कलाकारों की गरिमा बनाए रखने पर जोर दिया।

मंत्री सुबोध उनियाल ने दी अपनी सफाई

विवाद बढ़ने के बाद मंत्री सुबोध उनियाल ने भी अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि उन्हें उस समय लगा था कि दलेर मेहंदी नशे की हालत में हैं, लेकिन बाद में उन्हें बताया गया कि गायक की तबीयत खराब थी।

मंत्री के अनुसार, कार्यक्रम के लिए दलेर मेहंदी को लगभग 35 लाख रुपये का भुगतान किया गया था और उनके ठहरने की व्यवस्था भी की गई थी। उन्होंने प्रस्तुति की गुणवत्ता को लेकर नाराजगी जताई, लेकिन कहा कि उनका उद्देश्य कलाकार को व्यक्तिगत रूप से अपमानित करना नहीं था।

हालांकि, दलेर मेहंदी के नशे में होने के आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। इस मामले में मंत्री के आरोप और गायक के समर्थन में आए लोगों के बयान अलग-अलग पक्षों को सामने रखते हैं।

बॉलीवुड और संगीत जगत में भी हुई चर्चा

दलेर मेहंदी से जुड़े इस विवाद पर मनोरंजन जगत की कई हस्तियों ने प्रतिक्रिया दी। मीका सिंह ने सार्वजनिक रूप से अपने भाई का समर्थन किया, जबकि अभिनेता राजपाल यादव और अन्य कलाकारों ने भी कलाकारों के सम्मान और गरिमा का मुद्दा उठाया।

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के बाद बहस इस बात पर केंद्रित हो गई कि किसी कार्यक्रम में प्रस्तुति को लेकर असंतोष होने पर आयोजकों और जनप्रतिनिधियों को किस तरह अपनी बात रखनी चाहिए।

अब आगे क्या होगा?

मुख्यमंत्री धामी की पहल के बाद इस विवाद का समाधान बातचीत के जरिए निकालने की उम्मीद जताई जा रही है। हालांकि, मीका सिंह ने सार्वजनिक रूप से मंत्री के व्यवहार पर आपत्ति जताई है, जबकि मंत्री अपनी कार्रवाई को प्रस्तुति से जुड़ी नाराजगी बता चुके हैं।

अब सबकी नजर इस बात पर है कि मुख्यमंत्री की दलेर मेहंदी और मीका सिंह से प्रस्तावित बातचीत कब होती है और क्या इससे विवाद समाप्त करने का रास्ता निकलता है।

उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान और पर्यटन आयोजनों को देखते हुए यह मामला कलाकारों के सम्मान, सार्वजनिक व्यवहार और आयोजकों की जिम्मेदारी से जुड़े सवाल भी खड़े करता है।

 

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