उत्तराखंड | 25 अक्टूबर 2026

उत्तराखंड के लोगों को लेकर समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की कथित टिप्पणी पर राजनीतिक विवाद गहरा गया है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस बयान पर कड़ी आपत्ति जताते हुए अखिलेश यादव से प्रदेश की जनता के सामने सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है। वहीं, भाजपा ने भी इस मुद्दे पर सपा को घेरते हुए कांग्रेस से अपना रुख स्पष्ट करने को कहा है।

क्या है पूरा मामला?

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अखिलेश यादव ने शुक्रवार को लखनऊ में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उत्तर प्रदेश में कथित घुसपैठ के संदर्भ में उत्तराखंड के लोगों का उल्लेख किया। उनके बयान को उत्तराखंडवासियों को ‘घुसपैठिया’ कहने के रूप में देखा गया, जिसके बाद प्रदेश की राजनीति में विवाद शुरू हो गया।

इस टिप्पणी पर उत्तराखंड भाजपा के नेताओं ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड की पहचान, स्वाभिमान और राज्य निर्माण के लिए किए गए संघर्ष को इस तरह के बयानों से ठेस पहुंचती है।

सीएम धामी ने रामपुर तिराहा कांड का किया जिक्र

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपनी प्रतिक्रिया में उत्तराखंड राज्य आंदोलन के इतिहास का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की जनता आज भी उस घटना को नहीं भूली है, जब तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के शासनकाल में अलग राज्य की मांग कर रहे आंदोलनकारियों पर मुजफ्फरनगर के रामपुर तिराहा में गोलियां चलाई गई थीं।

धामी के मुताबिक, उत्तराखंड के लोगों को घुसपैठिया बताना राज्य के संघर्ष, बलिदान और स्वाभिमान का अपमान है। उन्होंने कहा कि देवभूमि ने देश को संतों, सैनिकों और राष्ट्रसेवा के लिए समर्पित अनेक व्यक्तित्व दिए हैं। ऐसे प्रदेश के नागरिकों के प्रति सम्मान बनाए रखना आवश्यक है।

भाजपा ने कांग्रेस से भी मांगा जवाब

इस विवाद में भाजपा ने कांग्रेस को भी निशाने पर लिया है। मुख्यमंत्री धामी ने सवाल उठाया कि क्या कांग्रेस अपने राजनीतिक सहयोगी अखिलेश यादव की टिप्पणी का समर्थन करती है। उन्होंने कांग्रेस से उत्तराखंड की जनता के सामने अपना पक्ष स्पष्ट करने की मांग की।

भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता और विधायक विनोद चमोली ने भी अखिलेश यादव के बयान की आलोचना की। भाजपा नेताओं का कहना है कि उत्तराखंड के लोगों के सम्मान और राज्य आंदोलन के बलिदान से जुड़े मुद्दे पर राजनीतिक दलों को अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए।

सपा ने बयान पर क्या सफाई दी?

विवाद के बीच समाजवादी पार्टी ने अपनी ओर से सफाई दी है। सपा प्रवक्ता और उत्तराखंड प्रभारी राजेंद्र चौधरी के अनुसार, अखिलेश यादव की टिप्पणी उत्तराखंड राज्य या वहां के लोगों के लिए नहीं, बल्कि एक व्यक्ति विशेष के संदर्भ में थी। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव उत्तराखंड के लोगों का सम्मान करते हैं और उनका राज्य से भावनात्मक जुड़ाव है।

इस तरह मामले में भाजपा की आपत्ति और सपा की सफाई के बीच राजनीतिक मतभेद सामने आए हैं।

2027 के विधानसभा चुनाव से पहले बढ़ सकती है सियासी गर्मी

उत्तराखंड में वर्ष 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में अखिलेश यादव की टिप्पणी को लेकर उठा विवाद आने वाले दिनों में राजनीतिक बहस का मुद्दा बन सकता है। मुख्यमंत्री धामी ने कहा है कि उत्तराखंड की जनता अपने राज्य के संघर्ष और बलिदान का अपमान स्वीकार नहीं करेगी। उन्होंने संकेत दिया कि प्रदेश की जनता आगामी चुनाव में कांग्रेस को जवाब देगी।

हालांकि, इस विवाद का राजनीतिक असर क्या होगा, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा। फिलहाल मुख्यमंत्री धामी की माफी की मांग, भाजपा का विरोध और समाजवादी पार्टी की सफाई इस पूरे मामले के प्रमुख पहलू हैं।

 

 

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