पिथौरागढ़। उत्तराखंड के सीमांत जिले पिथौरागढ़ की व्यास घाटी में आयोजित आदि कैलास परिक्रमा रन 2.0 के दूसरे दिन रविवार, 25 अक्टूबर 2026 को 21 किलोमीटर, 10 किलोमीटर और 5 किलोमीटर की दौड़ का आयोजन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी इस आयोजन में शामिल होने के लिए गुंजी पहुंचे। इस तीन दिवसीय खेल आयोजन का उद्देश्य सीमांत क्षेत्रों में साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देना और आदि कैलास क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना है।
गुंजी पहुंचे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी रविवार सुबह पिथौरागढ़ जिले के गुंजी पहुंचे। उनके दौरे के दौरान आदि कैलास परिक्रमा रन 2.0 के प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करने और कार्यक्रम में पुरस्कार वितरण करने का कार्यक्रम निर्धारित है।
इस आयोजन को उत्तराखंड में पर्यटन की संभावनाओं को बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। व्यास घाटी में देश के विभिन्न राज्यों से आए धावक कठिन पहाड़ी परिस्थितियों के बीच अपनी शारीरिक क्षमता और सहनशक्ति का प्रदर्शन कर रहे हैं।
तीन श्रेणियों में आयोजित हो रही दौड़
आदि कैलास परिक्रमा रन 2.0 के दूसरे दिन की प्रतियोगिताओं में धावक तीन अलग-अलग दूरी की दौड़ में भाग ले रहे हैं।
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21 किलोमीटर हाफ मैराथन: लंबी दूरी के धावकों के लिए चुनौतीपूर्ण प्रतियोगिता।
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10 किलोमीटर दौड़: मध्यम दूरी के धावकों के लिए प्रतिस्पर्धा।
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5 किलोमीटर दौड़: कम दूरी की श्रेणी में प्रतिभागियों को अपनी क्षमता दिखाने का अवसर।
इन तीनों दौड़ों का प्रारंभ गुंजी से होकर कुटी की दिशा में निर्धारित किया गया है। प्रतिभागियों को निर्धारित मार्ग से वापस गुंजी पहुंचना है।
पहले दिन 70 और 42 किलोमीटर की मैराथन
आदि कैलास परिक्रमा रन 2.0 की शुरुआत शनिवार, 24 अक्टूबर को हुई थी। पहले दिन 70 किलोमीटर की अल्ट्रा मैराथन और 42 किलोमीटर की फुल मैराथन आयोजित की गईं।
70 किलोमीटर की दौड़ जोलिंगकोंग से शुरू हुई, जबकि 42 किलोमीटर की मैराथन गुंजी से रवाना हुई। द प्रिंट की पीटीआई रिपोर्ट के अनुसार, 70 किलोमीटर की प्रतियोगिता में 109 धावकों ने हिस्सा लिया, जबकि 42 किलोमीटर की दौड़ में 73 प्रतिभागी शामिल हुए।
मुख्य विकास अधिकारी डॉ. दीपक सैनी के अनुसार, आयोजन की सभी पांच दौड़ श्रेणियों में 26 राज्यों के 1,100 से अधिक प्रतिभागियों के शामिल होने की जानकारी दी गई है।
10 हजार से 15 हजार फीट की ऊंचाई पर दौड़ना बड़ी चुनौती
आदि कैलास क्षेत्र में आयोजित यह प्रतियोगिता सामान्य मैराथन से काफी अलग है। यहां समुद्र तल से लगभग 10,000 से 15,000 फीट की ऊंचाई पर धावकों को दौड़ना पड़ता है।
कम तापमान, ऑक्सीजन की कमी, घुमावदार रास्ते और दुर्गम पहाड़ी भूभाग प्रतिभागियों के लिए बड़ी चुनौतियां हैं। ऐसे वातावरण में दौड़ पूरी करने के लिए शारीरिक फिटनेस के साथ-साथ मानसिक मजबूती और विशेष तैयारी भी जरूरी होती है।
सीमांत क्षेत्रों में पर्यटन और रोजगार को बढ़ावा देने की पहल
आदि कैलास परिक्रमा रन का आयोजन उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद की ओर से सीमांत क्षेत्रों में साहसिक पर्यटन को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से किया जा रहा है। इस आयोजन के जरिए गुंजी, नाबी, कुटी और जोलिंगकोंग जैसे क्षेत्रों को व्यापक पहचान दिलाने का प्रयास किया जा रहा है।
इससे स्थानीय होमस्टे, परिवहन, खानपान और अन्य पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की संभावना है। सीमावर्ती गांवों में पर्यटन गतिविधियां बढ़ने से स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर भी विकसित हो सकते हैं। आयोजन का संबंध सीमांत गांवों के विकास और केंद्र सरकार की वाइब्रेंट विलेज पहल के उद्देश्यों से भी है।
26 अक्टूबर को होगा माउंटेन टेरेन बाइकिंग इवेंट
आयोजन के अंतिम दिन सोमवार, 26 अक्टूबर को माउंटेन टेरेन बाइकिंग (एमटीबी) प्रतियोगिता प्रस्तावित है। इसके माध्यम से पहाड़ी इलाकों में साइकिलिंग और साहसिक खेलों को बढ़ावा दिया जाएगा।
आदि कैलास परिक्रमा रन 2.0 उत्तराखंड के लिए खेल, पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को एक साथ आगे बढ़ाने का अवसर है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की गुंजी यात्रा और इस आयोजन में उनकी भागीदारी से सीमांत क्षेत्रों में पर्यटन विकास पर राज्य सरकार के जोर को भी रेखांकित किया जा रहा है।