मुख्यमंत्री के श्रीनगर पहुंचने पर स्थानीय लोगों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, सतपाल महाराज, विधायक भरत चौधरी, महापौर आरती भंडारी सहित कई जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।
नौ साल बाद श्रीनगर में फिर शुरू हुई सिटी बस सेवा
श्रीनगर शहर के लोगों के लिए मुख्यमंत्री का सबसे महत्वपूर्ण कदम सिटी बस सेवा का दोबारा शुभारंभ रहा। शहर में लगभग नौ साल बाद सार्वजनिक परिवहन की यह सुविधा फिर से शुरू की गई है। लंबे समय से स्थानीय लोग शहर में सस्ती और सुविधाजनक परिवहन व्यवस्था की मांग कर रहे थे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लगभग 22.48 लाख रुपये की लागत से उपलब्ध कराई गई 30 सीटर बस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान उन्होंने बस की चाबी नगर निगम को सौंपी और पार्षदों से भरी बस को फ्लैग ऑफ किया।
प्रारंभिक योजना के अनुसार यह बस धारी देवी से कलियासौड़ होते हुए कीर्तिनगर पुल तक संचालित होगी। शुरुआत में बस प्रतिदिन कम से कम पांच चक्कर लगाएगी। सर्दियों में बस का संचालन सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक और गर्मियों में सुबह 7 बजे से रात 8 बजे तक प्रस्तावित है।
इस सेवा से विद्यार्थियों, नौकरीपेशा लोगों, व्यापारियों और स्थानीय नागरिकों को आवागमन में सुविधा मिलने की उम्मीद है।
महिला स्वयं सहायता समूहों को 2,01,530 रुपये की प्रोत्साहन राशि
मुख्यमंत्री ने महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित ‘सशक्त बहना, सशक्त उत्तराखंड’ कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने महिला स्वयं सहायता समूहों को कुल 2 लाख 1 हजार 530 रुपये की प्रोत्साहन राशि का चेक वितरित किया।
सरकार का उद्देश्य महिलाओं को स्वरोजगार और छोटे व्यवसायों से जोड़कर उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत करना है। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की महिलाएं सामूहिक रूप से आजीविका संबंधी गतिविधियां संचालित कर रही हैं।
मुख्यमंत्री ने महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता को राज्य के विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया।
51 पर्यावरण मित्र महिलाओं को दी गई हेल्थ एवं हाइजीन किट
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने नगर निगम में स्वच्छता कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली 51 पर्यावरण मित्र महिलाओं को हेल्थ एवं हाइजीन किट वितरित कीं।
इस पहल का उद्देश्य सफाई कार्यों में जुटी महिलाओं के स्वास्थ्य, व्यक्तिगत स्वच्छता और सुरक्षा का ध्यान रखना है। पर्यावरण मित्र शहर को स्वच्छ रखने में महत्वपूर्ण योगदान देती हैं। ऐसे में उनके स्वास्थ्य और सुविधाओं को प्राथमिकता देना जरूरी है।
कूड़ा निस्तारण और पर्यावरण संरक्षण के लिए करोड़ों के काम
मुख्यमंत्री ने श्रीयंत्र टापू में नगर निगम श्रीनगर की विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी किया। इन योजनाओं में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, पार्कों का सौंदर्यीकरण, वर्षा जल संचयन और सड़क निर्माण जैसे महत्वपूर्ण कार्य शामिल हैं।
प्रमुख परियोजनाएं इस प्रकार हैं:
| विकास कार्य | लागत |
|---|---|
| सैनिटरी लैंडफिल एवं ठोस अपशिष्ट निस्तारण सुविधा | ₹6.24 करोड़ |
| रेन वाटर हार्वेस्टिंग पार्क | ₹88.33 लाख |
| गोला बाजार पार्क का सौंदर्यीकरण | ₹1.31 करोड़ |
| नगरीय सिटी बस सेवा | ₹22.48 लाख |
| सेम गांव में सड़क एवं नाली निर्माण | ₹22.51 लाख |
| लक्ष्मीनारायण पार्क | ₹10.95 लाख |
| ईवी चार्जिंग स्टेशन | ₹9.50 लाख |
इसके अतिरिक्त हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय परिसर में स्वर्गीय हेमवती नंदन बहुगुणा की प्रतिमा पर बने शेड का भी लोकार्पण किया गया।
ईवी चार्जिंग स्टेशन से मिलेगा इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा
श्रीनगर में 9.50 लाख रुपये की लागत से स्थापित इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) चार्जिंग स्टेशन का लोकार्पण भी किया गया। इससे इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को प्रोत्साहन मिलेगा और भविष्य में शहर में प्रदूषण कम करने की दिशा में मदद मिल सकती है।
वहीं, स्वर्गीय रणजीत सिंह भंडारी वाटिका में रेन वाटर हार्वेस्टिंग पार्क के निर्माण से वर्षा जल संरक्षण को बढ़ावा देने की योजना है।
बच्चों से भी मिले मुख्यमंत्री धामी
मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान बच्चों के साथ उनका संवाद भी चर्चा का विषय रहा। कॉलेज गेट के समीप विद्यार्थियों को देखकर मुख्यमंत्री अपने वाहन से नीचे उतरे और बच्चों के बीच पहुंचकर उनसे बातचीत की। उन्होंने बच्चों का हालचाल जाना और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।
जूनियर दिल्ली स्कूल की प्रधानाचार्य बबिता गुसाईं के साथ आए 10 विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री को डीक्राफ्ट भेंट किया। मुख्यमंत्री ने बच्चों से आत्मीयता से बातचीत की।
श्रीनगर के विकास को मिलेगी नई गति
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का यह दौरा श्रीनगर गढ़वाल में शहरी विकास और जनसुविधाओं के विस्तार के लिहाज से महत्वपूर्ण रहा। सिटी बस सेवा की दोबारा शुरुआत, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन परियोजना, पार्कों का सौंदर्यीकरण और महिलाओं के लिए प्रोत्साहन राशि जैसी पहल से शहर के विकास को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
करीब 9.35 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की सौगात के साथ सरकार ने श्रीनगर में बुनियादी सुविधाओं, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और महिला सशक्तीकरण पर अपना ध्यान केंद्रित किया है।