खास बात यह है कि नए लोगो में उत्तराखंड की भौगोलिक और प्राकृतिक पहचान को प्रमुखता दी गई है। इसमें अशोक स्तंभ, सत्यमेव जयते, हिमालय की पर्वत श्रृंखलाओं और नदी को शामिल किया गया है। वहीं, पुलिस के पुराने तीन रंगों वाले ध्वज की जगह अब गहरे नीले रंग की पृष्ठभूमि वाला नया ध्वज अपनाया गया है। इसके किनारों पर लाल और सुनहरे रंग की पट्टियां होंगी।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर पुलिस अधिकारियों और जवानों को बधाई देते हुए कहा कि पुलिस की पहचान में बदलाव केवल वर्दी और प्रतीकों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पुलिस बल की गौरवशाली परंपरा, शौर्य, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।
नए लोगो में दिखेगी उत्तराखंड की पहचान, हिमालय और नदी को मिली जगह
उत्तराखंड पुलिस के नए प्रतीक चिह्न को राज्य की प्राकृतिक, सांस्कृतिक और राष्ट्रीय पहचान को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इसमें कई महत्वपूर्ण प्रतीकों को शामिल किया गया है।
नए लोगो में शामिल प्रमुख प्रतीक इस प्रकार हैं:
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अशोक स्तंभ: राष्ट्रीय गौरव और संवैधानिक मूल्यों का प्रतीक।
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सत्यमेव जयते: सत्य और न्याय के प्रति प्रतिबद्धता का संदेश।
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स्वर्णिम लॉरेल रीथ: विजय, सम्मान और उत्कृष्टता का प्रतीक।
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हिमालय: उत्तराखंड की भौगोलिक और प्राकृतिक पहचान।
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नदी: राज्य की जल संपदा और प्राकृतिक विरासत का प्रतीक।
इन सभी प्रतीकों के माध्यम से पुलिस बल की राष्ट्रीय जिम्मेदारी और उत्तराखंड की विशिष्ट पहचान को एक साथ दर्शाने का प्रयास किया गया है।
तीन रंगों वाले पुराने ध्वज की जगह अब गहरे नीले रंग का नया ध्वज
उत्तराखंड पुलिस के ध्वज में भी महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। पहले पुलिस का ध्वज तीन रंगों वाली क्षैतिज पट्टियों के स्वरूप में था। अब इसकी जगह गहरे नीले रंग की पृष्ठभूमि वाला नया ध्वज अपनाया गया है।
नए ध्वज के बीच में उत्तराखंड पुलिस का नया प्रतीक चिह्न होगा। इसके साथ ही ध्वज के किनारों पर लाल और सुनहरे रंग की पट्टियां होंगी।
पुलिस विभाग के अनुसार, पुराने ध्वज का अनावरण 4 अप्रैल 2008 को किया गया था। बदलती परिस्थितियों, पुलिस की बढ़ती जिम्मेदारियों और विभाग की नई पहचान को ध्यान में रखते हुए अब इसे नया स्वरूप दिया गया है।
खाकी वर्दी में भी दिखेगा नया बदलाव
उत्तराखंड पुलिस की पारंपरिक खाकी वर्दी को पूरी तरह बदलने के बजाय उसके सेरेमोनियल स्वरूप को नया रूप दिया गया है।
नई सेरेमोनियल वर्दी में बहुरंगी सैश, विशेष अलंकरण और परेड से संबंधित साज-सज्जा को शामिल किया गया है। इसके अलावा पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की वर्दी पर इस्तेमाल होने वाले फॉरमेशन साइन, इंसिग्निया और क्रेस्ट को भी नए लोगो के अनुरूप तैयार किया गया है।
इस बदलाव के बाद पुलिसकर्मी विशेष समारोहों और औपचारिक परेड के दौरान नई सेरेमोनियल वर्दी में दिखाई देंगे।
अब ‘कर्म सत्यं शौर्यम्’ होगा उत्तराखंड पुलिस का नया ध्येय वाक्य
उत्तराखंड पुलिस की पहचान के साथ उसके ध्येय वाक्य में भी बदलाव किया गया है। पहले पुलिस का ध्येय वाक्य ‘मित्रता, सेवा, सुरक्षा’ था, जिसके आधार पर उत्तराखंड पुलिस ने ‘मित्र पुलिस’ के रूप में अपनी पहचान बनाई थी।
अब नया ध्येय वाक्य ‘कर्म सत्यं शौर्यम्’ अपनाया गया है।
इसका संदेश है कि पुलिस का प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी अपने कर्तव्य का पालन करते हुए सत्यनिष्ठा और साहस को सर्वोच्च प्राथमिकता दे।
मुख्यमंत्री धामी ने भी कहा कि नए ध्येय वाक्य को केवल शब्दों तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए, बल्कि इसे पुलिसकर्मियों के व्यवहार और कार्यशैली में भी दिखाई देना चाहिए।
6 नवंबर को अमित शाह करेंगे राष्ट्रपति पुलिस कलर से सम्मानित
उत्तराखंड पुलिस के लिए एक और बड़ी उपलब्धि यह है कि आगामी 6 नवंबर को केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह देहरादून में उत्तराखंड पुलिस को प्रतिष्ठित ‘राष्ट्रपति पुलिस कलर’ से सम्मानित करेंगे।
इस अवसर पर विशेष निशान परेड आयोजित की जाएगी, जिसमें उत्तराखंड पुलिस के जवान नई सेरेमोनियल वर्दी में हिस्सा लेंगे।
राष्ट्रपति पुलिस कलर किसी पुलिस बल को उसकी उत्कृष्ट सेवाओं, कर्तव्यनिष्ठा और उल्लेखनीय योगदान के लिए दिया जाने वाला प्रतिष्ठित सम्मान है। यह सम्मान मिलना उत्तराखंड पुलिस के लिए गौरव का विषय माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने पुलिसकर्मियों को दिलाई राष्ट्रीय एकता की शपथ
राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों को राष्ट्रीय एकता की शपथ भी दिलाई।
उन्होंने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल ने देश की एकता और अखंडता को मजबूत करने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई थी। उनके आदर्शों से प्रेरणा लेकर पुलिस बल को राष्ट्रसेवा, अनुशासन और आंतरिक सुरक्षा के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस की नई पहचान का वास्तविक सम्मान तभी होगा, जब आम नागरिकों को पुलिस के व्यवहार में संवेदनशीलता, कार्यप्रणाली में दक्षता और कार्रवाई में निष्पक्षता दिखाई दे।
उन्होंने आधुनिक तकनीक से लैस, प्रशिक्षित और सक्षम पुलिस बल तैयार करने को राज्य सरकार की प्राथमिकता बताया।
21 अक्टूबर को मिली थी नए स्वरूप को मंजूरी
उत्तराखंड पुलिस के नए ध्वज और प्रतीक चिह्न को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 21 अक्टूबर 2026 को मंजूरी दी थी। इसके बाद 31 अक्टूबर को आयोजित कार्यक्रम में नए गौरव चिह्नों का औपचारिक अनावरण किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ, प्रमुख सचिव आरके सुधांशु, आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव शैलेश बगोली और पुलिस विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
उत्तराखंड पुलिस के लिए नई शुरुआत
उत्तराखंड पुलिस की नई पहचान राज्य के पुलिस बल के लिए एक महत्वपूर्ण बदलाव है। नए लोगो में हिमालय और नदी के माध्यम से राज्य की प्राकृतिक विरासत को जगह दी गई है, जबकि अशोक स्तंभ और सत्यमेव जयते के जरिए राष्ट्रीय गौरव और सत्यनिष्ठा का संदेश दिया गया है।
अब नई वर्दी, नए ध्वज और ‘कर्म सत्यं शौर्यम्’ के नए ध्येय वाक्य के साथ उत्तराखंड पुलिस से जनता के प्रति अधिक संवेदनशील, पारदर्शी और जवाबदेह भूमिका निभाने की अपेक्षा की जा रही है।