अमित शाह का यह लक्ष्य केवल चुनावी नारा नहीं, बल्कि प्रदेश में भाजपा के संगठनात्मक विस्तार और आगामी चुनाव की रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है। उन्होंने कार्यकर्ताओं को बूथ स्तर तक संगठन मजबूत करने और जनता के बीच सक्रिय रहने का संदेश दिया।
2027 विधानसभा चुनाव के लिए मिशन 65 पार
अमित शाह ने अपने संबोधन में कहा कि भाजपा ने वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में 57 सीटें जीतकर सरकार बनाई थी। इसके बाद 2022 के चुनाव में पार्टी को 47 सीटों पर जीत मिली। अब पार्टी को 65 से अधिक सीटें जीतने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ना होगा।
उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं से कहा कि इस बार केवल सरकार बनाने के लिए नहीं, बल्कि प्रदेश में सबसे बड़ी जीत दर्ज करने के संकल्प के साथ चुनाव मैदान में उतरना है। शाह ने गुजरात, असम, गोवा, महाराष्ट्र और हरियाणा जैसे राज्यों का उदाहरण देते हुए कहा कि भाजपा वहां लगातार तीसरी बार सरकार बनाने में सफल रही है। अब उत्तराखंड में भी पार्टी को जीत की हैट्रिक लगानी है।
घर-घर जाकर जनता से संपर्क करेंगे भाजपा कार्यकर्ता
अमित शाह ने भाजपा संगठन को चुनावी तैयारियों में जुटने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि पार्टी के कार्यकर्ता प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र और प्रत्येक परिवार तक पहुंचें। केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं तथा पिछले वर्षों में हुए विकास कार्यों को जनता के सामने रखें।
उन्होंने कार्यकर्ताओं से स्थानीय समस्याओं को समझने और उनके समाधान के लिए सक्रिय रहने की अपील की। उनका कहना था कि भाजपा कार्यकर्ताओं की मेहनत और जनता के समर्थन से उत्तराखंड में एक बार फिर पार्टी की सरकार बनेगी।
कांग्रेस पर साधा निशाना
अपने भाषण में केंद्रीय गृह मंत्री ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर भी तीखे राजनीतिक हमले किए। उन्होंने कांग्रेस की वोट बचाओ यात्रा पर सवाल उठाते हुए इसे घुसपैठियों को बचाने की यात्रा करार दिया।
शाह ने पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के कार्यकाल का जिक्र करते हुए कांग्रेस से उसके शासनकाल के विकास कार्यों का हिसाब मांगा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार के दौरान उत्तराखंड में भ्रष्टाचार और पलायन जैसी समस्याएं बनी रहीं।
उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा सरकार ने प्रदेश को मनीऑर्डर आधारित अर्थव्यवस्था से आगे बढ़ाकर उद्योग और रोजगार के अवसर पैदा करने वाली अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में काम किया है।
UCC और कानून व्यवस्था को बताया बड़ी उपलब्धि
अमित शाह ने उत्तराखंड में लागू समान नागरिक संहिता (UCC) का भी उल्लेख किया। उन्होंने इसे राज्य सरकार की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में शामिल करते हुए कहा कि उत्तराखंड ने देश में समान नागरिक संहिता लागू करने की दिशा में उदाहरण प्रस्तुत किया है।
इसके अलावा उन्होंने नकल विरोधी कानून, धर्मांतरण कानून और सरकारी जमीनों से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई का भी जिक्र किया। शाह ने कहा कि भाजपा सरकार उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान और सुरक्षा को प्राथमिकता दे रही है।
विकास योजनाओं का भी किया जिक्र
अमित शाह ने अपने संबोधन में केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न विकास परियोजनाओं को भी गिनाया। उन्होंने दिल्ली-देहरादून आर्थिक गलियारा, ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना और केदारनाथ एवं हेमकुंड साहिब रोपवे परियोजनाओं का उल्लेख किया।
उन्होंने सीमावर्ती गांवों के विकास के लिए संचालित वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम की भी चर्चा की। शाह के अनुसार, सीमावर्ती क्षेत्रों में विकास कार्यों से पलायन रोकने और स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने में मदद मिल रही है।
1,475 करोड़ की 62 योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास
उत्तराखंड राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में अमित शाह ने 1,475.31 करोड़ रुपये की कुल 62 विकास योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी किया।
इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सहित भाजपा के कई वरिष्ठ नेता और अधिकारी मौजूद रहे। राज्योत्सव समारोह में उत्तराखंड की विकास यात्रा और भविष्य की योजनाओं को लेकर भी चर्चा हुई।
2027 में भाजपा के सामने बड़ी चुनौती
उत्तराखंड विधानसभा में कुल 70 सीटें हैं। ऐसे में 65 से अधिक सीटें जीतने का लक्ष्य भाजपा के लिए काफी बड़ा है। वर्ष 2017 में 57 और 2022 में 47 सीटें जीतने के बाद अब पार्टी अपनी स्थिति को और मजबूत करना चाहती है।
हालांकि, आगामी चुनाव में कांग्रेस भी भाजपा को कड़ी चुनौती देने की तैयारी में है। बेरोजगारी, पलायन, महंगाई और स्थानीय मुद्दे चुनाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
अमित शाह के ‘इस बार 65 पार’ के नारे ने उत्तराखंड की राजनीति में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर हलचल तेज कर दी है। अब देखना होगा कि भाजपा अपने इस बड़े लक्ष्य को हासिल करने में कितनी सफल होती है।