उत्तराखंड के शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए प्रदेश के विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने डोईवाला के प्रभारी खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) धनबीर सिंह के निलंबन को मंजूरी दे दी है। यह कार्रवाई विजिलेंस विभाग द्वारा अधिकारी को रंगे हाथों रिश्वत लेते पकड़े जाने के बाद की गई है।

घटना का विवरण (रिश्वत कांड):
  • रिश्वत की राशि: प्रभारी बीईओ 
    धनबीर सिंह

     को 1 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया था।

  • मामला: आरोप है कि बीईओ ने शिक्षा के अधिकार (RTE) के तहत एक निजी स्कूल के बिलों के भुगतान (Reimbursement) को क्लियर करने के बदले इस राशि की मांग की थी।
  • विजिलेंस का जाल: विजिलेंस टीम ने गुप्त शिकायत के आधार पर जाल बिछाया और डोईवाला क्षेत्र में ही अधिकारी को रिश्वत की रकम के साथ रंगे हाथों दबोच लिया।
शिक्षा मंत्री का बयान और कार्रवाई:
मंत्री 

डॉ. धन सिंह रावत

 ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कहा कि विभाग में अनुशासनहीनता और भ्रष्टाचार किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार विभाग की छवि खराब करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रखेगी।

  • निलंबन आदेश: संबंधित अधिकारी को उत्तराखंड सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली 2023 के प्रावधानों के तहत निलंबित किया गया है।
  • पारदर्शिता पर जोर: मंत्री ने विभागीय उच्चाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए समय-समय पर निरीक्षण करें और छात्रों व अभिभावकों से सीधा फीडबैक लें ताकि व्यवस्था और अधिक पारदर्शी हो सके।

विजिलेंस की सक्रियता:
विजिलेंस विभाग के अनुसार, आम नागरिकों से अपील की गई है कि यदि कोई भी लोक सेवक काम के बदले रिश्वत की मांग करता है, तो तुरंत इसकी सूचना दें। हाल के महीनों में उत्तराखंड में शिक्षा विभाग के कई अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के चलते गाज गिरी है, जिसमें हरिद्वार के एक बीईओ का मामला भी शामिल है।

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