पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में भाजपा की ऐतिहासिक जीत और नई सरकार के गठन के बाद उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इसे “सुशासन की जीत” बताते हुए एक नई राजनीतिक और आध्यात्मिक यात्रा का आह्वान किया है। मुख्यमंत्री धामी ने इस परिवर्तन को ‘गंगोत्री से गंगासागर’ तक विकास और सुशासन के प्रसार के रूप में परिभाषित किया है।
देहरादून/कोलकाता: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार, 9 मई 2026 को पश्चिम बंगाल की नवनिर्वाचित भाजपा सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में सम्मिलित होकर एक नए राजनीतिक युग की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की उपस्थिति में इस क्षण को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि अब गंगोत्री से लेकर गंगासागर तक सुशासन, राष्ट्रवाद और विकास की “डबल इंजन” सरकार का संकल्प सिद्ध हो गया है।
बदलती राजनीतिक और आध्यात्मिक तस्वीर
मुख्यमंत्री धामी ने देहरादून में पार्टी मुख्यालय पर कार्यकर्ताओं के साथ जश्न मनाते हुए कहा कि यह जीत केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि सांस्कृतिक भी है। उन्होंने बताया कि अब गंगा के किनारे बसे सभी प्रमुख राज्यों—उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल—में भाजपा-एनडीए की सरकारें हैं। इससे ‘नमामि गंगे’ जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं को नई गति मिलेगी और गंगा गोमुख से गंगासागर तक अविरल और निर्मल रूप से प्रवाहित होगी।
मुख्यमंत्री धामी ने देहरादून में पार्टी मुख्यालय पर कार्यकर्ताओं के साथ जश्न मनाते हुए कहा कि यह जीत केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि सांस्कृतिक भी है। उन्होंने बताया कि अब गंगा के किनारे बसे सभी प्रमुख राज्यों—उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल—में भाजपा-एनडीए की सरकारें हैं। इससे ‘नमामि गंगे’ जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं को नई गति मिलेगी और गंगा गोमुख से गंगासागर तक अविरल और निर्मल रूप से प्रवाहित होगी।
सुशासन के प्रमुख बिंदु और आगामी लक्ष्य:
- विकास की निरंतरता: धामी ने इसे प्रधानमंत्री मोदी के “पॉलिटिक्स ऑफ परफॉर्मेंस” पर जनता की मुहर बताया है।
- बंगाल में नया अध्याय: उन्होंने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में बंगाल में भयमुक्त वातावरण और समावेशी विकास की उम्मीद जताई है।
- उत्तराखंड के लिए संदेश: इस जीत को उन्होंने 2029 के सेमीफाइनल और 2032 के फाइनल के लिए उत्तराखंड के कार्यकर्ताओं के लिए एक प्रेरणा स्रोत बताया।
- सांस्कृतिक जुड़ाव: देहरादून में आयोजित उत्सव के दौरान धामी ने बंगाल की पारंपरिक ‘झालमूड़ी’ का आनंद लेकर दोनों राज्यों के सांस्कृतिक सेतु को और मजबूत करने का संदेश दिया।
तीर्थ पुरोहितों में हर्ष की लहर
गंगोत्री धाम के तीर्थ पुरोहितों ने भी इस राजनीतिक परिवर्तन का स्वागत किया है। उनका मानना है कि गंगोत्री से गंगासागर तक एक ही विचारधारा की सरकार होने से गंगा संरक्षण और तीर्थाटन के बुनियादी ढांचे में सुधार होगा। [1]
गंगोत्री धाम के तीर्थ पुरोहितों ने भी इस राजनीतिक परिवर्तन का स्वागत किया है। उनका मानना है कि गंगोत्री से गंगासागर तक एक ही विचारधारा की सरकार होने से गंगा संरक्षण और तीर्थाटन के बुनियादी ढांचे में सुधार होगा। [1]
मुख्यमंत्री धामी ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में स्पष्ट किया कि उनकी सरकार “सुशासन” को उत्तराखंड के दूरस्थ गाँवों से लेकर गंगासागर के तट तक पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है।