पौड़ी गढ़वाल: उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में मानव-वन्यजीव संघर्ष थमने का नाम नहीं ले रहा है. 9 जून 2026 को पौड़ी गढ़वाल जिले के कोट ब्लॉक अंतर्गत वाडियूं (बाडयू) गांव से एक बेहद दहला देने वाली और खौफनाक घटना सामने आई है. यहां दिनदहाड़े एक खूंखार आदमखोर गुलदार (तेंदुए) ने खेत में काम कर रही एक 55 वर्षीय महिला पर घात लगाकर जानलेवा हमला कर दिया और उन्हें मौत के घाट उतार दिया. इस वीभत्स हमले में गुलदार ने महिला का सिर धड़ से अलग कर दिया था. घटना के बाद ग्रामीणों के भारी आक्रोश को देखते हुए वन विभाग की टीम और आधिकारिक शूटर तुरंत मौके पर पहुंचे. जब आदमखोर गुलदार ने टीम पर भी हमला करने का प्रयास किया, तो जवाबी कार्रवाई में वन विभाग के शूटरों ने आत्मरक्षा में गोलियां चलाकर उस खूंखार गुलदार को मौके पर ही ढेर कर दिया. 
इस पूरी दर्दनाक घटना और उसके बाद की त्वरित कार्रवाई का विस्तृत विवरण नीचे दिया गया है:
कैसे और कब हुई यह दर्दनाक घटना?
  • खेत में घास काटने गई थीं महिला: आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, वाडियूं गांव की रहने वाली प्रभा देवी (55 वर्ष), पत्नी मातबर सिंह, मंगलवार दोपहर को अपने घर के पास स्थित खेतों में मवेशियों के लिए घास और चारा लेने गई थीं. 
  • गुलदार का अचानक जानलेवा हमला: झाड़ियों में पहले से घात लगाकर बैठे एक बड़े नर गुलदार ने प्रभा देवी पर पीछे से अचानक हमला कर दिया. 
  • खंडहर में घसीटकर ले गया शव: महिला को संभलने का मौका भी नहीं मिला. गुलदार उन्हें गर्दन से दबोचकर पास के ही एक पुराने निर्जन (खंडहर) मकान की तरफ घसीट ले गया. 
  • शव को किया क्षत-विक्षत: गुलदार का हमला इतना हिंसक था कि उसने महिला के शव का सिर धड़ से पूरी तरह अलग कर दिया और शरीर को नोचने लगा. 
परिजनों और ग्रामीणों को ऐसे चला पता
  • खोजबीन में सामने आया खौफनाक मंजर: जब प्रभा देवी काफी देर तक घर वापस नहीं लौटीं, तो उनके पति और अन्य परिजन चिंतित होकर उन्हें ढूंढने खेतों की तरफ निकले. 
  • मौके पर ही मौजूद था गुलदार: खोजबीन के दौरान ग्रामीणों को झाड़ियों और खेतों में खून के धब्बे दिखाई दिए. जब वे खंडहर मकान के पास पहुंचे, तो वहां का मंजर देखकर सबके होश उड़ गए. गुलदार महिला के शव के पास ही मौजूद था. 
  • ग्रामीणों का फूटा गुस्सा: इस वीभत्स घटना से पूरे क्षेत्र में कोहराम मच गया. गुस्साए ग्रामीणों ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस, राजस्व विभाग और वन विभाग के उच्चाधिकारियों को दी. ग्रामीणों ने वन विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और मांग की कि इस आदमखोर को तुरंत मारा जाए. 
वन विभाग का त्वरित एक्शन और एनकाउंटर
  • मौके पर पहुंची भारी टीम: घटना की गंभीरता को देखते हुए प्रभागीय वनाधिकारी (DFO) के निर्देश पर वन विभाग की रेस्क्यू टीम, स्थानीय पुलिस और विभाग के विशेषज्ञ शूटरों का दल तत्काल वाडियूं गांव पहुंचा.
  • शूटरों पर भी किया हमला: वन विभाग की टीम जब शव को कब्जे में लेने और गुलदार को ट्रेंकुलाइज (बेहोश) करने का प्रयास कर रही थी, तभी वह आदमखोर वन्यजीव अत्यधिक आक्रामक हो गया. वह शव को छोड़कर वनकर्मियों और ग्रामीणों की तरफ तेजी से झपटा.
  • मुठभेड़ में गुलदार ढेर: गुलदार को अपनी तरफ आता देख और जान का खतरा भांपते हुए वन विभाग के तैनात शूटरों ने अपनी बंदूकों से मोर्चा संभाला. शूटरों ने आत्मरक्षा में सटीक फायरिंग की, जिससे कई गोलियां गुलदार को लगीं और वह मौके पर ही ढेर हो गया.
  • 90 मिनट के भीतर कार्रवाई: ग्रामीणों के भारी विरोध और सुरक्षा चिंताओं के बीच, वन विभाग ने मुस्तैदी दिखाते हुए महज डेढ़ घंटे (90 मिनट) के भीतर इस खतरनाक गुलदार को न्यूट्रलाइज कर दिया. 
ग्रामीणों ने ली राहत की सांस, मगर दहशत बरकार
गुलदार के मारे जाने की पुष्टि के बाद बाडियू और उसके आसपास के गांवों के लोगों ने बड़ी राहत की सांस ली है, क्योंकि यह गुलदार लगातार क्षेत्र में सक्रिय था और स्थानीय मवेशियों को भी निशाना बना रहा था. वन विभाग ने मृत महिला के शव का पंचनामा भरकर उसे पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है. वहीं, मारे गए गुलदार के शव को भी पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है ताकि उसकी उम्र और स्वास्थ्य की सही स्थिति का पता चल सके. वन विभाग के अधिकारियों ने प्रभावित परिवार को तत्काल वित्तीय सहायता (अनुग्रह राशि) देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. साथ ही, प्रशासन ने वन्यजीवों की सक्रियता को देखते हुए ग्रामीणों से अकेले जंगलों या सुनसान खेतों की तरफ न जाने और बच्चों को अकेले बाहर न भेजने की सख्त अपील की है. [1, 2, 3, 4, 5]

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