उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में पुलिस और बदमाशों के बीच रविवार, 26 अप्रैल 2026 की देर रात एक भीषण मुठभेड़ हुई। इस मुठभेड़ में पुलिस ने उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के दो शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। जवाबी फायरिंग के दौरान एक बदमाश के पैर में गोली लगी है, जिसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। Hindustan Times |
पूरी घटना का विवरण
यह घटना देहरादून के बसंत विहार थाना क्षेत्र के अंतर्गत हरबंशवाला बैरियर के पास हुई। पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ की पूरी कहानी इस प्रकार है:
- नियमित चेकिंग: ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत बसंत विहार पुलिस हरबंशवाला बैरियर पर सघन चेकिंग अभियान चला रही थी। तभी एक नीले रंग की बिना नंबर प्लेट वाली स्कूटी पर सवार दो युवक आते दिखाई दिए
- बैरियर तोड़कर भागे: जब पुलिस टीम ने उन्हें रुकने का इशारा किया, तो बदमाश रुकने के बजाय स्कूटी की रफ्तार बढ़ाकर टी-स्टेट (Tea Estate) की ओर भागने लगे।
- जानलेवा हमला: पुलिस टीम ने तुरंत उनका पीछा किया। खुद को घिरता देख स्कूटी के पीछे बैठे बदमाश ने पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग शुरू कर दी।
- जवाबी फायरिंग: पुलिस ने भी आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की, जिसमें एक बदमाश के पैर में गोली लग गई और वह स्कूटी से गिर पड़ा। पुलिस ने घेराबंदी कर दोनों को मौके पर ही दबोच लिया।
गिरफ्तार बदमाशों की पहचान
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए दोनों अपराधी पश्चिमी उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं:
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अब्दुल्ला
(37 वर्ष): निवासी सहारनपुर, यूपी। यह एक हिस्ट्रीशीटर अपराधी है, जिस पर सहारनपुर, मेरठ और गाजियाबाद में हत्या के प्रयास और लूट जैसे कई गंभीर मुकदमे दर्ज हैं। मुठभेड़ में इसी के पैर में गोली लगी है।
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शाहनवाज सलमानी
(33/39 वर्ष): निवासी सहारनपुर, जो वर्तमान में देहरादून के सहसपुर क्षेत्र में रह रहा था।
हथियार और अन्य बरामदगी
पुलिस ने बदमाशों के कब्जे से निम्नलिखित सामान बरामद किया है:
- दो अवैध 315 बोर के तमंचे।
- जिंदा और खोखा कारतूस।
- घटना में प्रयुक्त नीले रंग की बिना नंबर वाली स्कूटी।
वरिष्ठ अधिकारियों का बयान
सूचना मिलते ही एसएसपी देहरादून प्रमेंद्र डोबाल और एसपी सिटी प्रमोद कुमार ने घटनास्थल का मुआयना किया। एसएसपी ने बताया कि दोनों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 109/3(5) और शस्त्र अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। उत्तराखंड में अपराधियों के खिलाफ ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।