उत्तराखंड में पर्यटन कारोबार को बढ़ावा देने और पर्यटन से जुड़े व्यवसायों की पंजीकरण प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सिंगल विंडो व्यवस्था लागू करने की घोषणा की है। इससे प्रदेश में होटल, होमस्टे, रिसॉर्ट और अन्य पर्यटन व्यवसायों से जुड़े लोगों को पंजीकरण कराने में सुविधा मिलने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री ने यह घोषणा 9 अक्टूबर 2026 को हल्द्वानी में आयोजित प्रांतीय व्यापारी सम्मेलन के दौरान व्यापारियों के हित में की गई आठ घोषणाओं के तहत की।

सरकार का उद्देश्य पर्यटन कारोबार से जुड़ी प्रक्रियाओं को सरल बनाना, स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार के अवसर बढ़ाना और प्रदेश में पर्यटन क्षेत्र के विकास को गति देना है। उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था में पर्यटन की महत्वपूर्ण भूमिका है। चारधाम यात्रा, धार्मिक पर्यटन, प्राकृतिक सौंदर्य, साहसिक पर्यटन और पहाड़ी क्षेत्रों में होमस्टे जैसी सुविधाएं बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों की आजीविका से जुड़ी हैं।

पर्यटन कारोबार के लिए क्या-क्या बदलेगा?

मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुसार पर्यटन व्यवसायों के पंजीकरण की प्रक्रिया को सरल बनाया जाएगा और सिंगल विंडो व्यवस्था लागू की जाएगी। इसका उद्देश्य पर्यटन कारोबारियों को अलग-अलग कार्यालयों में जाकर औपचारिकताएं पूरी करने की परेशानी से राहत देना है। हालांकि, इस नई व्यवस्था के क्रियान्वयन की विस्तृत समयसीमा और आवेदन प्रक्रिया की जानकारी आधिकारिक घोषणा में स्पष्ट नहीं की गई है।

इस पहल से निम्न क्षेत्रों को लाभ मिलने की उम्मीद है:

  • होटल और रिसॉर्ट: पंजीकरण से संबंधित प्रक्रियाओं को सरल बनाने में मदद मिल सकती है।

  • होमस्टे संचालक: पहाड़ी और पर्यटन बहुल क्षेत्रों में स्थानीय लोगों को अतिरिक्त आय के अवसर मिल सकते हैं।

  • ट्रैवल एजेंसियां और टूर ऑपरेटर: पर्यटन कारोबार से संबंधित औपचारिकताओं को आसान बनाने की दिशा में सुविधा मिल सकती है।

  • स्थानीय युवा और उद्यमी: पर्यटन क्षेत्र में नए व्यवसाय शुरू करने और स्वरोजगार बढ़ाने की संभावनाएं बन सकती हैं।

पर्यटन स्थलों और जिला मुख्यालयों में बढ़ेंगी होमस्टे सुविधाएं

मुख्यमंत्री ने पर्यटन बहुल क्षेत्रों और जिला मुख्यालयों में होमस्टे सुविधाओं का विस्तार करने की भी घोषणा की। उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों में होमस्टे स्थानीय संस्कृति, पारंपरिक खानपान और प्राकृतिक वातावरण का अनुभव लेने वाले पर्यटकों के लिए महत्वपूर्ण विकल्प हैं।

होमस्टे के विस्तार से ग्रामीण परिवारों को अपने घरों के माध्यम से आय अर्जित करने का अवसर मिल सकता है। इसके साथ ही स्थानीय युवाओं को पर्यटकों के लिए परिवहन, गाइड सेवा, भोजन और अन्य सुविधाओं से जुड़े व्यवसाय शुरू करने में मदद मिल सकती है। सरकार की इस पहल का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य पर्यटन से होने वाले आर्थिक लाभ को गांवों और छोटे कस्बों तक पहुंचाना है।

चारधाम यात्रा मार्ग पर पार्किंग और व्यापारियों को राहत

व्यापारियों के सम्मेलन में मुख्यमंत्री ने चारधाम यात्रा मार्ग पर आवश्यक स्थानों पर पार्किंग विकसित करने की बात भी कही। इससे यात्रा के दौरान वाहनों की आवाजाही और पार्किंग से जुड़ी समस्याओं को कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

इसके अलावा, प्रमुख मार्गों से जुड़े बाजारों में सड़कों और नालियों के निर्माण तथा मरम्मत कार्यों को प्राथमिकता देने की घोषणा की गई। आपदा प्रभावित व्यापारियों को नियमानुसार राहत देने के लिए कार्रवाई करने की बात भी सामने आई है। ये घोषणाएं प्रदेश में व्यापारिक गतिविधियों को बेहतर बनाने के व्यापक प्रयास का हिस्सा हैं।

 

पहले से भी चल रही है सिंगल विंडो व्यवस्था

उत्तराखंड में निवेश और व्यापार से संबंधित कई सेवाओं के लिए सिंगल विंडो सिस्टम पहले से मौजूद है। मुख्यमंत्री के अनुसार, इस व्यवस्था के माध्यम से 26 प्रमुख विभागों की 206 से अधिक सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध हैं। नई घोषणा विशेष रूप से पर्यटन कारोबार के पंजीकरण को सरल बनाने और इस क्षेत्र में सिंगल विंडो सुविधा लागू करने पर केंद्रित है।

पर्यटन क्षेत्र के लिए राज्य की नीतियों में भी निवेशकों की सुविधा पर जोर दिया गया है। उत्तराखंड पर्यटन नीति के अंतर्गत पर्यटन परियोजनाओं के लिए राज्य के सिंगल विंडो पोर्टल के साथ समन्वय और आवश्यक अनुमतियों की प्रक्रिया का प्रावधान है।

उत्तराखंड के पर्यटन कारोबार को मिल सकती है नई गति

उत्तराखंड में पर्यटन धार्मिक आस्था के साथ-साथ रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था का भी प्रमुख आधार है। ऐसे में पंजीकरण प्रक्रिया को सरल बनाने, होमस्टे सुविधाओं का विस्तार करने और यात्रा मार्गों पर बुनियादी सुविधाएं विकसित करने जैसे कदम पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोगों के लिए महत्वपूर्ण हो सकते हैं।

यदि नई व्यवस्था प्रभावी तरीके से लागू होती है, तो इससे छोटे पर्यटन कारोबारियों को प्रक्रियागत सुविधा मिल सकती है और स्थानीय स्तर पर निवेश तथा रोजगार को प्रोत्साहन मिल सकता है। हालांकि, वास्तविक लाभ इस बात पर निर्भर करेगा कि नई व्यवस्था की नियमावली, आवेदन प्रक्रिया और क्रियान्वयन संबंधी दिशा-निर्देश कब जारी किए जाते हैं।

 

 

By admin

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