उत्तराखंड में आगामी विधानसभा सत्र को लेकर हलचल तेज हो गई है। प्रदेश की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के भराड़ीसैंण स्थित विधानसभा भवन में सत्र आयोजित किए जाने की संभावना है। इस संबंध में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण के बीच चर्चा हुई है। हालांकि, सरकार की ओर से सत्र की अंतिम तारीख और स्थान को लेकर औपचारिक घोषणा का इंतजार है।
अमर उजाला की 8 अक्टूबर 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, मुख्यमंत्री आवास पर विधानसभा अध्यक्ष ने सीएम धामी से मुलाकात की। इस दौरान आगामी विधानसभा सत्र की तैयारियों पर विचार-विमर्श किया गया। विधानसभा सचिवालय ने गैरसैंण और देहरादून, दोनों स्थानों पर सत्र आयोजित करने के लिए तैयारियां जारी रखी हैं, ताकि सरकार के निर्णय के अनुसार आवश्यक व्यवस्थाएं समय पर पूरी की जा सकें।
दैनिक जागरण और अमर उजाला की पूर्ववर्ती रिपोर्टों के अनुसार, विधानसभा सत्र 22 से 24 अक्टूबर के बीच गैरसैंण में आयोजित किए जाने की संभावना जताई गई है। सत्र को निर्धारित संवैधानिक समयसीमा के भीतर आयोजित किया जाना है। हालांकि, प्रस्तावित तारीखों को अंतिम सरकारी कार्यक्रम नहीं माना जाना चाहिए। सत्र की तिथि और स्थान पर अंतिम निर्णय सरकार की ओर से लिया जाना है।
गैरसैंण में विधानसभा सत्र आयोजित करना प्रदेश की राजनीति और पर्वतीय क्षेत्रों के विकास के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जाता है। भराड़ीसैंण स्थित विधानसभा भवन में सत्र होने से पहाड़ी क्षेत्रों से जुड़े मुद्दों को सदन में उठाने का अवसर मिलता है। इसके साथ ही स्थानीय स्तर पर प्रशासनिक व्यवस्थाओं, आवागमन, सुरक्षा और अन्य सुविधाओं को दुरुस्त करना भी जरूरी होता है।
विधानसभा अध्यक्ष ने कोटद्वार के विकास का मुद्दा भी उठाया
मुख्यमंत्री के साथ बैठक के दौरान विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने कोटद्वार विधानसभा क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों का विषय भी उठाया। उन्होंने कोटद्वार को जिला बनाने की मांग दोहराई और क्षेत्र में नवनिर्मित बस अड्डे सहित अन्य विकास योजनाओं के लोकार्पण के लिए मुख्यमंत्री को कोटद्वार आने का निमंत्रण दिया।
विधानसभा अध्यक्ष के अनुसार, कोटद्वार गढ़वाल क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण भौगोलिक और प्रशासनिक केंद्र है। इसे जिला बनाए जाने से स्थानीय लोगों को प्रशासनिक सेवाएं अधिक आसानी से उपलब्ध हो सकती हैं। हालांकि, कोटद्वार को जिला बनाने को लेकर किसी नए सरकारी निर्णय की घोषणा इस मुलाकात के संबंध में प्रकाशित रिपोर्ट में नहीं की गई है।
गैरसैंण और देहरादून में तैयारियां जारी
विधानसभा सचिवालय की ओर से दोनों विधानसभा परिसरों में तैयारियां की जा रही हैं। गैरसैंण में सत्र आयोजित होने की स्थिति में संबंधित विभागों को पेयजल, स्वच्छता, स्वास्थ्य सेवाओं, सुरक्षा और अधिकारियों-कर्मचारियों की व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान देना होगा।
चमोली जिला प्रशासन ने भी प्रस्तावित सत्र की तैयारियों को लेकर अधिकारियों के साथ बैठक की थी। प्रशासन को व्यवस्थाएं समय पर पूरी करने और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।
अब सरकार के फैसले पर टिकी निगाहें
आगामी विधानसभा सत्र को लेकर अब सरकार के औपचारिक निर्णय का इंतजार है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सरकार सत्र के आयोजन स्थल और तारीख पर अंतिम फैसला लेगी। विधानसभा सचिवालय की तैयारियों को देखते हुए गैरसैंण एक संभावित आयोजन स्थल बना हुआ है।
फिलहाल यह स्पष्ट है कि मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष के बीच सत्र की तैयारियों पर चर्चा हुई है, लेकिन अंतिम कार्यक्रम की आधिकारिक पुष्टि होने के बाद ही यह तय होगा कि सदन की कार्यवाही गैरसैंण में होगी या देहरादून में।