उत्तराखंड में आयुष्मान भारत–प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PM-JAY) और अटल आयुष्मान उत्तराखंड योजना को लेकर सरकार ने बड़ा नीतिगत बदलाव किया है। राज्य सरकार ने योजनाओं में वित्तीय अनुशासन मजबूत करने और प्रक्रिया को अधिक सरल एवं पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से कई प्रोत्साहन राशि और पुराने प्रावधानों को समाप्त करने का निर्णय लिया है। इस संबंध में शासन की ओर से आदेश (शासनादेश) भी जारी कर दिया गया है।शासनादेश के अनुसार, इन बदलावों का मुख्य उद्देश्य योजनाओं के संचालन में अनियमितताओं पर रोक, भुगतान प्रक्रिया को स्पष्ट करना और सिस्टम को संगठित बनाना है। सरकार का मानना है कि कई इंसेंटिव और अलग-अलग दरों के कारण व्यवस्था जटिल हो रही थी, जिससे निगरानी और नियंत्रण में दिक्कतें आती थीं। नई व्यवस्था के तहत हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर में स्थित EHCPS सूचीबद्ध अस्पतालों को मिलने वाली 10 प्रतिशत प्रोत्साहन राशि अब समाप्त कर दी गई है। इस फैसले से इन जिलों में सूचीबद्ध अस्पतालों को पहले मिलने वाला अतिरिक्त आर्थिक लाभ अब नहीं मिलेगा।सरकार ने एक और बड़ा निर्णय लेते हुए पर्वतीय क्षेत्रों को छोड़कर राज्य के अन्य इलाकों में एंट्री लेवल NABH अस्पतालों को मिलने वाली 10 प्रतिशत अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि को भी बंद कर दिया है। हालांकि पर्वतीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को बढ़ावा देने के लिए राहत की उम्मीद बनी रह सकती है।शासनादेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि अलग-अलग पैकेज दरों पर मिलने वाले मल्टीपल इंसेंटिव को समाप्त किया जा रहा है। अब नई व्यवस्था के अनुसार एक ही श्रेणी में अधिकतम अनुमन्य प्रोत्साहन देने का प्रावधान लागू होगा, जिससे भुगतान प्रक्रिया सरल होगी और नियम एक जैसे रहेंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *