देहरादून: उत्तराखंड के युवाओं के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। मुख्यमंत्री
ने प्रदेश में बेरोजगारी दर को कम करने और युवाओं को स्वरोजगार के साथ-साथ सरकारी सेवाओं से जोड़ने के संकल्प को दोहराते हुए बड़ी घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश सरकार अगले एक साल के भीतर लगभग 10,000 से 12,000 रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया को पूरा करने का लक्ष्य लेकर चल रही है।
36,000 भर्तियों का लक्ष्य: अब तक का सफर
मुख्यमंत्री धामी ने रुद्रपुर और देहरादून में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों के दौरान बताया कि पिछले 4 वर्षों में उनकी सरकार ने रिकॉर्ड 26,500 से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां प्रदान की हैं। यह आंकड़ा राज्य गठन के बाद किसी भी सरकार द्वारा दी गई नौकरियों में सबसे अधिक होने का दावा किया जा रहा है। मुख्यमंत्री के अनुसार, वर्तमान में कई परीक्षाओं के परिणाम आने बाकी हैं और नई अधिसूचनाएं जारी होने वाली हैं, जिससे कुल नियुक्तियों का आंकड़ा जल्द ही 36,000 से 38,000 के पार पहुंच जाएगा।
किन विभागों में निकलेंगी नौकरियां?
भर्ती की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) और राज्य लोक सेवा आयोग (UKPSC) सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं। आने वाले महीनों में प्रमुख रूप से इन क्षेत्रों में भर्तियां देखी जा सकेंगी:
- शिक्षा विभाग: एलटी (LT) शिक्षक, बेसिक शिक्षक और चतुर्थ श्रेणी के पदों पर बड़ी संख्या में नियुक्तियां प्रस्तावित हैं।
- पुलिस विभाग: आरक्षी (Constable) और अन्य संवर्गों में भर्ती प्रक्रियाएं पाइपलाइन में हैं।
- वन विभाग: वन दरोगा और फॉरेस्ट गार्ड की नई रिक्तियों पर काम चल रहा है।
- ग्रुप सी (Group C): कनिष्ठ सहायक और विभिन्न विभागों में स्नातक स्तर के पदों के लिए UKSSSC ने परीक्षा कैलेंडर जारी किया है।
सख्त नकल विरोधी कानून का असर
सीएम धामी ने जोर देकर कहा कि उनकी सरकार ने देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया है। इसका सीधा फायदा उन प्रतिभावान युवाओं को मिल रहा है जो अपनी मेहनत के दम पर नौकरी पाना चाहते हैं। धांधली और भ्रष्टाचार पर लगाम लगने से भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता आई है और परीक्षाएं समय पर संपन्न हो रही हैं।
अन्य महत्वपूर्ण घोषणाएं
नौकरियों के साथ-साथ सरकार ने अन्य जनकल्याणकारी कदमों पर भी ध्यान केंद्रित किया है:
- खेल कोटा: सरकारी नौकरियों में खिलाड़ियों के लिए 4% खेल कोटा फिर से बहाल कर दिया गया है।
- महिला आरक्षण: प्रदेश की महिलाओं के लिए नौकरियों में 30% क्षैतिज आरक्षण सुनिश्चित किया गया है।
- संविदा कर्मी: संविदा और दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों के नियमितीकरण के लिए भी नीतिगत ढांचा तैयार किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने युवाओं से अपील की है कि वे किसी भी बहकावे में न आएं और अपनी पढ़ाई पर ध्यान दें, क्योंकि सरकार हर योग्य युवा को उसका हक दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है।