एजीएम कार्मिक केपी सिंह ने शनिवार को रुड़की रोडवेज डिपो का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने बस संचालन, रूट प्रबंधन, स्टाफ की उपलब्धता और त्योहार के लिए की गई विशेष तैयारियों की विस्तार से समीक्षा की।रुड़की डिपो में इन दिनों चालकों की भारी कमी बनी हुई है। इसका सीधा असर बसों के नियमित संचालन पर पड़ रहा है। कई रूटों पर बसें निर्धारित समय पर नहीं चल पा रही हैं, जबकि कुछ फेरों को आपस में समायोजित करना पड़ रहा है। निरीक्षण के दौरान यह स्थिति स्पष्ट रूप से सामने आई कि यदि त्योहार के दौरान अतिरिक्त व्यवस्था नहीं की गई तो यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।होली जैसे बड़े पर्व पर आमतौर पर यात्रियों की संख्या कई गुना बढ़ जाती है। लोग अपने घरों को लौटते हैं और लंबी दूरी के साथ-साथ लोकल रूटों पर भी भीड़ बढ़ जाती है। इसे ध्यान में रखते हुए एजीएम ने अधिकारियों को पहले से तैयारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विभाग की प्राथमिकता यह होनी चाहिए कि किसी भी यात्री को बस की कमी के कारण परेशानी न हो।एजीएम कार्मिक ने डिपो प्रभारी एजीएम अमिता सैनी को निर्देश दिए कि लोकल रूटों पर अतिरिक्त बसों के फेरे बढ़ाए जाएं। जरूरत पड़ने पर अन्य डिपो से चालकों की अस्थायी तैनाती की जाए। ड्यूटी चार्ट में आवश्यक संशोधन कर संचालन सुचारु रखा जाए। व्यस्त रूटों की विशेष निगरानी की जाए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी रूट पर अधिक भीड़ हो तो वहां तुरंत अतिरिक्त बस भेजी जाए।त्योहार के दौरान बेहतर संचालन सुनिश्चित करने के लिए चालकों को 1250 रुपये की प्रोत्साहन राशि देने का निर्णय लिया गया है। इसका उद्देश्य कर्मचारियों का मनोबल बढ़ाना और उन्हें अतिरिक्त जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रेरित करना है। डिपो प्रभारी अमिता सैनी ने बताया कि सभी कर्मचारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे होली के दौरान पूरी जिम्मेदारी और सतर्कता के साथ अपनी ड्यूटी निभाएं।रोडवेज प्रशासन का कहना है कि होली पर्व के दौरान सुरक्षा और समयबद्ध संचालन दोनों को प्राथमिकता दी जाएगी। यात्रियों की सुविधा के लिए कंट्रोल रूम को भी सक्रिय रखा जाएगा और लगातार मॉनिटरिंग की जाएगी।
होली पर्व को देखते हुए रुड़की रोडवेज डिपो पूरी तरह अलर्ट मोड में है। चालकों की कमी जैसी चुनौती के बावजूद अतिरिक्त फेरे, अस्थायी तैनाती और प्रोत्साहन राशि जैसी व्यवस्थाओं के जरिए संचालन को सुचारु बनाए रखने की योजना तैयार की गई है।