उत्तराखंड सरकार ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राज्य का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी देने के अपने वादे को अमली जामा पहनाना शुरू कर दिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर राज्य में ‘पद खोजो’ अभियान का आगाज हो चुका है, जिसका उद्देश्य पदक विजेता खिलाड़ियों के लिए विभिन्न सरकारी विभागों में रिक्त पदों की पहचान कर उन्हें तुरंत नियुक्ति प्रदान करना है
कार्मिक विभाग ने माँगा रिक्तियों का ब्योरा
कार्मिक विभाग के सचिव शैलेश बगौली ने इस अभियान की पुष्टि करते हुए बताया कि सरकार खिलाड़ियों को उनकी योग्यता और मेडल के अनुसार निर्धारित ग्रेड-पे वाले पदों पर नियुक्त करने के लिए प्रतिबद्ध है。 कार्मिक विभाग ने निम्नलिखित प्रमुख विभागों से रिक्त पदों का तत्काल ब्योरा माँगा है:
- शिक्षा विभाग (माध्यमिक शिक्षा)
- वन विभाग
- परिवहन विभाग
- गृह विभाग (पुलिस विभाग)
- युवा कल्याण एवं खेल विभाग
मेडल के अनुसार तय होगा ग्रेड-पे
नई खेल नीति 2021 के तहत शुरू की गई इस ‘आउट ऑफ टर्न’ रोजगार योजना में खिलाड़ियों के मेडल के स्तर के आधार पर ग्रेड-पे निर्धारित किया गया है:
- स्वर्ण पदक विजेता (ओलंपिक/विश्व चैंपियनशिप/एशियाई खेल): इन्हें सीधे 5400 ग्रेड-पे (लेवल-10) के राजपत्रित पदों पर नियुक्ति का प्रावधान है。
- सिल्वर और ब्रोंज मेडल विजेता: इन्हें मेडल की श्रेणी के अनुसार 2000 से लेकर 4800 ग्रेड-पे तक के पदों पर समायोजित किया जाएगा。
मुख्य उद्देश्य और वर्तमान स्थिति
सरकार का प्राथमिक उद्देश्य राज्य में खेलों के प्रति युवाओं को प्रोत्साहित करना और पदक विजेताओं का भविष्य सुरक्षित करना है。 हाल ही में, खेल मंत्री रेखा आर्या ने अधिकारियों को 38वें राष्ट्रीय खेलों के पदक विजेताओं के लिए भी प्रस्ताव तैयार करने और भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं。
अब तक लगभग 120 आवेदन प्राप्त हुए थे, जिनमें से स्क्रीनिंग कमेटी ने प्रथम चरण में 31 पदक विजेता खिलाड़ियों के नाम की संस्तुति की है, जिनके प्रमाण पत्रों का सत्यापन और पुलिस वेरिफिकेशन की प्रक्रिया अंतिम चरण में है。