देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में फिर से भारी उछाल आया है। सरकारी तेल विपणन कंपनियों (OMCs) द्वारा शनिवार को ईंधन की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी किए जाने के बाद देश की राजधानी दिल्ली में पेट्रोल की कीमत ₹100 के बेहद करीब (सटीक रूप से ₹99.51 प्रति लीटर) पहुंच गई है। पिछले 10 दिनों के भीतर ईंधन के दामों में यह तीसरी बड़ी बढ़ोतरी है, जिसके कारण महज एक हफ्ते से थोड़े अधिक समय में पेट्रोल-डीजल के रेट लगभग ₹5 प्रति लीटर तक महंगे हो चुके हैं। इस लगातार हो रही वृद्धि से आम आदमी की जेब पर सीधा असर पड़ रहा है।
प्रमुख महानगरों और बड़े शहरों में आज (24 मई 2026) का ताजा रेट
आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, शनिवार को पेट्रोल की कीमतों में 87 पैसे प्रति लीटर और डीजल की कीमतों में 91 पैसे प्रति लीटर तक की वृद्धि की गई है। इसके बाद विभिन्न शहरों में रेट इस प्रकार हैं:
- नई दिल्ली: पेट्रोल ₹99.51/लीटर | डीजल ₹92.49/लीटर
- मुंबई: पेट्रोल ₹108.45/लीटर | डीजल ₹94.08/लीटर
- कोलकाता: पेट्रोल ₹110.64/लीटर | डीजल ₹97.02/लीटर
- नोएडा/गाजियाबाद: पेट्रोल ₹99.70/लीटर | डीजल ₹92.84/लीटर
- पटना: पेट्रोल ₹111.43/लीटर | डीजल ₹96.53/लीटर
- लखनऊ: पेट्रोल ₹99.31/लीटर | डीजल ₹92.64/लीटर
कीमतें बढ़ने का मुख्य कारण: अमेरिका-ईरान तनाव और कच्चा तेल
भारतीय बाजार में अचानक ईंधन की कीमतों में लगी इस आग के पीछे वैश्विक परिस्थितियां जिम्मेदार हैं:
- पश्चिम एशिया (ग्लोबल) संकट: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव तथा होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में तेल आपूर्ति बाधित होने के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ब्रेंट क्रूड ऑयल (कच्चा तेल) की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर बनी हुई हैं।
- तेल कंपनियों का घाटा: सरकारी तेल कंपनियों को बाजार दरों से कम पर ईंधन बेचने के कारण भारी दैनिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा था। भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की एक रिपोर्ट के अनुसार, तेल विपणन कंपनियों को हो रहे रोजाना ₹1,000 करोड़ के वित्तीय घाटे को कम करने के लिए कीमतों में क्रमिक (Calibrated) रूप से बढ़ोतरी करना अनिवार्य हो गया था।
10 दिनों में कब-कब और कितनी बढ़ीं कीमतें
लाइव मिंट के विश्लेषण के अनुसार, मई महीने के मध्य से सरकार ने ईंधन की कीमतों को अंतरराष्ट्रीय बाजार के अनुसार समायोजित करना शुरू किया है:
- 15 मई 2026: करीब चार साल के लंबे अंतराल के बाद पहली बार पेट्रोल और डीजल की कीमतों में ₹3 प्रति लीटर की एकमुश्त भारी बढ़ोतरी की गई थी।
- 19 मई 2026: पांच दिनों के भीतर ही दूसरी बार कीमतों में औसतन 90 पैसे प्रति लीटर का इजाफा किया गया।
- 23 मई 2026: महज 4 दिन बाद शनिवार को तीसरी बार पेट्रोल 87 पैसे और डीजल 91 पैसे महंगा कर दिया गया।
ट्रांसपोर्टर्स और आम जनता की बढ़ी चिंता; सीएनजी भी हुई महंगी
इस ईंधन मूल्य वृद्धि का असर केवल पेट्रोल गाड़ियों तक सीमित नहीं है। द हिंदू के मुताबिक, उत्तर भारत के कई हिस्सों में कंप्रेस्ड नेचुरल गैस (CNG) के दाम भी ₹1 प्रति किलोग्राम बढ़ा दिए गए हैं, जिससे दिल्ली में सीएनजी की कीमत ₹81.09 प्रति किलो पर पहुंच गई है।
डीजल और सीएनजी की कीमतों में इस लगातार हो रही वृद्धि से ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन और ऑल इंडिया लॉजिस्टिक्स ऑपरेटरों की चिंताएं बढ़ गई हैं। ट्रांसपोर्टरों ने सरकार से अपील की है कि कीमतों में इस तरह हर दो-चार दिन में बदलाव करने के बजाय महीने में केवल एक बार ही दाम संशोधित किए जाएं, ताकि वे माल ढुलाई के बजट को सही ढंग से व्यवस्थित कर सकें। बाजार विश्लेषकों का अनुमान है कि यदि ईंधन की कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं, तो आने वाले दिनों में फल, सब्जियां, लॉजिस्टिक्स और रोजमर्रा की आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में भी भारी उछाल देखने को मिल सकता है।