देहरादून: [21 अप्रैल 2026]
उत्तराखंड सरकार ने राज्य के मेधावी और आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के लिए एक बड़ी सौगात दी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली सरकार ने ‘मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना’ का शासनादेश (Government Order) जारी कर दिया है। इस योजना के तहत प्रदेश के 11 हजार युवाओं को हर साल सिविल सर्विस, बैंकिंग, रेलवे और एसएससी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए निःशुल्क ऑनलाइन कोचिंग प्रदान की जाएगी।
योजना की मुख्य विशेषताएं और लक्ष्य
उच्च शिक्षा विभाग द्वारा संचालित इस योजना का मुख्य उद्देश्य युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में सफल होने के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराना है।
- कुल लाभार्थी: प्रतिवर्ष 11,000 छात्र-छात्राएं।
- कुल बजट: राज्य सरकार इस योजना पर प्रतिवर्ष लगभग 11 करोड़ रुपये खर्च करेगी।
- कोचिंग का स्वरूप: राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित संस्थानों के माध्यम से ऑनलाइन कोचिंग दी जाएगी। छात्रों को वीडियो लेक्चर, अध्ययन सामग्री (सॉफ्ट कॉपी) और साप्ताहिक मॉक टेस्ट के लिए यूजर आईडी और पासवर्ड दिए जाएंगे।
परीक्षावार निर्धारित कोटा
योजना के तहत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए छात्रों की संख्या इस प्रकार निर्धारित की गई है:
- सिविल सर्विसेज (UPSC/PCS): 2,000 छात्र
- SSC, रेलवे और समकक्ष परीक्षाएं: 5,000 छात्र
- बैंकिंग सेवाएं: 2,000 छात्र
- CAT, MAT, GATE और UGC-NET: 2,000 छात्र
पात्रता और चयन प्रक्रिया
- पात्र छात्र: राज्य विश्वविद्यालयों, सरकारी महाविद्यालयों और अनुदानित कॉलेजों में स्नातक (UG) या स्नातकोत्तर (PG) के अंतिम वर्ष में पढ़ रहे छात्र। इसके अतिरिक्त, वे युवा भी आवेदन कर सकते हैं जिन्होंने एक साल पहले अपनी पढ़ाई पूरी की है।
- चयन का आधार: लाभार्थियों का चयन जिला स्तर पर आयोजित होने वाली एक पारदर्शी ‘खुली स्क्रीनिंग परीक्षा’ के माध्यम से किया जाएगा।
- स्कूली शिक्षा के लिए विस्तार: योजना के तहत माध्यमिक शिक्षा के 11वीं और 12वीं के छात्रों को भी NEET, JEE और CLAT जैसी परीक्षाओं के लिए कोचिंग दी जाएगी।
उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि यह कदम दूरस्थ क्षेत्रों के उन प्रतिभावान युवाओं के लिए मील का पत्थर साबित होगा जो आर्थिक तंगी के कारण बड़े शहरों में जाकर महंगी कोचिंग नहीं ले पाते थे।