देहरादून: उत्तराखंड अब मेघालय में आयोजित होने वाले 39वें राष्ट्रीय खेलों के लिए अपनी रणनीति तैयार कर रहा है। खेल विभाग ने केंद्र सरकार के निर्देशानुसार राज्य में ‘एक जनपद एक खेल’ नीति का प्रारूप (Draft) तैयार कर लिया है, जिसे जल्द ही लागू किया जाएगा।

मुख्य बिंदु और निर्देश:
  • हर जिले का अपना खेल: इस नीति के तहत राज्य के सभी 13 जनपदों में उनकी विशिष्ट खेल प्रतिभाओं और भौगोलिक परिस्थितियों के आधार पर एक विशेष खेल को चिन्हित कर उसे बढ़ावा दिया जाएगा।
  • मेघालय राष्ट्रीय खेलों पर फोकस: खेल मंत्री ने अधिकारियों को 24 घंटे के भीतर 39वें राष्ट्रीय खेलों की तैयारी के लिए पूरी कार्ययोजना प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। विभाग का लक्ष्य इस बार राज्य के पदक तालिका में स्थान को और बेहतर करना है।
  • आउट ऑफ टर्न सरकारी नौकरी: पदक विजेता खिलाड़ियों को ‘आउट ऑफ टर्न’ सरकारी नौकरी देने की प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा। विभाग अब अन्य विभागों के बजाय खेल विभाग में ही अधिक पद सृजित करने की योजना बना रहा है ताकि खिलाड़ियों को रोजगार के लिए भटकना न पड़े।
  • इंफ्रास्ट्रक्चर साझा करना: मंत्री रेखा आर्या ने प्रस्ताव दिया है कि यदि मेघालय या अन्य उत्तर-पूर्व राज्यों के पास साइकिलिंग और शूटिंग जैसे खेलों के लिए पर्याप्त बुनियादी ढांचा नहीं है, तो उत्तराखंड उन्हें ये सुविधाएं प्रदान करने पर विचार करेगा।
  • स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी की प्रगति: हल्द्वानी के गौलापार में बन रही स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी में आगामी जुलाई सत्र से शैक्षणिक गतिविधियां शुरू करने के लिए पाठ्यक्रम और नियमावली समितियों का गठन कर दिया गया है।
  • संशोधन और सुधार: ‘मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना’ और ‘मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना’ के शासनादेशों में संशोधन के निर्देश दिए गए हैं ताकि इन योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक पात्र खिलाड़ियों तक पहुँच सके।
उत्तराखंड ने हाल ही में अपने राज्य में 38वें राष्ट्रीय खेलों का सफल आयोजन किया था, जिसमें राज्य के खिलाड़ियों ने 103 पदक जीतकर ऐतिहासिक प्रदर्शन किया था। अब सरकार का पूरा ध्यान इस प्रदर्शन को मेघालय में दोहराने और राज्य की नई खेल संस्कृति को मजबूत करने पर है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *