आम आदमी पार्टी (AAP) को अब तक का सबसे बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। शुक्रवार, 24 अप्रैल 2026 को पार्टी के राज्यसभा के 10 में से 7 सांसदों ने एक साथ भाजपा (BJP) का दामन थाम लिया है। इस बड़े दलबदल का नेतृत्व पूर्व उपमुख्यमंत्री और पार्टी के प्रमुख चेहरे रहे राघव चड्ढा ने किया।
नई दिल्ली, 24 अप्रैल 2026:
राजधानी की राजनीति में शुक्रवार को उस समय बड़ा भूचाल आ गया जब आम आदमी पार्टी के दो-तिहाई राज्यसभा सांसदों ने औपचारिक रूप से भारतीय जनता पार्टी में विलय (Merge) करने की घोषणा कर दी। राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल ने भाजपा मुख्यालय पहुंचकर पार्टी की सदस्यता ग्रहण की, जहाँ भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने उनका स्वागत किया।
- शामिल होने वाले प्रमुख नेता:
के साथ
(पूर्व क्रिकेटर),
(DCW की पूर्व प्रमुख),
संदीप पाठक,
,
विक्रमजीत सिंह साहनीऔर
ने भाजपा में शामिल होने का फैसला किया है।
- अयोग्यता से बचाव: संविधान की 10वीं अनुसूची के अनुसार, यदि किसी पार्टी के दो-तिहाई (2/3) सदस्य एक साथ दूसरी पार्टी में विलय करते हैं, तो उन पर दलबदल विरोधी कानून लागू नहीं होता। AAP के 10 सांसदों में से 7 के जाने से उनकी सदस्यता सुरक्षित रहेगी।
-
का बयान: प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान
ने कहा, “मैं गलत पार्टी में सही व्यक्ति था।” उन्होंने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी अपने मूल सिद्धांतों से भटक गई है और भ्रष्टाचार के दलदल में फंस गई है।
- AAP की प्रतिक्रिया: आम आदमी पार्टी ने इसे भाजपा का ‘ऑपरेशन लोटस’ करार दिया है। संजय सिंह ने इसे “पंजाब की जनता के साथ गद्दारी” बताया और कहा कि भाजपा ने डर दिखाकर और लालच देकर इन नेताओं को तोड़ा है। केजरीवाल ने भी सोशल मीडिया पर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि “बीजेपी ने फिर से पंजाबियों के साथ धोखा किया है।”
- राज्यसभा का समीकरण: इस विलय के बाद राज्यसभा में भाजपा की ताकत बढ़ गई है और वह बहुमत के आंकड़े के और करीब पहुंच गई है, जबकि उच्च सदन में ‘आप’ का संख्या बल घटकर केवल 3 रह गया है।