देहरादून/हरिद्वार: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आगामी कुंभ मेला 2027 को दिव्य और भव्य बनाने के लिए अपनी “बजट पोटली” खोल दी है। हाल ही में मुख्यमंत्री ने राज्य के विभिन्न विकास कार्यों के साथ-साथ कुंभ क्षेत्र में आधारभूत ढांचे को सुदृढ़ करने के लिए ₹1,252 करोड़ की भारी-भरकम वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है। इस निर्णय से न केवल हरिद्वार बल्कि पूरे उत्तराखंड के विकास कार्यों को नई गति मिलने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री द्वारा अनुमोदित इस बजट का एक बड़ा हिस्सा कुंभ मेले की तैयारियों और अवस्थापना सुविधाओं के विस्तार पर केंद्रित है। विशेष रूप से, कुंभ क्षेत्र में सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए हरिद्वार में ₹50.27 करोड़ की लागत से एक आधुनिक कमांड एंड कंट्रोल सेंटर-2 (Command and Control Centre-2) के निर्माण को मंजूरी दी गई है, जिसकी पहली किस्त के रूप में ₹20.11 करोड़ तत्काल जारी करने के निर्देश दिए गए हैं।
विकास कार्यों के मुख्य बिंदु:
- गंगा कॉरिडोर परियोजना: हरिद्वार में ‘नॉर्थ हर की पौड़ी’ क्षेत्र के विकास के लिए ₹69.06 करोड़ और ऋषिकेश के त्रिवेणी घाट के पुनरुद्धार के लिए ₹115 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई है।
- स्थायी इंफ्रास्ट्रक्चर: मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि कुंभ से जुड़े सभी स्थायी निर्माण कार्य अक्टूबर 2026 तक अनिवार्य रूप से पूरे कर लिए जाएं।
- अवस्थापना विकास: सड़कों के सुधार, बिजली की लाइनों को डक्ट में शिफ्ट करने, पेयजल आपूर्ति और घाटों के सौंदर्यीकरण के लिए विभिन्न विभागों की 28 महत्वपूर्ण योजनाओं को ₹282.29 करोड़ का अलग से अनुमोदन मिला है।
- डिजिटल कुंभ: सीएम धामी ने इस बार के आयोजन को “डिजिटल कुंभ” के रूप में विकसित करने के लिए केंद्र सरकार से ₹143.96 करोड़ की अतिरिक्त सहायता का भी अनुरोध किया है।
धामी सरकार का मुख्य उद्देश्य श्रद्धालुओं को सुगम और सुरक्षित वातावरण प्रदान करना है। इसके अतिरिक्त, राज्य के सभी जनपदों के संतुलित विकास के लिए जिला योजना के तहत भी ₹1,018.21 करोड़ की राशि आवंटित की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तराखंड सरकार कुंभ मेला 2027 को एक ऐतिहासिक और सुरक्षित आयोजन बनाने के लिए पूरी तरह संकल्पित है।