उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 7 और 8 मई 2026 को उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल स्थित अपने पैतृक गांव पंचूर के दो दिवसीय दौरे पर रहे। इस यात्रा के दौरान उन्होंने अपनी मां से मुलाकात की, धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लिया और पहाड़ से हो रहे पलायन पर गहरी चिंता व्यक्त की।
देहरादून/पौड़ी:
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने पैतृक गांव पंचूर की यात्रा के दौरान उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों से हो रहे पलायन को लेकर एक भावुक और गंभीर संदेश दिया। उन्होंने कहा कि “पलायन से केवल हमारे खेत ही नहीं, बल्कि हमारी गौरवशाली संस्कृति और विरासत भी बंजर हो रही है”। मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों और युवाओं से अपनी जड़ों से जुड़े रहने और पहाड़ की परंपराओं को सहेजने का आह्वान किया। [1, 2, 3, 4]
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने पैतृक गांव पंचूर की यात्रा के दौरान उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों से हो रहे पलायन को लेकर एक भावुक और गंभीर संदेश दिया। उन्होंने कहा कि “पलायन से केवल हमारे खेत ही नहीं, बल्कि हमारी गौरवशाली संस्कृति और विरासत भी बंजर हो रही है”। मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों और युवाओं से अपनी जड़ों से जुड़े रहने और पहाड़ की परंपराओं को सहेजने का आह्वान किया। [1, 2, 3, 4]
धार्मिक अनुष्ठानों में भागीदारी
अपने प्रवास के दौरान, सीएम योगी ने यमकेश्वर ब्लॉक के पंचूर गांव में नवनिर्मित श्री हरि विष्णु पंचदेव मंदिर की मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा और महायज्ञ में हिस्सा लिया। उनके साथ उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी मौजूद थे। इस अवसर पर सीएम योगी ने कहा कि श्रद्धा और धर्म से जुड़ने से न केवल मन शांत रहता है, बल्कि सही निर्णय लेने की शक्ति भी मिलती है।
अपने प्रवास के दौरान, सीएम योगी ने यमकेश्वर ब्लॉक के पंचूर गांव में नवनिर्मित श्री हरि विष्णु पंचदेव मंदिर की मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा और महायज्ञ में हिस्सा लिया। उनके साथ उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी मौजूद थे। इस अवसर पर सीएम योगी ने कहा कि श्रद्धा और धर्म से जुड़ने से न केवल मन शांत रहता है, बल्कि सही निर्णय लेने की शक्ति भी मिलती है।
पहाड़ की संस्कृति और विरासत पर जोर
योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में पहाड़ की पारंपरिक ‘जागर’ और अन्य लोक संस्कृतियों का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तराखंड की देवभूमि न केवल प्राकृतिक सुंदरता बल्कि आध्यात्मिक चेतना का भी केंद्र है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि पलायन इसी तरह जारी रहा, तो आने वाली पीढ़ियां अपनी सांस्कृतिक जड़ों से कट जाएंगी। उन्होंने युवाओं को सकारात्मक रहने और स्वरोजगार के माध्यम से पहाड़ के विकास में योगदान देने के लिए प्रोत्साहित किया।
योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में पहाड़ की पारंपरिक ‘जागर’ और अन्य लोक संस्कृतियों का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तराखंड की देवभूमि न केवल प्राकृतिक सुंदरता बल्कि आध्यात्मिक चेतना का भी केंद्र है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि पलायन इसी तरह जारी रहा, तो आने वाली पीढ़ियां अपनी सांस्कृतिक जड़ों से कट जाएंगी। उन्होंने युवाओं को सकारात्मक रहने और स्वरोजगार के माध्यम से पहाड़ के विकास में योगदान देने के लिए प्रोत्साहित किया।
मुख्य कार्यक्रम और विकास की पहल:
- मां से मुलाकात: मुख्यमंत्री ने अपने घर पहुंचकर अपनी माता सावित्री देवी का आशीर्वाद लिया और परिजनों के साथ समय बिताया।
- परियोजनाओं का शिलान्यास: उन्होंने बिथ्याणी स्थित महायोगी गुरु गोरखनाथ राजकीय महाविद्यालय में विकास कार्यों का जायजा लिया और ओपन एयर जिम का उद्घाटन किया।
- डिजिटल नवाचार: सीएम योगी ने कॉलेज की नई एआई (AI) आधारित वेबसाइट लॉन्च की और सीधे ‘एआई बॉट’ से संवाद कर शिक्षा प्रणाली की समीक्षा की।
- भावुक क्षण: गांव की गलियों में घूमते हुए सीएम योगी ने बच्चों को चॉकलेट बांटी और बुजुर्गों का हाल-चाल जाना, जिससे ग्रामीणों में भारी उत्साह देखा गया।
निष्कर्ष
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह दौरा पूरी तरह से आध्यात्मिक और व्यक्तिगत रहा, लेकिन उनके द्वारा पलायन और संस्कृति पर दिया गया बयान उत्तराखंड की वर्तमान परिस्थितियों के लिए एक बड़ा संदेश माना जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पहाड़ की जवानी और पानी को पहाड़ के काम लाने के लिए सरकार और समाज दोनों को मिलकर प्रयास करने होंगे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह दौरा पूरी तरह से आध्यात्मिक और व्यक्तिगत रहा, लेकिन उनके द्वारा पलायन और संस्कृति पर दिया गया बयान उत्तराखंड की वर्तमान परिस्थितियों के लिए एक बड़ा संदेश माना जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पहाड़ की जवानी और पानी को पहाड़ के काम लाने के लिए सरकार और समाज दोनों को मिलकर प्रयास करने होंगे।