देहरादून के खाद्य विभाग (Khad Vibhag) से संबंधित हालिया घटनाक्रमों में 11-12 कर्मचारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की खबरें प्रमुख रही हैं। मुख्य रूप से जनगणना (Census) ड्यूटी में लापरवाही बरतने के कारण 12 कर्मचारियों पर FIR दर्ज की गई है, जिनमें विभिन्न विभागों के कर्मी शामिल हैं।
देहरादून (उत्तराखंड): राजधानी देहरादून में प्रशासनिक कार्यों में लापरवाही बरतने वाले सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ प्रशासन ने कड़ा रुख अपना लिया है। हाल ही में देहरादून नगर निगम क्षेत्र के अंतर्गत जनगणना-2027 (Census-2027) के कार्यों में घोर लापरवाही बरतने के आरोप में कुल 12 कर्मचारियों के खिलाफ शहर कोतवाली में एफआईआर (FIR) दर्ज की गई है। [1]
प्रशिक्षण से नदारद रहे कर्मचारी
अमर उजाला और अन्य स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, विभिन्न विभागों से इन कर्मचारियों को जनगणना के महत्वपूर्ण कार्य के लिए नियुक्त किया गया था। प्रशासन द्वारा इनके लिए 21 से 23 अप्रैल 2026 तक प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए गए थे। इसके बाद भी 30 अप्रैल और 4 मई को अतिरिक्त सत्र रखे गए, ताकि कोई कमी न रहे। हालांकि, इन 12 कर्मचारियों ने प्रशिक्षण में भाग नहीं लिया और न ही जनगणना से संबंधित आवश्यक सामग्री (बस्ता) प्राप्त की। [1]
अमर उजाला और अन्य स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, विभिन्न विभागों से इन कर्मचारियों को जनगणना के महत्वपूर्ण कार्य के लिए नियुक्त किया गया था। प्रशासन द्वारा इनके लिए 21 से 23 अप्रैल 2026 तक प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए गए थे। इसके बाद भी 30 अप्रैल और 4 मई को अतिरिक्त सत्र रखे गए, ताकि कोई कमी न रहे। हालांकि, इन 12 कर्मचारियों ने प्रशिक्षण में भाग नहीं लिया और न ही जनगणना से संबंधित आवश्यक सामग्री (बस्ता) प्राप्त की। [1]
जनगणना अधिनियम के तहत कार्रवाई
चार्ज अधिकारी-3 नगर निगम देहरादून की तहरीर पर पुलिस ने यह कदम उठाया है। इसे प्रशासनिक आदेशों की स्पष्ट अवहेलना मानते हुए जनगणना अधिनियम-1948 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि जनगणना एक राष्ट्रीय महत्व का कार्य है और इसमें किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। [1]
चार्ज अधिकारी-3 नगर निगम देहरादून की तहरीर पर पुलिस ने यह कदम उठाया है। इसे प्रशासनिक आदेशों की स्पष्ट अवहेलना मानते हुए जनगणना अधिनियम-1948 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि जनगणना एक राष्ट्रीय महत्व का कार्य है और इसमें किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। [1]
मुख्य बिंदु और प्रभाव:
- लापरवाही का आरोप: कर्मचारी बार-बार बुलाने के बावजूद प्रशिक्षण में अनुपस्थित रहे।
- प्रशासनिक सख्ती: नगर निगम ने सख्त रुख अपनाते हुए शहर कोतवाली को तहरीर भेजी।
- विभागों पर असर: आरोपियों में खाद्य विभाग (Khad Vibhag) समेत अन्य सरकारी विभागों के कर्मचारी शामिल बताए जा रहे हैं।
- भविष्य की चेतावनी: जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी ऐसी किसी भी लापरवाही पर तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस कार्रवाई से प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है। गौरतलब है कि देहरादून पुलिस और खाद्य सुरक्षा विभाग हाल के दिनों में मिलावटखोरी के खिलाफ भी विशेष अभियान चला रहे हैं, जिसमें नकली पनीर और अन्य दूषित सामग्री बरामद की गई है।