ई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और म्यांमार के नवनियुक्त राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग के बीच नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में एक बेहद महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक हुई। इस उच्च स्तरीय बैठक का सबसे बड़ा और मुख्य परिणाम यह रहा कि म्यांमार ने भारत को आधिकारिक रूप से आश्वासन दिया है कि उसकी संप्रभु भूमि का उपयोग भारत के सुरक्षा हितों के खिलाफ किसी भी गतिविधि के लिए नहीं होने दिया जाएगा。 राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग 30 मई से 3 जून 2026 तक भारत की पांच दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर हैं, जो राष्ट्रपति का पदभार संभालने के बाद उनकी पहली विदेश यात्रा है।
सुरक्षा और सीमा प्रबंधन पर कड़ा रुख
- म्यांमार के राष्ट्रपति ने पीएम मोदी को भरोसा दिलाया कि भारत विरोधी उग्रवादी संगठनों को उनकी सीमा में पनाह नहीं मिलेगी।
- दोनों देशों ने 1,643 किलोमीटर लंबी साझा सीमा पर सुरक्षा ग्रिड को मजबूत करने पर गहरी सहमति व्यक्त की है।
- सीमा पार से होने वाली हथियारों की तस्करी और ड्रग्स ट्रैफिकिंग (मादक पदार्थों की तस्करी) को रोकने के लिए दोनों सेनाएं मिलकर काम करेंगी。
- भारतीय विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने मीडिया ब्रीफिंग में बताया कि दोनों देश अपनी संप्रभु सीमाओं के दुरुपयोग को रोकने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।
- भारत ने म्यांमार की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के प्रति अपना अटूट समर्थन एक बार फिर दोहराया है。
व्यापार और रुपया-क्यात (Rupee-Kyat) भुगतान तंत्र
- आर्थिक संबंधों को नई गति देने के लिए दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय व्यापार बढ़ाने पर विशेष रूप से सहमति जताई है。
- व्यापारिक सुगमता के लिए भारत और म्यांमार के बीच रुपया-क्यात (Rupee-Kyat) भुगतान निपटान तंत्र को लागू करने का ऐतिहासिक फैसला लिया गया है。
- वित्तीय वर्ष 2025-2026 में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार लगभग 1.95 बिलियन डॉलर तक पहुंच चुका है।
- इस नए पेमेंट सिस्टम से दोनों देशों के स्थानीय व्यापारियों को डॉलर पर निर्भरता कम करने में बड़ी मदद मिलेगी।
रणनीतिक खनिज और बुनियादी ढांचा परियोजनाएं
- भारत और म्यांमार रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण क्रिटिकल मिनरल्स (जैसे दुर्लभ पृथ्वी तत्व – Rare Earths) के क्षेत्र में सहयोग को आगे बढ़ाने पर सहमत हुए हैं।
- भारत के सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रिक वाहन (EV) उद्योगों के लिए म्यांमार के खनिज भंडार बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
- दोनों नेताओं ने रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण कलादान मल्टी-मोडल ट्रांजिट ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्ट को जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए हैं。
- यह प्रोजेक्ट भारत के उत्तर-पूर्वी राज्यों को म्यांमार के सितवे बंदरगाह के जरिए सीधे जोड़ने का एक मुख्य जरिया बनेगा。
साइबर अपराध और मानव तस्करी के खिलाफ जंग
- बैठक में म्यांमार और दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्र में चल रहे अवैध ऑनलाइन स्कैम सेंटर्स (Scam Centres) का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा。
- दोनों देशों ने अंतरराष्ट्रीय साइबर अपराध नेटवर्क और मानव तस्करी (Human Trafficking) पर नकेल कसने के लिए आपसी खुफिया जानकारी साझा करने पर सहमति जताई है。
- विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारत और म्यांमार ने आपसी सहयोग से पिछले 18 महीनों में 2,400 से अधिक भारतीय नागरिकों को इन स्कैम सेंटर्स से सुरक्षित रेस्क्यू किया है。
भारत की ‘पड़ोसी पहले’ और व्यावहारिक नीति
- अंतरराष्ट्रीय स्तर पर म्यांमार के सैन्य प्रशासन की आलोचनाओं के बावजूद भारत ने अपनी ‘नेबरहुड फर्स्ट’ (Neighbourhood First) और व्यावहारिक नीति को प्राथमिकता दी है。
- भारतीय विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि भारत की नीति म्यांमार की आंतरिक राजनीतिक व्यवस्था पर टिप्पणी करने की नहीं, बल्कि अपने राष्ट्रीय हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की है。
- म्यांमार के राष्ट्रपति दिल्ली में उच्च स्तरीय वार्ताओं के बाद भारत की वित्तीय राजधानी मुंबई का भी दौरा करेंगे, जहां वे प्रमुख व्यापारिक प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे।