देहरादून:
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देवभूमि में चल रही चारधाम यात्रा और आदि कैलाश यात्रा को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण बयान दिया है। मुख्यमंत्री के अनुसार, इस वर्ष की चारधाम यात्रा ने अपने सभी पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। अब तक रिकॉर्ड 32 लाख से अधिक श्रद्धालु चारों पवित्र धामों—केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री के दर्शन कर पुण्य कमा चुके हैं। इसके साथ ही, पिथौरागढ़ जिले में स्थित आदि कैलाश यात्रा को लेकर भी देश-दुनिया के श्रद्धालुओं में अभूतपूर्व उत्साह देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि आदि कैलाश यात्रा में भी अब तक करीब 40 हजार श्रद्धालु पहुंच चुके हैं, जो राज्य के सुदूर सीमांत क्षेत्रों के लिए एक ऐतिहासिक आंकड़ा है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून में अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान यह आंकड़े साझा किए। उन्होंने कहा कि वर्तमान में उत्तराखंड के भीतर आस्था और श्रद्धा का एक अनूठा संगम दिखाई दे रहा है। देश के कोने-कोने से आ रहे तीर्थयात्रियों के कारण राज्य का पर्यटन उद्योग नई ऊंचाइयों को छू रहा है। इस भारी संख्या में आमद की वजह से स्थानीय होटल व्यवसायी, टैक्सी चालक, टूर गाइड, ढाबा संचालक और छोटे व्यापारियों में जबरदस्त उत्साह है, जिससे राज्य की आर्थिकी को भारी मजबूती मिल रही है।
यात्रा की सुरक्षा को सर्वोपरि बताते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार श्रद्धालुओं की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं करेगी। हाल के दिनों में ऊंचे हिमालयी क्षेत्रों में बदलते मौसम और भूस्खलन की आशंकाओं को देखते हुए चारधाम यात्रा की मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) को और अधिक सख्त बनाने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार का पूरा ध्यान इस बात पर केंद्रित है कि किसी भी आपातकालीन स्थिति से समय रहते निपटा जा सके। इसके तहत मंदिर समितियों और जिला प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर रात 10:00 बजे के बाद यात्रा को आगे बढ़ने से रोकने का निर्णय लिया गया है। यात्रियों को सुरक्षित शहरों, कस्बों या होल्डिंग एरिया में ही रोकने की सलाह दी जा रही है ताकि रात के समय पहाड़ी रास्तों पर भूस्खलन जनित हादसों से बचा जा सके।
इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक स्तर पर कड़े निर्देश जारी किए हैं:
  • गढ़वाल आयुक्त और आईजी गढ़वाल नियमित रूप से यात्रा मार्गों का स्थलीय निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की समीक्षा करेंगे।
  • यात्रा मार्गों पर पड़ने वाले सभी होटलों, रेस्टोरेंटों और ढाबों को अनिवार्य रूप से अपनी रेट लिस्ट (मूल्य सूची) प्रदर्शित करनी होगी ताकि यात्रियों से अतिरिक्त वसूली न हो।
  • केदारनाथ और यमुनोत्री के लंबे पैदल ट्रैक पर जगह-जगह आधुनिक विश्रामालय बनाए जाएंगे और वहां साफ-सफाई के विशेष इंतजाम सुनिश्चित किए जाएंगे।
  • सभी जिलाधिकारियों (DM) और पुलिस अधीक्षकों (SP) को अपने-अपने जिलों में चौबीसों घंटे यात्रा की प्रभावी निगरानी करने को कहा गया है।
अपने संबोधन के अंत में सीएम धामी ने आगामी धार्मिक आयोजनों का जिक्र करते हुए कहा कि चारधाम यात्रा के सुचारू संचालन के साथ-साथ सरकार आने वाले समय में शुरू होने वाली कांवड़ यात्रा की भव्य तैयारियों में भी जुट गई है। इसके अलावा, उत्तराखंड में भविष्य में आयोजित होने वाले महाकुंभ मेले को लेकर भी अभी से रूपरेखा तैयार की जा रही है। सरकार का संकल्प है कि देवभूमि आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु की यात्रा सरल, सुगम और सुरक्षित रहे।

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