हरिद्वार जिले के रुड़की क्षेत्र में एसटीएफ और एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने एक बड़ी संयुक्त कार्रवाई करते हुए कॉस्मेटिक दुकान की आड़ में चल रहे एक अवैध दवा रैकेट का पर्दाफाश किया है। इस छापेमारी के दौरान पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जो लंबे समय से इस अवैध गतिविधि को संचालित कर रहा था। आरोपी कॉस्मेटिक सामग्री बेचने के बहाने स्थानीय लोगों को कई गुना अधिक दामों पर प्रतिबंधित दवाएं सप्लाई करता था ताकि किसी को उसकी इस संदिग्ध गतिविधि पर शक न हो।
उत्तराखंड पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स को सूचना मिली थी कि हरिद्वार के पिरान कलियर थाना क्षेत्र में सौंदर्य प्रसाधनों के व्यापार की आड़ में बड़े पैमाने पर प्रतिबंधित औषधियों की अवैध बिक्री की जा रही है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) एसटीएफ के निर्देशानुसार, एसटीएफ और ड्रग विभाग की एक संयुक्त विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कलियर क्षेत्र में स्थित संबंधित स्टोर पर अचानक छापा मारा, जहां से व्यावसायिक मात्रा में भारी मात्रा में प्रतिबंधित सामग्री बरामद की गई।
भारी मात्रा में प्रतिबंधित दवाएं बरामद
एसटीएफ और ड्रग विभाग की संयुक्त छापेमारी में दुकान से भारी मात्रा में ऐसी दवाएं बरामद की गईं जिनका उपयोग नियमों के विरुद्ध किया जा रहा था।
- टीम ने मौके से भारी मात्रा में प्रतिबंधित तरल नशीले पदार्थ जब्त किए हैं।
- इसके साथ ही बड़ी संख्या में प्रतिबंधित कैप्सूल भी बरामद किए गए हैं, जिन्हें बिना वैध मेडिकल पर्चे के बेचना गैरकानूनी है।
- अवैध बाजार में बरामद इन दवाओं की कुल कीमत लाखों रुपये आंकी जा रही है।
बाजार मूल्य से कई गुना अधिक कीमत पर बिक्री
एसटीएफ अधिकारियों द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी बेहद शातिर तरीके से सप्लाई का नेटवर्क चला रहा था। वह इन प्रतिबंधित दवाओं को वैध मेडिकल पर्चे के बिना बेचता था। चूंकि ये दवाएं खुले बाजार में आसानी से उपलब्ध नहीं होती हैं, इसलिए वह इनकी वास्तविक बाजार कीमत से कई गुना अधिक दाम वसूलता था। इस अवैध धंधे के जरिए वह मोटा मुनाफा कमाकर अवैध संपत्ति अर्जित कर रहा था।
पुरानी खेप बरामदगी मामले से जुड़ा कनेक्शन
एसटीएफ की शुरुआती पूछताछ और जांच में यह सामने आया है कि कुछ समय पहले राज्य में हुई एक अन्य बड़ी कार्रवाई, जिसमें हजारों की संख्या में प्रतिबंधित कैप्सूल बरामद हुए थे, उससे इस आरोपी के तार जुड़े हुए हैं। जांच अधिकारियों के मुताबिक, पकड़ा गया व्यक्ति उस अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क की एक मुख्य कड़ी है, जो क्षेत्र में अवैध माल खपाने का काम करता था।
आरोपी का पुराना आपराधिक इतिहास
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी पहले भी एनडीपीएस एक्ट (NDPS Act) के तहत प्रतिबंधित दवाओं की अवैध तस्करी और बिक्री के मामले में संलिप्त रहा है। जेल से बाहर आने के बाद उसने खुद को कानून की नजरों से बचाने के लिए एक नया तरीका अपनाया और जनरल स्टोर खोल लिया, ताकि उसकी आड़ में इस अवैध कारोबार को दोबारा संचालित कर सके।
एसटीएफ की आगे की कार्रवाई
एसटीएफ के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि उत्तराखंड को नशा मुक्त बनाने के उद्देश्य से एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स लगातार सक्रिय है। आरोपी के खिलाफ संबंधित गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया है। अब पुलिस की टीमें आरोपी के संपर्कों और वित्तीय लेनदेन की जांच कर रही हैं ताकि इस नेटवर्क के मुख्य स्रोत और अन्य सहयोगियों का पता लगाया जा सके।