देहरादून | 21 अक्टूबर 2026

देहरादून। उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में गुरुवार, 22 अक्टूबर 2026 को मंत्रिमंडल की महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है। इस बैठक में प्रदेश के विकास कार्यों के लिए 3,000 करोड़ रुपये से अधिक के अनुपूरक बजट प्रस्ताव को मंजूरी मिलने की संभावना है। इसके साथ ही त्रिस्तरीय पंचायतों और नगर निकायों को मिलने वाले सरकारी अनुदान से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा होने की उम्मीद है।

 

जागरण की 21 अक्टूबर को प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, आगामी विधानसभा सत्र को देखते हुए सरकार अनुपूरक बजट की तैयारियों को अंतिम रूप दे रही है। कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद बजट प्रस्ताव को विधानसभा में प्रस्तुत किया जा सकता है। हालांकि, बैठक से पहले इन प्रस्तावों को संभावित माना जाना चाहिए; अंतिम निर्णय मंत्रिमंडल की बैठक के बाद ही स्पष्ट होगा।

 

1. अनुपूरक बजट पर रहेगी सबकी नजर

राज्य सरकार वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान विभिन्न विभागों की अतिरिक्त वित्तीय जरूरतों को पूरा करने के लिए अनुपूरक बजट लाने की तैयारी में है। मूल बजट में निर्धारित प्रावधानों के अतिरिक्त जिन योजनाओं और कार्यों के लिए धन की आवश्यकता होगी, उनके लिए इस बजट के माध्यम से अतिरिक्त राशि उपलब्ध कराने का प्रस्ताव रखा जा सकता है।

रिपोर्ट के मुताबिक, 3,000 करोड़ रुपये से अधिक के अनुपूरक बजट प्रस्ताव पर कैबिनेट की मुहर लगने की संभावना है। यदि प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है, तो इसे आगामी विधानसभा सत्र में पारित कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

 

अनुपूरक बजट से जुड़े महत्वपूर्ण पहलू इस प्रकार हैं:

  • अतिरिक्त धनराशि: विभिन्न विभागों की अतिरिक्त वित्तीय आवश्यकताओं को पूरा करने की व्यवस्था।

  • विकास कार्य: शेष वित्तीय वर्ष में स्वीकृत योजनाओं और परियोजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए संसाधन उपलब्ध कराने का उद्देश्य।

  • विधानसभा की मंजूरी: कैबिनेट की स्वीकृति के बाद बजट प्रस्ताव को विधानसभा की प्रक्रिया से गुजरना होगा।

ध्यान देने वाली बात यह है कि किन विभागों को कितनी धनराशि मिलेगी, इसका विस्तृत विवरण आधिकारिक स्वीकृति और बजट दस्तावेज सामने आने के बाद ही स्पष्ट होगा।

2. पंचायतों और नगर निकायों के अनुदान पर होगी चर्चा

कैबिनेट बैठक का दूसरा महत्वपूर्ण विषय ग्रामीण और शहरी स्थानीय निकायों को मिलने वाला अनुदान है। रिपोर्ट के अनुसार, त्रिस्तरीय पंचायतों और नगर निकायों को राज्य की ओर से दिए जाने वाले अनुदान के संबंध में छठे राज्य वित्त आयोग की रिपोर्ट भी बैठक में प्रस्तुत की जाएगी।

 

इस विषय का महत्व इसलिए भी है, क्योंकि स्थानीय निकायों के पास उपलब्ध वित्तीय संसाधनों से गांवों और शहरों में बुनियादी सुविधाओं के विकास में मदद मिलती है।

इससे जुड़े प्रमुख क्षेत्र हैं:

  • ग्राम पंचायतें: स्थानीय विकास कार्य, ग्रामीण सुविधाएं और स्वच्छता संबंधी गतिविधियां।

  • क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत: ग्रामीण क्षेत्रों में विकास योजनाओं के समन्वय और क्रियान्वयन में सहायता।

  • नगर निकाय: शहरी सफाई, सड़क, जल निकासी और अन्य स्थानीय सुविधाओं के रखरखाव में वित्तीय सहयोग।

हालांकि, छठे राज्य वित्त आयोग की रिपोर्ट के आधार पर अनुदान वितरण में क्या बदलाव होंगे और नई व्यवस्था कब से लागू होगी, इसकी पुष्टि संबंधित सरकारी निर्णय के बाद ही की जा सकेगी।

3. 27 अक्टूबर से शुरू होगा विधानसभा सत्र

उत्तराखंड विधानसभा का दो दिवसीय सत्र 27 अक्टूबर 2026 से गैरसैंण स्थित भराड़ीसैंण विधानसभा भवन में प्रस्तावित है। इस सत्र में अनुपूरक बजट पेश किए जाने की तैयारी है। ऐसे में 22 अक्टूबर की कैबिनेट बैठक को बजट और सत्र की तैयारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

 

सत्र के दौरान सरकार के सामने अतिरिक्त व्यय से जुड़े प्रस्तावों को सदन में प्रस्तुत करने और निर्धारित विधायी प्रक्रिया पूरी करने का अवसर होगा। अनुपूरक बजट की मंजूरी से संबंधित विभागों को वित्तीय वर्ष के शेष महीनों के लिए अतिरिक्त बजट उपलब्ध कराने का रास्ता खुल सकता है।

4. सरकार के फैसलों पर टिकी निगाहें

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में अनुपूरक बजट और स्थानीय निकायों के अनुदान से संबंधित विषय प्रमुख रहेंगे। इन निर्णयों का असर राज्य के विकास कार्यों, विभागीय वित्तीय प्रबंधन और स्थानीय निकायों को मिलने वाले संसाधनों पर पड़ सकता है।

फिलहाल, 3,000 करोड़ रुपये से अधिक के अनुपूरक बजट को मंजूरी मिलने की संभावना है। बजट का अंतिम आकार, विभागवार आवंटन और छठे राज्य वित्त आयोग की सिफारिशों पर सरकार का रुख कैबिनेट बैठक के बाद स्पष्ट होगा।

 

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