भारत ने 7 मई 2025 को पाकिस्तान के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) को अंजाम दिया था, जिसकी पहली वर्षगांठ 7 मई 2026 को मनाई गई। यह ऑपरेशन 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए आतंकी हमले (26 नागरिकों की मौत) का जवाब था।
7 मई 2026 को भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ (Operation Sindoor) की पहली वर्षगांठ मनाई। यह अभियान 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए उस बर्बर आतंकी हमले का जवाब था जिसमें 26 निर्दोष नागरिकों की जान गई थी। पहली वर्षगांठ पर भारतीय वायुसेना (IAF) ने एक 88-सेकंड का विशेष वीडियो जारी किया, जिसमें इस ऐतिहासिक कार्रवाई के दृश्यों को साझा किया गया है।
ऑपरेशन सिंदूर: मुख्य सैन्य विवरण
मई 2025 में चले इस सैन्य अभियान की मुख्य उपलब्धियां निम्नलिखित रहीं:
- 88 घंटे का महासंग्राम: शुरुआती हवाई हमले के बाद सीमा पर करीब 88 घंटों तक भीषण सैन्य संघर्ष जारी रहा, जिसने पाकिस्तान को बैकफुट पर धकेल दिया।
- 11 पाकिस्तानी एयरबेस पर प्रहार: भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के भीतर 11 प्रमुख एयरबेस और एयरफील्ड्स (जैसे नूर खान, जकोबाबाद और भोलारी) के बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुँचाया।
- 13 फाइटर जेट्स किए ढेर: इस संघर्ष के दौरान भारत ने पाकिस्तान के 13 लड़ाकू विमानों को नष्ट किया। एयर मार्शल अवधेश कुमार भारती के अनुसार, इनमें से एक उच्च-मूल्य वाला हवाई सैन्य संपत्ति (AEW&C) को 300 किमी से अधिक की रिकॉर्ड दूरी से मार गिराया गया था।
- 100+ आतंकवादियों का सफाया: ऑपरेशन के दौरान जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा के 100 से अधिक आतंकवादी और उनके 9 प्रमुख आतंकी शिविर (जैसे बहावलपुर और मुरीदके स्थित मुख्यालय) पूरी तरह ध्वस्त कर दिए गए।
तकनीकी शक्ति और ‘न्यू नॉर्मल’
इस ऑपरेशन में भारत ने पहली बार राफेल (Rafale) विमानों के साथ SCALP क्रूज मिसाइलों और HAMMER गाइडेड बमों का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया। इसके अलावा, स्वदेशी आकाश एयर डिफेंस और S-400 प्रणाली ने भारतीय आसमान को अभेद्य बनाए रखा।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस अवसर पर कहा कि इस कार्रवाई ने दुनिया को भारत की बढ़ती सैन्य क्षमता और आतंकवाद पर उसकी ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति का परिचय दिया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि 10 मई 2025 को युद्धविराम होने तक भारत ने अपनी रणनीतिक बढ़त बनाए रखी थी।