15 मई 2026 को उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले के गौरीकुंड क्षेत्र में केदारनाथ यात्रा मार्ग पर एक बड़ा हादसा टल गया, जब स्टेट डिजास्टर रिस्पांस फोर्स (SDRF) के जवानों ने मुस्तैदी दिखाते हुए एक गहरी खाई में गिरे गंभीर रूप से घायल श्रद्धालु/व्यक्ति को सकुशल रेस्क्यू कर लिया। रुद्रप्रयाग जिला आपदा नियंत्रण कक्ष (DCR) से मिली आपातकालीन सूचना के बाद SDRF पोस्ट सोनप्रयाग की टीम ने उप निरीक्षक आशीष डिमरी के नेतृत्व में बेहद कठिन परिस्थितियों और दुर्गम भूभाग के बीच इस जीवन रक्षक अभियान को सफलतापूर्वक अंजाम दिया।

गौरीकुंड/रुद्रप्रयाग (मुख्य समाचार):
उत्तराखंड में चल रही चारधाम यात्रा के बीच रुद्रप्रयाग जिले के गौरीकुंड क्षेत्र से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है। शुक्रवार, 15 मई 2026 को एक व्यक्ति अचानक संतुलन बिगड़ने के कारण पहाड़ी रास्ते से नीचे सैकड़ों फीट गहरी खाई में जा गिरा। पहाड़ी से नीचे लुढ़कने के कारण व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया और हिलने-डुलने में पूरी तरह असमर्थ हो गया। घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों और स्थानीय प्रशासन में हड़कंप मच गया।
DCR रुद्रप्रयाग से सोनप्रयाग पोस्ट को मिली सूचना
प्राप्त आधिकारिक विवरण के अनुसार, जिला आपदा नियंत्रण कक्ष (DCR) रुद्रप्रयाग को स्थानीय स्तर पर इस हादसे की जानकारी मिली। मामले की गंभीरता को देखते हुए DCR ने तुरंत SDRF पोस्ट सोनप्रयाग को आपातकालीन संदेश फ्लैश किया। सूचना मिलते ही सोनप्रयाग में तैनात SDRF की रेस्क्यू टीम बिना एक पल गंवाए एक्शन मोड में आ गई। टीम का नेतृत्व उप निरीक्षक आशीष डिमरी कर रहे थे। जवान अपने साथ स्ट्रेचर, लाइफ सपोर्ट सिस्टम, रोप (रस्सियां) और अन्य आधुनिक पर्वतारोहण रेस्क्यू उपकरण लेकर तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना हुए।
बेहद कठिन और जोखिम भरा था रेस्क्यू ऑपरेशन
घटनास्थल पर पहुंचने के बाद SDRF की टीम ने देखा कि खाई बेहद गहरी, खड़ी और फिसलन भरी थी। पहाड़ी से लगातार छोटे पत्थरों के गिरने का खतरा भी बना हुआ था। ऐसे दुर्गम हालातों में खाई के नीचे उतरना बेहद चुनौतीपूर्ण था, लेकिन जांबाज जवानों ने हौसला नहीं खोया।
  • उप निरीक्षक आशीष डिमरी के दिशा-निर्देशन में जवानों ने सबसे पहले ऊपर मजबूत चट्टानों के सहारे एंकर बनाया।
  • इसके बाद हाई-टेक रोप रेस्क्यू तकनीक (Rope Rescue Technique) का उपयोग करते हुए एक जवान रस्सी के सहारे गहरी खाई में नीचे उतरा।
  • नीचे पहुंचने पर पाया गया कि अत्यधिक चोटें लगने के कारण घायल व्यक्ति दर्द से कराह रहा था और खुद से उठने की स्थिति में नहीं था।
स्ट्रेचर के सहारे मुख्य मार्ग तक लाया गया घायल
SDRF के जवान ने खाई के नीचे ही घायल व्यक्ति को ढांढस बंधाया और उसे प्राथमिक सुरक्षा कवच पहनाया। इसके बाद ऊपर मौजूद टीम के अन्य सदस्यों ने बड़ी सावधानी से स्ट्रेचर को नीचे उतारा। घायल व्यक्ति को स्ट्रेचर पर पूरी तरह सुरक्षित तरीके से बेल्ट के माध्यम से बांधा गया, ताकि ऊपर खींचते समय वह असंतुलित न हो। इसके बाद पहाड़ी के ऊपर खड़े जवानों ने आपसी समन्वय और पूरी ताकत से रस्सी को खींचकर घायल व्यक्ति को सुरक्षित मुख्य मार्ग तक पहुंचाया।
अस्पताल में कराया गया भर्ती
खाई से सुरक्षित बाहर निकाले जाने के बाद, SDRF की टीम ने स्थानीय पुलिस और स्वास्थ्य कर्मियों की मदद से घायल को तुरंत एम्बुलेंस तक पहुंचाया। व्यक्ति को बेहतर इलाज के लिए नजदीकी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र/अस्पताल भेजा गया है, जहां डॉक्टरों की टीम उसकी देखरेख कर रही है। समय पर मिले रेस्क्यू और त्वरित चिकित्सा सहायता के कारण घायल व्यक्ति की जान बच सकी। स्थानीय जनता और वहां मौजूद तीर्थयात्रियों ने SDRF उत्तराखंड पुलिस की इस जांबाजी और तत्परता की जमकर सराहना की है।
प्रशासन की यात्रियों से सुरक्षित यात्रा की अपील
चारधाम यात्रा के इस पीक सीजन में केदारनाथ मार्ग पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। इस घटना के बाद रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन और उत्तराखंड पुलिस ने सभी यात्रियों से अत्यधिक सावधानी बरतने की अपील की है।
  1. यात्रा मार्ग पर चलते समय केवल निर्धारित रास्तों और ट्रैक का ही उपयोग करें।
  2. खतरनाक मोड़ों, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों या गहरी खाई वाले किनारों पर खड़े होकर सेल्फी लेने या तस्वीरें खींचने की गलती बिल्कुल न करें।
  3. पहाड़ियों पर पैदल चलते समय उचित ग्रिप वाले जूते पहनें और किसी भी आपातकालीन स्थिति में तुरंत नजदीकी पुलिस चौकी या SDRF सहायता केंद्र को सूचित करें।

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