16 मई 2026 को उत्तराखंड की ब्यूरोक्रेसी और सत्ता के गलियारे से एक बड़ी खबर सामने आई है। राजधानी देहरादून में उत्तराखंड सचिवालय संघ के बहुप्रतीक्षित और प्रतिष्ठापूर्ण त्रैवार्षिक चुनाव के नतीजे कल देर रात घोषित कर दिए गए। इस ऐतिहासिक और बेहद रोमांचक मुकाबले में दीपक जोशी ने इतिहास रचते हुए चौथी बार अध्यक्ष पद पर शानदार जीत हासिल की है, जबकि उनके पैनल से राजेंद्र रतूड़ी नए महासचिव चुने गए हैं। चुनाव परिणाम घोषित होते ही नवनिर्वाचित पदाधिकारियों के समर्थकों में जश्न का माहौल है और सचिवालय परिसर ढोल-नगाड़ों की थाप से गूंज उठा।
देहरादून (मुख्य समाचार):
उत्तराखंड राज्य के नीति-निर्धारण के मुख्य केंद्र ‘सचिवालय’ में कर्मचारियों की सबसे बड़ी और प्रभावशाली संस्था, उत्तराखंड सचिवालय संघ के चुनाव शुक्रवार, 15 मई 2026 को पूरी लोकतांत्रिक प्रक्रिया के साथ संपन्न हुए। इस बार के चुनाव में सत्ता पक्ष और विपक्षी गुटों के बीच बेहद कांटे की टक्कर देखने को मिली। चुनाव अधिकारियों द्वारा देर रात जारी किए गए आधिकारिक नतीजों के मुताबिक, अध्यक्ष पद के कद्दावर उम्मीदवार दीपक जोशी ने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी प्रदीप पपनै को 109 मतों के भारी अंतर से शिकस्त देकर फिर से संघ की कमान अपने हाथों में ले ली है। वहीं, संगठन को मजबूती देने वाले महत्वपूर्ण महासचिव पद पर राजेंद्र रतूड़ी ने भारी मतों से विजय पताका फहराई है।
उत्तराखंड राज्य के नीति-निर्धारण के मुख्य केंद्र ‘सचिवालय’ में कर्मचारियों की सबसे बड़ी और प्रभावशाली संस्था, उत्तराखंड सचिवालय संघ के चुनाव शुक्रवार, 15 मई 2026 को पूरी लोकतांत्रिक प्रक्रिया के साथ संपन्न हुए। इस बार के चुनाव में सत्ता पक्ष और विपक्षी गुटों के बीच बेहद कांटे की टक्कर देखने को मिली। चुनाव अधिकारियों द्वारा देर रात जारी किए गए आधिकारिक नतीजों के मुताबिक, अध्यक्ष पद के कद्दावर उम्मीदवार दीपक जोशी ने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी प्रदीप पपनै को 109 मतों के भारी अंतर से शिकस्त देकर फिर से संघ की कमान अपने हाथों में ले ली है। वहीं, संगठन को मजबूती देने वाले महत्वपूर्ण महासचिव पद पर राजेंद्र रतूड़ी ने भारी मतों से विजय पताका फहराई है।
रिकॉर्ड तोड़ 94 प्रतिशत से अधिक मतदान
शुक्रवार सुबह 10:00 बजे जैसे ही सचिवालय परिसर में मतदान की प्रक्रिया शुरू हुई, कर्मचारियों में अभूतपूर्व उत्साह देखा गया।
- क्या अधिकारी और क्या कर्मचारी, सभी ने अपनी रोजमर्रा की फाइलों और सरकारी कार्यों को निपटाने के साथ-साथ लोकतंत्र के इस उत्सव में हिस्सा लिया।
- दोपहर तक मतदान केंद्रों पर लंबी-लंबी कतारें देखी गईं।
- मुख्य चुनाव अधिकारी के अनुसार, शाम को मतदान बंद होने तक कुल 94 प्रतिशत से ज्यादा रिकॉर्ड मतदान दर्ज किया गया, जो सचिवालय संघ के इतिहास में सबसे अधिक है।
शाम को शुरू हुई मतगणना और देर रात आए नतीजे
मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से समाप्त होने के ठीक बाद, शाम 4:30 बजे से भारी सुरक्षा और प्रत्याशियों के एजेंटों की मौजूदगी में वोटों की गिनती (मतगणना) शुरू की गई। हर राउंड की गिनती के साथ ही धड़कनें बढ़ती जा रही थीं। शुरुआती रुझानों से ही दीपक जोशी और राजेंद्र रतूड़ी के पैनल ने अपने प्रतिद्वंदियों पर बढ़त बनानी शुरू कर दी थी। देर रात जैसे ही अंतिम दौर के परिणाम घोषित हुए, वैसे ही जोशी के समर्थकों ने उन्हें कंधों पर उठा लिया और फूलों की बारिश कर जीत का स्वागत किया।
नई कार्यकारिणी के अन्य विजेता पदाधिकारी
मुख्य चुनाव समिति द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, अध्यक्ष और महासचिव के अलावा अन्य महत्वपूर्ण पदों पर भी नई टीम का चयन हुआ है:
- वरिष्ठ उपाध्यक्ष: राकेश चंद्र जोशी ने अपने प्रतिद्वंदी को हराकर जीत हासिल की।
- उपाध्यक्ष: संजय कुमार शर्मा को संघ का नया उपाध्यक्ष चुना गया है।
- महिला उपाध्यक्ष: महिला कर्मियों की आवाज बुलंद करने के लिए प्रमिला टम्टा विजयी रहीं।
- महासचिव: राजेंद्र रतूड़ी के साथ-साथ अतुल कुमार सिंह ने भी इस पद पर अपनी जगह पक्की की।
- संयुक्त सचिव: दिव्यांशु डोभाल और सुरेंद्र सिंह रावत संयुक्त सचिव पद पर निर्वाचित घोषित किए गए।
- सम्प्रेक्षक (Auditor): रीना मखन्वाल ने सम्प्रेक्षक के पद पर भारी मतों से जीत दर्ज की।
जीत के बाद अध्यक्ष दीपक जोशी और महासचिव राजेंद्र रतूड़ी का बड़ा संकल्प
चौथी बार सचिवालय संघ के अध्यक्ष पद की शपथ लेने से पहले दीपक जोशी ने सभी मतदाताओं और सचिवालय कर्मियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा, “यह जीत मेरी नहीं, बल्कि सचिवालय के प्रत्येक कर्मचारी के विश्वास की जीत है। हमारे कर्मचारियों से जुड़े कई लंबित मामले, जैसे पदोन्नति (Promotions), एसीपी विसंगतियां और नई सेवा नियमावली, काफी समय से सरकार के समक्ष लंबित हैं।”
वहीं, नवनिर्वाचित महासचिव राजेंद्र रतूड़ी ने कहा कि नई टीम पूरी तरह सक्रिय भूमिका निभाएगी। उन्होंने कहा, “कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए अब हम सरकार और मुख्य सचिव के समक्ष पूरी ताकत और प्रभावी ढंग से पैरवी करेंगे। सचिवालय के संवर्गों के हितों से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं किया जाएगा और जल्द ही एक शिष्टमंडल मुख्यमंत्री से मिलकर अपनी मांगों का चार्टर सौंपेगा।”