रिपोर्ट के अनुसार, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा राष्ट्र के नाम दिए गए आह्वान को देवभूमि में एक जन आंदोलन का रूप देने का संकल्प लिया है। प्रधानमंत्री ने ऊर्जा संरक्षण, स्वदेशी उत्पादों को अपनाने और आत्मनिर्भर भारत की नींव मजबूत करने की अपील की है, जिसे मुख्यमंत्री ने राज्य के प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी बताया है।
आत्मनिर्भरता की ओर बड़े कदम
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री का यह संदेश केवल आर्थिक बचत तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक सशक्त और समर्थ भारत के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने विश्वास जताया कि उत्तराखंड की जनता, जो सदैव राष्ट्रहित में अग्रणी रही है, इस अभियान में अपना पूर्ण सहयोग देगी।
मुख्यमंत्री द्वारा किए गए प्रमुख आह्वान:
मुख्यमंत्री ने राज्यवासियों से कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर सहयोग मांगा है, ताकि इस आह्वान को धरातल पर उतारा जा सके:
    • ऊर्जा संरक्षण: अनावश्यक बिजली की खपत को कम करना और ऊर्जा संसाधनों की बचत को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाना।
    • स्वदेशी को प्राथमिकता: ‘वोकल फॉर लोकल’ मंत्र को अपनाते हुए स्थानीय और स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देना।
    • सार्वजनिक परिवहन का उपयोग: पेट्रोल और डीजल की खपत कम करने के लिए निजी वाहनों के बजाय सार्वजनिक परिवहन को प्राथमिकता देना।
    • प्राकृतिक खेती: रसायनों के स्थान पर प्राकृतिक खाद का उपयोग कर पर्यावरण और स्वास्थ्य की रक्षा करना।
    • खर्चों में संयम: अनावश्यक विदेशी यात्राओं से बचना और कम से कम एक वर्ष तक सोने के आभूषणों की खरीद से परहेज करना ताकि देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिले।

देवभूमि की विशेष भूमिका
मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि विकसित उत्तराखंड ही विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने में सहायक होगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार “विकल्प रहित संकल्प” के साथ काम कर रही है और “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” जैसे अभियानों के माध्यम से सुशासन को गांव-गांव तक पहुंचाया जा रहा है।
अंत में, उन्होंने अपील की कि यह अभियान केवल सरकारी प्रयासों से सफल नहीं हो सकता, इसके लिए हर नागरिक को अपने स्तर पर योगदान देना होगा। उत्तराखंड की जनता की सहभागिता ही इस संकल्प को सिद्धि तक पहुंचाएगी।

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