उत्तराखंड में रोडवेज बसों से सफर करने वाले यात्रियों के लिए बड़ी खबर है। कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर 30 अक्टूबर 2026, शुक्रवार से प्रदेशव्यापी अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार करने का ऐलान किया है। ऐसे में प्रदेश के विभिन्न डिपो से बसों का संचालन प्रभावित होने की आशंका है। खासकर दिल्ली, हरिद्वार, ऋषिकेश, हल्द्वानी, नैनीताल और अन्य प्रमुख मार्गों पर यात्रा करने वाले यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
29 अक्टूबर की रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तरांचल रोडवेज कर्मचारी यूनियन और परिवहन निगम प्रबंधन के बीच हुई करीब साढ़े तीन घंटे की वार्ता बेनतीजा रही। इसके बाद यूनियन ने शुक्रवार से हड़ताल पर जाने का फैसला बरकरार रखा।
वार्ता विफल होने के बाद हड़ताल पर अड़े कर्मचारी
उत्तरांचल रोडवेज कर्मचारी यूनियन लंबे समय से वेतन भुगतान, संविदा कर्मचारियों के अधिकारों और परिवहन निगम की कार्यप्रणाली से जुड़ी मांगें उठा रही है। कर्मचारियों का कहना है कि मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होने के कारण उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ रहा है।
29 अक्टूबर को परिवहन निगम की प्रबंध निदेशक रीना जोशी की अध्यक्षता में कर्मचारी प्रतिनिधियों और प्रबंधन के बीच वार्ता हुई। करीब साढ़े तीन घंटे तक चली इस बैठक में सहमति नहीं बन सकी। इसके बाद कर्मचारियों ने 30 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार शुरू करने की घोषणा की।
कर्मचारियों की क्या हैं प्रमुख मांगें?
रोडवेज कर्मचारियों ने वेतन और सेवा संबंधी कई मुद्दों को लेकर आंदोलन का ऐलान किया है। उनकी प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं:
1. तीन महीने के लंबित वेतन का भुगतान
कर्मचारी अगस्त, सितंबर और अक्टूबर के वेतन का भुगतान करने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि समय पर वेतन नहीं मिलने से उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
2. हर महीने की 7 तारीख तक वेतन मिले
यूनियन की मांग है कि परिवहन निगम के सभी कर्मचारियों को प्रत्येक महीने की सात तारीख तक वेतन दिया जाए, ताकि कर्मचारियों को नियमित आय के लिए इंतजार न करना पड़े।
3. संविदा कर्मचारियों को समान काम का समान वेतन
कर्मचारी संविदा और विशेष श्रेणी के कर्मचारियों के लिए समान कार्य के बदले समान वेतन लागू करने की मांग कर रहे हैं। इसके साथ ही संविदा कर्मचारियों को निगम का नियमित कर्मचारी घोषित करने और उनकी सेवा संबंधी समस्याओं का समाधान करने की मांग भी शामिल है।
4. निजी बसों को दिए जा रहे रूट परमिट पर सवाल
यूनियन ने आरोप लगाया है कि रोडवेज के निर्धारित मार्गों पर निजी बसों को परमिट दिए जाने से परिवहन निगम की आय प्रभावित हो रही है। कर्मचारियों की मांग है कि इस व्यवस्था की समीक्षा की जाए।
5. पुरानी बसों की स्थिति में सुधार
कर्मचारियों ने परिवहन निगम की पुरानी बसों की खराब स्थिति पर भी चिंता जताई है। उनका कहना है कि बसों की हालत सुधारना जरूरी है, ताकि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
इन मांगों को लेकर यूनियन ने प्रबंधन पर जल्द निर्णय लेने का दबाव बनाया है।
दिल्ली, हरिद्वार और ऋषिकेश समेत कई मार्गों पर पड़ सकता है असर
हड़ताल का सबसे अधिक असर उन यात्रियों पर पड़ सकता है जो रोजाना नौकरी, पढ़ाई, कारोबार या अन्य जरूरी कामों के लिए रोडवेज बसों से सफर करते हैं।
संभावित रूप से प्रभावित होने वाले प्रमुख मार्गों में शामिल हैं:
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देहरादून से दिल्ली और मेरठ
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हरिद्वार से दिल्ली और देहरादून
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ऋषिकेश से दिल्ली और हरिद्वार
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हल्द्वानी से दिल्ली और देहरादून
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नैनीताल से प्रमुख मैदानी शहरों के मार्ग
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टनकपुर, काशीपुर, रुद्रपुर और अन्य क्षेत्रीय मार्ग
हालांकि, इन सभी मार्गों पर बसें पूरी तरह बंद होने की पुष्टि उपलब्ध रिपोर्टों से नहीं होती। वास्तविक प्रभाव कर्मचारियों की भागीदारी और वैकल्पिक संचालन व्यवस्था पर निर्भर करेगा।
23 अक्टूबर को कर्मचारियों के एक दिवसीय कार्य बहिष्कार के दौरान भी प्रदेश में बस संचालन प्रभावित हुआ था। रिपोर्ट के अनुसार, कर्मचारी संगठन ने उस दिन 60 प्रतिशत से अधिक बस संचालन प्रभावित होने की बात कही थी।
यात्रियों को क्या करना चाहिए?
यदि आप 30 अक्टूबर या उसके बाद उत्तराखंड रोडवेज की बस से यात्रा करने की योजना बना रहे हैं, तो कुछ सावधानियां बरतना बेहतर होगा।
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बस अड्डे पर निकलने से पहले संबंधित डिपो से बस के संचालन की जानकारी लें।
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दिल्ली, मेरठ, चंडीगढ़ या अन्य लंबी दूरी के लिए यात्रा करने से पहले वैकल्पिक परिवहन की योजना रखें।
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जरूरी यात्रा के लिए अतिरिक्त समय लेकर चलें।
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बसों की उपलब्धता की पुष्टि किए बिना केवल ऑनलाइन समय-सारणी पर निर्भर न रहें।
कब तक चलेगी हड़ताल?
कर्मचारियों ने हड़ताल को अनिश्चितकालीन बताया है। इसका मतलब है कि आंदोलन समाप्त करने के लिए कोई निश्चित तारीख घोषित नहीं की गई है। हड़ताल कब समाप्त होगी, यह कर्मचारियों की मांगों पर होने वाली आगे की बातचीत और प्रबंधन की कार्रवाई पर निर्भर करेगा।